Corona update: WHO ने बताए गर्भवती महिलाओं को कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के उपाय

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वैश्विक महामारी का रूप ले चुका कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। WHO के मुताबिक भारत समेत दुनिया के 195 देशों में कोरोना वायरस दस्तक दे चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की तरफ से कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगातार जरूरी दिशा-निर्देश जारी किये जा रहे हैं। डब्ल्यूएचओ ने अब कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए गर्भवती महिलाओं या हाल में बच्चों को जन्म देने जा रही महिलाओं समेत नवजात बच्चों और मां का दूध पीने वाले बच्चों के लिए आवश्यक सूचना जारी की है।

गर्भवती महिलाओं को क्यों है कोरोना वायरस का ज्यादा खतरा

इस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि कोरोना वायरस से गर्भवती महिलाओं को होने वाले खतरे को लेकर भी बहुत से शोध चल रहे हैं। फिलहाल डाटा बहुत सीमित है, लेकिन अभी ऐसा कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है जिसके आधार पर ये कहा जा सके कि कोरोना वायरस से गर्भवती महिलाओं को ज्यादा खतरा है। उन्हें भी इस वायरस से उतना ही खतरा है, जितना की किसी आम इंसान को है।

हालांकि गर्भवास्था के दौरान महिलाओं के शरीर और प्रतिरोधक सिस्टम में काफी परिवर्तन होता है, ऐसे में उनमें फेफड़े के इंफेक्शन (Respiratory Infections) का खतरा काफी ज्यादा रहता है। इसे देखते हुए गर्भवती महिलाओं को ये सलाह दी जाती है कि वह कोरोना वायरस से बचाव के लिए ज्यादा सावधानी बरतें। 

कोरोना वायरस से कैसे सुरक्षित रहें ?

ड्ब्ल्यूएचओ (WHO) के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को भी वही सावधानियां बरतनी हैं, जो कि किसी अन्य व्यक्ति के लिए जरूरी हैं। नीचे दिए उपाय जरूरत अपनाएं।

A. एल्कोहल युक्त साबुन और पानी से निरंतर कम से कम 20 सेकेंड तक अपने हाथ धोती रहें।

B. दूसरों से दो मीटर से ज्यादा की दूरी बनाकर रखें। भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें।

C. अपनी आंख, नाक व मुंह को छुने से बचें। बिना हाथ धुले तो बिल्कुल भी न छुएं।

D. श्वसन प्रणाली को स्वस्थ रखें। इसका मतलब है कि साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। जब भी खांसी या छींक आए तो मुंह और नाक को कोहनी मोड़कर कवर लें। इसकी जगह पर टीशू पेपर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। एक बार इस्तेमाल करने के बाद टीशू पेपर को तुरंत सुरक्षित तरीके से डिस्पोज कर दें।

E. अगर आपको बुखार, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। अस्पताल जाने से पहले अस्पताल से फोन पर बात कर लें और उनके द्वारा बताई गई सावधानियों का पालन करें।

F. गर्भवती महिलाएं या जिन्होंने हाल में बच्चे को जन्म दिया है, अगर वो कोरोना वायरस से संक्रमित भी हैं तो वह अपना रूटीन ट्रीटमेंट जारी रखें।

3. गर्भवती महिलाओं के लिए कोरोना टेस्ट जरूरी है?

WHO का सुझाव है कि अगर गर्भवती महिलाओं में कोरोना वायरस का लक्षण दिखे तो उन्हें टेस्ट में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अगर गर्भवती महिलाओं में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि होती है तो उन्हें इसके लिए विशेषज्ञ ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ेगी।

क्या कोरोना वायरस गर्भ में पल रहे बच्चे तक पहुंच सकता है?

फिलहाल कहीं से ऐसी कोई खबर नहीं है कि कोविड-19 से संक्रमित किसी गर्भवती महिला से उसके गर्भ में मौजूद भ्रूण या हाल में जन्में बच्चे तक ये वायरस पहुंचा है। फिलहाल ये वायरस किसी गर्भवती महिला के गर्भ में मौजूद तरल या दूध (breastmilk) में नहीं पाया गया है।

क्या कोविड-19 से संक्रमित मां, बच्चे को अपना दूध पिला सकती है?

WHO: हां, कोविड-19 से संक्रमित मां भी बच्चे को अपना दूध पिला सकती है, अगर वह चाहे तो। इसके लिए उन्हें कुछ सावधानी बरतनी होगी :

A. बच्चे को दूध पिलाने से पहले श्वसन संबंधी साफ-सफाई (Respiratory Hygiene) का अवश्य ध्यान रखें। मास्क जरूर पहनें।

B. बच्चे को छूने से पहले और बाद में साबुन व पानी से हाथ जरूर धोएं।

C. उन स्थान या सामान को नियमित साफ और संक्रमणरोधी करें, जहां आपने छुआ है।

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