प्रेगनेंसी के दौरान क्या खाएं क्या ना खाएं | Daily Health Tip | 24 April 2020 | AAYU App

गर्भावस्था के दौरान दूध, दही और पनीर खाना चाहिए। इन्हे अपनी डाइट में शामिल करने से बच्चे का विकास अच्छे से होता है। यह हड्डियों और दांत को भी मजबूत बनाता है।

Milk, curd and cheese should be included in diet during pregnancy. Eating these helps in growth of the child. It also makes bones and teeth strong.

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मां बनना हर महिला की जिदंगी का सबसे सुखद एहसास होता है। प्रेगनेंसी के दौरान महिलाऐं बच्चे और अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए अपनी सेहत का खास ख्याल रखती है। इस दौरान वह ऐसी डाइट लेती है, जिससे उनका बच्चा स्वस्थ हो। आज हम आपको ऐसे ही कुछ फूड्स के बारे में बताने जा रहे है, जिनका सेवन करने से आपका बच्चा हेल्दी होगा।

प्रेगनेंसी में खाएं ये आहार:

साबुत अनाज: साबुत अनाज प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे शरीर को काफी मात्रा में पोषक तत्व मिलते है जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे को फायदा मिलता है। इसलिए हेल्दी बच्चे के लिए साबुत अनाज का सेवन जरूर करें।

प्रोटीन युक्त भोजन: प्रेगनेंसी में ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन युक्त भोजन शामिल करें। प्रोटीन युक्त भोजन करने से मां और बच्चे दोनों को फायदा मिलता है। आप अपनी डाइट में दाल, पनीर, पनीर बीन्स और अंडे को शामिल करें। इनमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है।

हरी सब्जियां: हरी सब्जियां खाना प्रेगनेंसी के दौरान बहुत फायदेमंद होता है। इससे शरीर को भरपूर मात्रा में आयरन, फाइबर और विटामिन्स मिलते है। इसलिए आमलेट, खिचड़ी और ओटमील में हरी सब्जियों को शामिल करें।

डेयरी उत्पादों: प्रेगनेंसी  में डेयरी उत्पादों का सेवन बच्चे को स्वस्थ और हैल्दी बनाता है। इसलिए प्रेगनेंसी में डाइट में दूध, मक्खन, पनीर और अंडा जरूर शामिल करें।

ड्राई फ्रूट्स: इस दौरान महिलाओं के शरीर को दोगुनी ताकत की जरूरत होती है। ऐसे में ड्राई फ्रूट्स का सेवन आपके लिए बहुत फायदेमंद है। इसके अलावा रोज ड्राई फ्रूट्स खाने से बच्चा भी हैल्दी और स्वस्थ होता है।

सूखे मेवे: गर्भावस्था में सूखे मेवों को भी अपने खान-पान में शामिल करें। मेवों में कई तरह के विटामिन, कैलोरी, फ़ाइबर, ओमेगा 3 फ़ैटी एसिड, आदि पाए जाते है, जो सेहत के लिए काफ़ी अच्छे होते है। अगर आपको एलर्जी नहीं है, तो अपने खान-पान में काजू, बादाम, अखरोट, आदि को शामिल करें। अखरोट में भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 फ़ैटी एसिड होता है। इसके अलावा, बादाम और काजू भी गर्भावस्था में फ़ायदा पहुंचाते है।

शकरकंद: गर्भावस्था में शकरकंद खाना भी काफ़ी फ़ायदेमंद होता है। इसमें विटामिन-ए होता है, जो शिशु की देखने की शक्ति को विकसित करने में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा, इसमें विटामिन-सी, फ़ोलेट और फ़ाइबर भी मौजूद होते है।

एवोकाडो (रुचिरा): एवोकाडो एक ऐसा फल है, जिसे हर गर्भवती महिला को खाने की सलाह दी जाती है। इसमें भरपूर मात्रा में फ़ोलेट होता है, जो गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क और उसकी रीढ़ की हड्डी के विकास के लिए बेहद फ़ायदेमंद होता है। इसके अलावा, एवोकाडो में विटामिन-के, पोटैशियम, कॉपर, मोनोअनसैचुरेटेड वसा, विटामिन-ई, आदि भी मौजूद होता है। इसलिए, गर्भवती महिला को रोज़ाना एक एवोकाडो खाने की सलाह दी जाती है। 

ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिएं: हर व्यक्ति को दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए। गर्भवती महिलाओ में पानी की कमी से सिर दर्द, थकान, कब्ज़, आदि जैसी समस्याएं हो सकती है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं को हमेशा खुद को हाइड्रेट रखने की सलाह दी जाती है। 

प्रेगनेंसी में क्या ना खाएं:

कभी भी कच्चा अंडा न खाएं: गर्भवती महिलाओं को अच्छी तरह से पका हुआ अंडा ही खाना चाहिए। अधपके अंडे के सेवन से सालमोनेला संक्रमण का खतरा हो सकता है। इस संक्रमण से गर्भवती महिला को उल्टी और दस्त की समस्या हो सकती है। 

शराब से बिल्कुल दूर रहें: नशीली चीज़ों का सेवन हर किसी के लिए हानिकारक होता है। गर्भवती महिलाओं को केवल शराब ही नहीं, बल्कि हर तरह के नशे से बिल्कुल दूर रहना चाहिए। शराब के सेवन से गर्भ में पल रहे शिशु पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। शराब से भ्रूण के दिमागी और शारीरिक विकास में बाधा आती है। शराब पीने से गर्भपात होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

कैफ़ीन का सेवन न करें: गर्भावस्था में डॉक्टर बहुत कम मात्रा में कैफ़ीन लेने की सलाह देते है। चाय, कॉफ़ी और चॉकलेट जैसी चीजों में कैफ़ीन पाया जाता है। ज़्यादा मात्रा में कैफ़ीन लेने से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, कैफ़ीन का ज़्यादा सेवन करने से जन्म के समय शिशु का वज़न कम रह सकता है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान रोज़ाना 200 मिलिग्राम तक कैफ़ीन के सेवन को सुरक्षित माना जाता है।

गर्भावस्था में कच्चा पपीता न खाएं: गर्भावस्था में कच्चा पपीता खाना असुरक्षित हो सकता है। कच्चे पपीते में एक ऐसा केमिकल पाया गया है, जो भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए गर्भावस्था में कच्चा पपीता खाने से बचें। 

कच्ची अंकुरित चीज़ें न खाएं: गर्भावस्था में कच्ची अंकुरित चीज़ें खाने से बचना चाहिए। दरअसल, कच्ची अंकुरित दालों में साल्मोनेला, लिस्टेरिया और ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जिससे फ़ूड पोइज़निंग की समस्या हो सकती है। इसके कारण गर्भवती महिला को उल्टी या दस्त की शिकायत हो सकती है और मां के साथ-साथ शिशु की सेहत को भी नुकसान पहुंच सकता है। 

बिना धुली हुई सब्ज़ियां और फल न खाएं: किसी भी फल और सब्ज़ी को खाने से पहले उसे अच्छी तरह धोना न भूलें। बिना धुली हुई सब्ज़ी और फल में टॉक्सोप्लाज़्मा नाम का बैक्टीरिया मौजूद हो सकता है, जिससे शिशु के विकास में बाधा आती है। 

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