मेटास्टैटिक कैंसर लक्षण, कारण और इलाज

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मेटास्टैटिक कैंसर एक एडवांस कैंसर है जो अनियंत्रित कोशिकाओं के कारण होता है. ये कैंसर कोशिकाएं प्रभावित अंग के झिल्ली को फाड़ कर बाहर निकल जाती हैं और लिम्फ नोड्स और रक्त वाहिकाओं के माध्यम से फेफड़े, हड्डियां, लिवर, ब्रेन जैसे अन्य अंगों में फैल जाती हैं.

मेटास्टैटिक कैंसर क्या है Metastatic Cancer

मेटास्टेटिक कैंसर उसे कहते हैं जब कैंसर सेल्स जहां गठन होता है यानी प्राइमरी स्पॉट से अलग हो जाती हैं और लिम्फ सिस्टम या ब्लड के जरिए अन्य हिस्सों में फैल जाती हैं. कैंसर सेल्स शरीर के अन्य हिस्सों में ट्यूमर बनाती हैं, जिन्हें मेटास्टेटिक ट्यूमर के रूप में जाना जाता है.

कैसे फैलता हैमेटास्टैटिक कैंसर

ट्यूमर के फटने के बाद खून के जरिए यह कैंसर पूरे शरीर में फैलकर सबसे पहले हड्डियों को अपना शिकार बनाता है. इसके बाद यह कैंसर फेफड़ों, लिवर और दिमाग में फैलता है. इसके बाद ये ट्यूमर गर्भाशय, मूत्राशय, बड़ी आंत और ब्रेन बोन की तरफ बढ़ता है.

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मेटास्टैटिक कैंसर के लक्षण |symptoms of metastatic cancer

मेटास्टैटिक कैंसर की पहचान करना आसान नहीं है. इस कैंसर का लक्षण हमेशा नहीं दिखाता है. यदि लक्षण होते हैं तो उनकी प्रकृति और आवृत्ति मेटास्टैटिक ट्यूमर के आकार और स्थान पर निर्भर करति है. कुछ आम संकेतों में शामिल हो सकते हैं:

  • सिरदर्द, दौरा, या चक्कर आना (जब कैंसर मस्तिष्क में फैलता है)
  • सांस की तकलीफ (जब कैंसर फेफड़ों में फैल जाता है)
  • पेट में जांडिस या सूजन (जब कैंसर यकृत में फैल जाता है)
  • चलने में कठिनाई या भ्रम का होना
  • चक्कर आना या दौरा पड़ना
  • पेट में अक्सर सूजन या पीलिया

मेटास्टेटिक कैंसर का इलाज |treatment of metastatic cancer

मेटास्टैटिक कैंसर का इलाज अक्सर सामान्य ट्यूमर में किए जाने वाले इलाज से अलग होता है. मेटास्टैटिक कैंसर एक बार फैल जाने के बाद इसको काबू करना मुश्किल होता है. इसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर कितना फैला है, मरीज की उम्र और उसकी मेडिकल हिस्ट्री क्या है. ऐसा कहा जाता है कि, रेडिएशन और इम्यूनोथेरेपी से, कुछ मेटास्टैटिक कैंसर में, लंबे समय तक जिंदा रहना मुमकिन है.

कीमोथेरेपी

कीमोथेरेपी का सबसे बड़ा फायदा इसका रिस्पांस टाइम है और यह मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर में बहुत अच्छी तरह काम करता है. कीमोथेरेपी हार्मोन थेरेपी के मुकाबले ज्यादा तेजी से ट्यूमर को सुखाती है.

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रेडिएशन

जहां कैंसर फैल गया है, रेडिएशन उन स्पॉट्स को सीमित करने और नियंत्रित करने में मदद कर सकता है. यह दर्द को कम करने में भी मदद करता है, कैंसर से कमजोर हो गए अंगों में हड्डियों के टूटने के खतरे को कम करता है, रक्तस्राव में कमी करता है,अवरुद्ध एयरवेज को खोलकर सांस लेना आसान बनाता है और कसी हुई नसों से दबाव कम करता है, जो दर्द या कमजोरी का कारण हो सकते थे.

सर्जरी

आमतौर पर मेटास्टैटिक कैंसर के कारण स्पाइनल कॉर्ड कंप्रेशन (रीढ़ की हड्डी के संकुचन) से पीड़ित मरीजों के लिए सर्जरी की सलाह दी जाती है. मेटास्टैटिक स्पाइनल कॉर्ड कंप्रेशन के मरीजों को डायरेक्ट डिकंप्रेशिव सर्जरी के साथ पोस्ट ऑपरेटिव रेडियोथेरेपी दी जा सकती है, जिससे कि वो सिर्फ रेडियोथेरेपी दिए जाने वाले मरीजों की तुलना में लंबे समय तक चल-फिर सकें.

इम्यूनोथेरेपी

  • सॉलिड ट्यूमर इम्यूनोलॉजी पर दशकों के शोध के बाद, अब इम्यूनोथेरेपी मेटास्टैटिक सॉलिड कैंसर वाले मरीजों पर असर दिखा रही है.

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