World Polio Day: पोलियो क्या है? कारण और रोकथाम

पोलियो world polio day

विश्व पोलियो दिवस (World Polio Day) पूरे विश्व में हर साल 24 अक्टूबर को मनाया जाता है। जोनास सॉक ने पोलियो के खिलाफ़ वैक्सीन का विकास किया था उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए यह दिन मनाया जाता है।

इस दिवस को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य पोलियो जैसी बीमारी के विषय में लोगों में जागरूकता फैलाना है। पोलियो एक संक्रामक बीमारी है, जो पूरे शरीर को प्रभावित करती है।

इस बीमारी का शिकार ज्यादातर बच्चे होते हैं। पोलियो को ‘पोलियोमाइलाइटिस’ या ‘शिशु अंगघात’ भी कहा जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिससे कई राष्ट्र बुरी तरह से प्रभावित हो चुके हैं। हालांकि विश्व के अधिकतर देशों से पोलियो पूरी तरह से खत्म हो चुका है, लेकिन अभी भी विश्व के कई देशों से यह बीमारी खत्म नहीं हो पाई है।

पोलियो क्या है? (What is Polio)

  • पोलियो एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रामक है तथा ज्यादा गंभीर मामलों में सांस लेने में कठिनाई भी हो सकती है।
  • यह रोग वन्य पोलियो वायरस के कारण होता है।
  • यह वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में मल के माध्यम से फैलता है या बेहद कम स्तर पर सामान्य माध्यमों (जैसे कि दूषित भोजन एवं पानी) के माध्यम से फैलता है तथा आंत में पनपता है।
  • यह रोग 5 वर्ष की आयु से कम उम्र के सभी बच्चों को प्रभावित करता है।
  • यदि एक बच्चा भी पोलियो से संक्रमित होता है, तो देश के सभी बच्चों को पोलियो से पीड़ित होने का ख़तरा होता हैं।
  • पोलियो को केवल रोका जा सकता है।
  • पोलियो वैक्सीन की निर्धारित खुराक से बच्चे को जीवन भर के लिए पोलियो से सुरक्षित किया जा सकता है।
  • पोलियो दो तरह के टीकाकरण सुरक्षित करता हैं। पहला मौखिक टीका, जिसे मौखिक तौर पर यानि कि दवाई के रूप में पिलाया जाता है तथा दूसरा निष्क्रिय पोलियो वायरस टीका, जिसे रोगी की उम्र के आधार पर हाथ या पैर में लगाया जाता है।

पोलियो के लक्षण (Symptoms of Polio)

पोलियो की बीमारी में मरीज़ की स्थिति वायरस की तीव्रता पर निर्भर करती है। अधिकतर स्थितियों में पोलियो के लक्षण ‘फ्लू’ जैसै होते हैं, लेकिन इसके कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं।

  1. पेट में दर्द होना।
  2. उल्टियां आना।
  3. गले में दर्द
  4. सिर में तेज़ दर्द।
  5. तेज़ बुखार
  6. खाना निगलने में कठिनाई होना।
  7. जटिल स्थितियों में हृदय की मांस-पेशियों में सूजन आ जाना।
  8. बाहों या पैरों में दर्द या ऐंठन।
  9. गर्दन और पीठ में ऐंठन।

पोलियो के कारण (Reasons of Polio)

पोलियो वायरस प्राथमिक (Primary) रूप से मल-मौखिक मार्ग के माध्यम से फैलता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ स्वच्छता सही से नहीं होती। पोलियो वायरस दूषित पानी और भोजन या वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के साथ सीधे संपर्क में आने से फैल सकता है। यह संक्रमित व्यक्ति के साथ रहने वाले व्यक्ति के संक्रमित होने की संभावना है। पोलियो वायरस से संक्रमित लोग इसे हफ़्तों तक अपने मल के माध्यम से फैला सकते हैं। 

संक्रमित मल के पास आने वाली कोई भी वस्तु जैसे खिलौने आदि भी वायरस प्रसारित कर सकते हैं क्योंकि वायरस गले और आंतों में मौजूद होता है, कभी-कभी यह छींक या खांसी के माध्यम से भी फैल सकता है। हालांकि यह काफी दुर्लभ है। बहते पानी या फ्लश शौचालय तक सीमित पहुँच वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग अक्सर अस्वच्छ पानी और गंदे पानी का इस्तेमाल करके पोलियो से ग्रसित हो जाते हैं। 

गर्भवती महिलाऐं, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग जैसे जो लोग एचआईवी पॉजिटिव होते हैं और छोटे बच्चे पोलियो वायरस के प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं।

यदि आपने वैक्सीन नहीं लगवाई है, तो आपका पोलियो से संक्रमित होने का जोखिम बढ़ सकता है अगर आप

  1. ऐसी जगह रहते है जहाँ यात्रा करने वाले लोग रहते है या यात्रा कर रहे हैं जहाँ हाल ही में किसी को पोलियो हुआ है। 
  2. ऐसे लोग जो पोलियो से संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करते हैं या उनके साथ रहते हैं।  
  3. जो लोग लेबोरेटरी में संक्रमित नमूने की जांच कर रहे हैं।  
  4. अगर आपके द्वारा टॉन्सिल्स को सर्जरी द्वारा निकाला जा रहा हो।
  5. अगर आप वायरस के संपर्क में आने के बाद अत्यधिक तनाव या भारी गतिविधियों में हिस्सा लिया है।  

पोलियो की रोकथाम (Prevention from Polio)

पोलियो के लिए उपचार उपलब्ध नहीं है। इस रोग को केवल टीकाकरण के माध्यम से रोका जा सकता है। यह जीवनभर बच्चे की रक्षा करता हैं।

पोलियो का खतरा कहाँ-कहाँ से हो सकता है?

  • दूषित पानी के सेवन से पोलियो का खतरा होता है।
  • गंदे पानी में तैरने से पोलियो वायरस का संक्रमण हो सकता है।
  • युवाओं की तुलना में बच्चों में इस बीमारी के फैलने की संभावना अधिक होती है।
  • पोलियो जैसी बीमारी व्यक्ति के संपूर्ण जीवन को प्रभावित करती है, इस बीमारी के प्रति जागरूक रहें और बच्चों का समय पर टीकाकरण ज़रूर करवाएं।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है।अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐप डाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ  डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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