What is Neurological Disorder : न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर क्या है? जानें इसका घरेलू इलाज

What is Neurological Disorder

What is Neurological Disorder: क्या आप जानते हैं न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में मस्तिष्क से संबंधी कौन-कौन सी बीमारियाँ आती हैं? अगर नहीं तो आइये हम आपको इस आर्टिकल में बताते है कि ऐसी कौन-कौन सी मस्तिष्क संबंधी बीमारियां है जो न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में आती हैं?

आइये अब जानते है न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर क्या है? (What is Neurological Disorder)

न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर क्या है?: What is Neurological Disorder:

न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर (What is Neurological Disorder) डिजीज हमारे पेरीफेरल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है। आपको बता दें कि पेरीफेरल नर्वस सिस्टम में ब्रेन, स्पाइनल कॉर्ड, क्रेनियल नर्व, पेरीफेरल नर्व, ऑटोमैटिक नर्वस सिस्टम, न्यूरोमस्कुलर जंक्शन और मसल्स आते हैं।

न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में मुख्य रूप से होने वाली डिजीज मिर्गी (epilepsy), अल्जाइमर डिजीज(Alzheimer Disease), डिमेंशिया, स्ट्रोक, माइग्रेन, सिरदर्द की समस्या, पार्किंसंस रोग (Parkinson’s Disease), न्यूरोइंफेक्शन (Neuroinfection), ब्रेन ट्यूमर आदि मस्तिष्क संबंधी बीमारियाँ शामिल हैं।

सबसे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि नर्वस सिस्टम और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के बीच क्या संबंध है?

नर्वस सिस्टम और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में संबंध: Connection Between Nervous System and Neurological Disorder

नर्वस सिस्टम ब्रेन, स्पाइनल कॉर्ड और नर्व से मिलकर बनता है। यह सभी हमारे शरीर के सारे फंक्शन को नियंत्रित करते है। अगर किसी इंसान के किसी भी पार्ट में समस्या होती है तो उस इंसान को बोलने, सांस लेने और मूव करने में दिक्कत होती है।

आइये अब आपको बताते है न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के लक्षणों के बारे में।

न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के लक्षण: What are the Signs and Symptoms of Neurological Disorder?

अब आप सोच रहें होंगे न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की पहचान कैसे करें दूसरे शब्दों में न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के लक्षण क्या-क्या है? (What are the Signs and Symptoms of Neurological Disorder?). तो आइये आपको इस सवाल का जवाब बताते है।

मूड में बार-बार बदलाव आना: कई बार न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में मूड का तेजी से बदलाव होता है। इसकी पहचान आप ऐसे कर सकते है जैसे छोटी-छोटी बातों पर जल्दी दुखी हो जाना या गुस्सा जल्दी आ जाना। अगर आपको ऐसे कुछ बदलाव दिख रहे है तो अपने चिकित्सक से बात करें।

आत्महत्या करने का ख्याल आना: अगर आपको मन में आत्महत्या के विचार आते है तो तुरंत मनोचिकित्सक से बात करें। यह न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में आना आम बात है।

डिप्रेशन होना: अगर आप डिप्रेशन से ग्रसित है तो यह भी न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की ओर संकेत देता है। अगर आप इस अवस्था से निकलना चाहते है तो योग करें और चिकित्सकीय परामर्श लें, यह ज्यादा होने पर आपको मानसिक रोगी बना सकती है।

थकान और तनाव होना: बहुत ज्यादा तनाव लेने और थकान होने की वजह से भी यह समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए आप अच्छी और भरपूर नींद लें और अपना रूटीन अच्छा रखें। कई बार आप तनाव में अपने परिवार और समाज से दुरी बना लेते है जिससे यह स्थिति हो जाती है।

सेक्स लाइफ पर प्रभाव होना: न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की स्थिति में आपकी सेक्स लाइफ पर प्रभाव पड़ सकता है। आपके व्यवहार में सेक्स के प्रति अनिच्छा होना नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

एकाग्र नहीं कर पाना: इस अवस्था के दौरान आप किसी भी कार्य पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाते और कहीं भी आपका मन नहीं लगता। योग और एक्सरसाइज से इस स्थिति से उबरने में आपको आसानी होती है।

भावनाओं पर नियंत्रण नहीं कर पाना: न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के लक्षण में छोटी-छोटी बातों पर घंटों रोना, अकेलापन लगना और मन में नकारात्मक विचार आना। बिना कारण के दूसरों से नाराज होना भी इसी में ही शामिल है।

पैनिक अटैक आना: कई बार न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की स्थिति में आपको पैनिक अटैक का सामना करना पड़ सकता है। सांस लेने में तकलीफ होना, चिंता करना, कोई आपका गला दबा रहा हो ऐसे विचार आना पैनिक अटैक के कुछ लक्षण है।

न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के घरेलू उपाय: Neurological Disorder Treatment at Home:

आइये अब आपको बताते है न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के घरेलू उपाय (Neurological Disorder Treatment at Home) क्या है?

  • कैफीन लेना, ड्रग्स और अल्कोहल को लेने से बचें।
  • स्ट्रेस कम करने के लिए काउंसलिंग लें।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें
  • डीप ब्रीथ (Deep Breathe) और मसल्स रिलैक्सेशन (Muscle Relaxation)करें।
  • रोजाना सोएँ

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐपडाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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