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World Cancer Day 2021: जानें कैंसर के लक्षण और कैसे करें बचाव

World Cancer Day 2021: जानें कैंसर के लक्षण और कैसे करें बचाव

दुनियाभर में 04 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) मनाया जाता है। इसकी 2021 की थीम  ‘I Am and I Will’ रखी गई है जिसका मतलब सब में कैंसर से लड़ने की क्षमता है।

आइये जानते है अलग-अलग तरह के कैंसर के लक्षण और उनसे कैसे करें बचाव। इस विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) पर हम आपको सबसे पहले बताते है मुँह के कैंसर के बारे में।

भारत में मुँह के कैंसर के कई मामले पाए जाते है। इसके पीछे कई कारण है जैसे गुटका, पान मसाला आदि का अधिक सेवन करना। लेकिन इसके और भी कई कारण है। आइये जानते है मुँह के कैंसर के लक्षण, कारण और बचाव।

World Cancer Day: मुँह का कैंसर:

mouth cancer

मुँह के कैंसर का लक्षण:

  • कैंसर के शुरूआती दौर में मुँह के अंदर सफेद छाले या छोटे-छोटे घाव हो जाना।
  • मुँह से दुर्गंध आना, आवाज में बदलाव आना, कुछ निगलने में तकलीफ होना।
  • मुँह में घाव होना, सूजन आना, लार में खून निकलना, जलन होना, सुन्न पड़ना, मुँह में दर्द होना।
  • मुँह के अंदर कहीं पर भी गांठ महसूस होना।

मुँह के कैंसर का कारण:

मुँह के कैंसर के कारण कई हो सकते है।

  • तम्बाकू, सिगरेट, पान मसाला, पान, गुटखा आदि का सेवन करना।
  • शराब का अधिक सेवन करना।
  • ओरल सेक्स
  • मुँह की सफाई सही से नहीं करना।

मुँह के कैंसर का बचाव:

  • धूम्रपान और नशे से दूरी बनाकर रखें।
  • जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, डिब्बा बंद चीजों का कम से कम सेवन करें।
  • मुँह के अंदर किसी भी प्रकार का बदलाव दिख रहा हो या फिर मुँह में होने वाली समस्या सही ना हो रही हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।

आइये अब आपको सर्वाइकल कैंसर के बारे में बताते है। यह महिलाओं में होने वाला आम कैंसर है। आइये विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) पर हम आपको सर्वाइकल कैंसर के लक्षण, कारण और बचाव बताते है।

World Cancer Day: सर्वाइकल कैंसर:

Cervical Cancer

सर्वाइकल एरिया में होने की वजह से इसे सर्वाइकल कैंसर कहते हैं। ये गर्भाश्य में कोशिकाओं के अनियमित बढ़ोतरी की वजह से होता है। कई बार ये ह्यूमन पैपीलोमा वायरस यानि एचपीवी के कारण भी होता है।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण:

  • सर्वाइकल कैंसर में कई बार योनि से असामान्य तरीके से ब्लीडिंग होना।
  • शारीरिक संबंध बनाते समय ब्लड आना या तेज़ दर्द होना।
  • वेजाइना से अक्सर व्हाइट बदबूदार डिस्चार्ज होना।
  • पीरियड के वक्त काफी ज्यादा दर्द होना।
  • पेशाब की थैली में भी दर्द होना

सर्वाइकल कैंसर के कारण:

  • बहुत कम आयु में विवाह होना।
  • दो से अधिक बच्चे होना।
  • व्यक्तिगत/ मासिक धर्म से संबन्धित स्वच्छता का अभाव रहना।
  • धूम्रपान करना।
  • एक से अधिक व्यक्ति से यौन संबंध होना।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव:

  • कंडोम के बिना कई व्यक्तियों के साथ यौन संबंध ना बनाए।
  • हर तीन वर्ष में एक पैप टेस्ट करवाएं।
  • धूम्रपान छोड़ें क्योंकि सिगरेट में निकोटीन और अन्य घटकों को रक्त की धारा से गुजरना पड़ता है और यह सब गर्भाश्य-ग्रीवा (Uterine-Cervix) में जमा होता है, जहाँ वे ग्रीवा कोशिकाओं के विकास में बाधक बनते हैं।
  • फल, सब्जियाँ और पूर्ण अनाज से समृद्ध स्वस्थ आहार खाएं, मगर मोटा होने से बचें।
  • इसका टीकाकरण करवाएं। इसे भी पोलियो के टीके की तरह ही आप कम उम्र में भी लें सकती है, लेकिन इससे पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

महिलाओं में मिलने वाले कैंसर में ओवेरियन कैंसर आठवां सबसे आम कैंसर है। आइये विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) पर आपको तीसरे कैंसर के बारे में बताते है जो है ओवेरियन कैंसर। आइये जानते है ओवेरियन कैंसर के लक्षण, कारण और बचाव।

World Cancer Day: ओवेरियन कैंसर:

ovarian cancer 1

ओवेरियन कैंसर के लक्षण:

  • पैल्विस या कमर में दर्द होना।
  • शरीर के निचले हिस्से में दर्द होना।
  • पेट और पीठ में दर्द होना।
  • अपच की समस्या होना।
  • कम खाकर भी पेट भरा हुआ महसूस होना।
  • बार-बार यूरिन आना।
  • यौन संबंध बनाते समय दर्द होना।
  • मल त्याग की आदतों में बदलाव होना।

ओवेरियन कैंसर के कारण:

ज्यादा उम्र होना: ओवेरियन कैंसर होने की कोई उम्र नहीं होती लेकिन जिन महिलाओं को मेनोपॉज हो गया है उन्हें ओवेरियन कैंसर का खतरा ज्यादा होता है।

मोटापा होना: ओवेरियन कैंसर होने का एक बड़ा कारण मोटापा है। मोटी महिलाओं के लिए यह ज्यादा खतरनाक बीमारी है।

ओवेरियन कैंसर से बचाव:

  • ब्रेस्ट फीडिंग करवाने से ओवेरियन कैंसर और फैलोपियन ट्यूब के कैंसर का खतरा कम हो जाता है। सही समय पर बच्चे होने से इस कैंसर का रिस्क घट जाता है।
  • जिन महिलाओं का हिस्टेरेक्टॉमी या ट्यूब लाइगेशन हुआ हो, उन्हें भी इस कैंसर का खतरा कम होता है। स्वास्थ्य दिनचर्या को अपनाकर भी हम इस कैंसर से बच सकते हैं।

World Cancer Day: कोलोरेक्टल कैंसर:

Colorectal cancer

बड़ी आंत के कैंसर को कोलन या कोलोरेक्टल कैंसर भी कहते है। यह कैंसर बड़ी आंत (कोलन) या रैक्टम (गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल के अंतिम भाग) में होता है। दुनियाभर में यह कैंसर तेजी से फैल रहा है। आइये जानते है कोलोरेक्टल कैंसर के लक्षण, कारण और बचाव।

आइये इस विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) पर हम आपको कोलोरेक्टल कैंसर के बारे में बताते है।

कोलोरेक्टल कैंसर के लक्षण:

  • मल त्याग की आदतों में परिवर्तन आना।
  • लगातार कमजोरी या थकान महसूस होना और भूख ना लगना।
  • वजन कम होना
  • हीमोग्लोबिन में कमी (एनीमिया) आना।
  • पेट में दर्द या बेचैनी होना।
  • मल में लाल या काले रंग का खून का धब्बा जमना।

कोलोरेक्टल कैंसर के कारण:

  • वृद्धावस्था।
  • पश्चिमी आहार (अत्यधिक वसायुक्त आहार, लाल मांस और प्रोसेस्ड मांस से भरपूर आहार; कम फाइबर वाला आहार) लेना।
  • कोलोरेक्टल पॉलीप्स का इतिहास (एडिनोमेटस पॉलीप, बड़े पॉलीप्स और अनेक पॉलीप्स) रहना।
  • कोलोरेक्टल कैंसर का पारिवारिक इतिहास होना।
  • कोलोरेक्टल कैंसर का पिछला इतिहास होना।
  • मधुमेह (डायबिटीज) होना।
  • मोटापा होना।
  • धूम्रपान और शराब का सेवन करना।

कोलोरेक्टल कैंसर से बचाव:

  • वजन नियंत्रित रखें।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यायाम करें।
  • एक स्वस्थ आहार खाएं जो विशेष रूप से रेशेदार फल, सब्जियों और साबुत अनाज से समृद्ध हो।
  • धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से बचें।
  • शराब का सेवन न करें।

World Cancer Day: ब्रेस्ट कैंसर:

Breast cancer

आज महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर ब्रेस्ट कैंसर है। आइये इस विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) पर ब्रेस्ट कैंसर के बारे में बताएंगे। ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आइये जानते है ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण, कारण और बचाव।

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण:

  • स्तन या बगल में गांठ बनना।
  • स्तन के निप्पल से खून आना।
  • स्तन की त्वचा पर नारंगी धब्बे पड़ना।
  • स्तन में दर्द होना, गले या बगल में लिम्फ नोड्स के कारण सूजन होना।
  • 55 साल की उम्र के बाद मीनोपॉज होना।
  • परिवार में पहले से ही किसी को स्तन कैंसर होना।  
  • ज्यादा शराब पीना।
  • ज्यादा गर्भनिरोधक गोली का सेवन करना।

ब्रेस्ट कैंसर के कारण:

बढ़ती उम्र: स्तन का खतरा उम्र के साथ बढ़ता है।

जेनेटिक्स की वजह: यदि किसी रिश्तेदार को ब्रेस्ट कैंसर हुआ है जिसका आपके साथ खून का रिश्ता हो, तो व्यक्ति में ब्रेस्ट कैंसर विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है।

स्तन कैंसर या स्तन गांठ का इतिहास रहना: जिन महिलाओं का पहले स्तन कैंसर का निदान किया गया था, उनमें इस बीमारी के होने की संभावना ज्यादा होती है।

एस्ट्रोजन और स्तनपान के लिए एक्सपोजर होना: एस्ट्रोजन के लिए विस्तारित जोखिम ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है।

ब्रेस्ट कैंसर से बचाव:

  • एक्सरसाइज और योग को नियमित करें।
  • नमक का अत्यधिक सेवन ना करें।
  • रेड मीट के अधि‍क सेवन से बचें।
  • सूर्य के तेज किरणों के प्रभाव से बचें अधिक मात्रा में धूम्रपान और नशीले पदार्थों का सेवन ना करें। गर्भनिरोधक गोलियों का लगातार सेवन करने से पहले चिकित्सकीय परामर्श लें।

डिस्क्लेमर: विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) पर हमने आपको कैंसर से संबंधित कुछ सामान्य जानकारी दे दी है लेकिन ज्यादा परेशानी होने पर उससे निदान पाने के लिए आप आयु ऐप पर हमारे विशेषज्ञ डॉक्टर से ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेशन ले सकते है। इसके साथ ही आप आयु ऐप डाउनलोड करके रोजाना सेहत की बातें पढ़ सकते है और टेलीमेडिसिन की सुविधा घर बैठें प्राप्त कर सकते हैं।

किसी भी अन्य स्वास्थ्य समस्या की जानकारी के लिए आप हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके एक्सपर्ट डॉक्टर से परामर्श पा सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट medcords.com पर जानकारी पा सकते है।

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    G K Mehra 9 months

    Very Nice Informative Text to be implemented in day to day life. Thanks

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