ग्लूकोमा क्या है? लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज |What is Glaucoma? Symptoms and Ayurvedic Treatment

Glaucoma in Hindi

ग्लूकोमा आँखों में होने वाली एक गंभीर समस्या है। आँखें हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्सा है। इसलिए इसका ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आइये हम आपको इस आर्टिकल में ग्लूकोमा की परिभाषा (Glaucoma Meaning in Hindi), ग्लूकोमा के प्रकार (Types of Glaucoma), ग्लूकोमा का कारण (Causes of Glaucoma), ग्लूकोमा का उपचार (Treatment of Glaucoma), ग्लूकोमा से बचने का उपाय (Glaucoma Prevention) और ग्लूकोमा का आयुर्वेदिक इलाज (Ayurvedic Treatment for Glaucoma).

ग्लूकोमा की परिभाषा : What is Glaucoma in Hindi?

सबसे पहले जानते है कि ग्लूकोमा की परिभाषा (Glaucoma Meaning in Hindi) क्या है? ग्लूकोमा आँखों की एक बहुत गंभीर समस्या है, जिसमें आँखों की रोशनी जा सकती है। आँखों की बनावट गुब्बारे की तरह होती है। इसके भीतर एक तरल पदार्थ भरा हुआ होता है।

आँखों के अंदर का यह तरल पदार्थ आँखों के भीतर लगातार बना रहता है और बाहर निकलता है, जिससे आपकी आँखों को नमी मिलती है और आप सूखी आँखों की समस्या से बचे रहते है लेकिन जब आँखों के भीतर के इस तरल पदार्थ के बनने और बाहर निकलने की प्रक्रिया में दिक्कत आती है, तो आँखों में दबाव बढ़ता है।

आँखों में कुछ ऑप्टिक नर्व होती है, जो किसी वस्तु के बारे में दिमाग तक संकेत पहुँचाने में सहायता करती है। आँखों पर पड़े दबाव की वजह से ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुँचता है, जिसकी वजह से धीरे-धीरे आँखों की रोशनी कम होने लगती है। इसी स्थिति को ग्लूकोमा कहते है। ग्लूकोमा को काला मोतिया के नाम से भी जाना जाता है।

ग्लूकोमा को आम भाषा में काला मोतिया कहा जाता है। आँख के अंदर अंगों के पोषण के लिए एक तरल पदार्थ उत्पन्न होता है। पोषक के बाद यह तरल पदार्थ आँख के महीन छिद्र (फिल्टर) से बाहर निकलते है। उम्र के साथ छिद्र टाइट होने शुरू हो जाते है।

इससे तरल पदार्थ के निकलने की प्रक्रिया बाधित होती है। इससे आँख का प्रेशर बढ़ने लगता है। आँख का बढ़ता हुआ प्रेशर ऑप्टिक नर्व (आँखों से दिमाग को सिग्नल भेजने वाली नर्व) को डैमेज करता है।

आमतौर पर ऐसा आँखों पर ज्यादा जोर पड़ने से होता है। दरअसल, ऑप्टिक नर्व काफी सेंसिटिव होती है, इसलिए थोड़ा भी ज्यादा प्रेशर पड़ने पर यह ब्लॉक हो जाती है जिससे दिखना बंद हो जाता है।

ग्लूकोमा के प्रकार: Types of Glaucoma in Hindi:

ओपेन एंगल ग्लूकोमा (Open Angle Glaucoma in Hindi): ओपेन एंगल ग्लूकोमा धीरे-धीरे बढ़ता है जिससे मरीजों का इस ओर ध्यान ही नहीं जा पाता। जब आँख के बढ़ते प्रेशर से ऑप्टिक नर्व खराब हो जाती है तो उसे ओपेन एंगल ग्लूकोमा कहते है। यह सबसे ज्यादा सामान्य तरह का ग्लूकोमा है।

इसमें तरल पदार्थ को बाहर करने वाली कनैल ब्लॉक हो जाती है, जिस वजह से आँखों का प्रेशर बढ़ता है। इससे आँखों की नजर धीरे-धीरे कमजोर होती है। यदि आपको इसका समय रहते पता चल जाए तो आँखों की रोशनी बचाई जा सकती है इसके अलावा इसका कोई और इलाज नहीं है।

आइये हम आपको ओपेन एंगल ग्लूकोमा के लक्षणों में बताते है।

ओपेन एंगल ग्लूकोमा के लक्षण: Symptoms of Open Angle Glaucoma

एंगल क्लोजर ग्लूकोमा: Angle closer Glaucoma

यह ओपेन एंगल ग्लूकोमा से कम खतरनाक होता है और इसका इलाज होना संभव और उपलब्ध है। एंगल क्लोजर ग्लूकोमा में मरीज को अचानक से अटैक पड़ता है और आँखों की रोशनी कमजोरी हो जाती है। इसमें अक्सर बहुत ज्यादा तेज दर्द होता है जिस वजह से मरीज को सीधे डॉक्टर के पास जाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचता।

एंगल क्लोजर ग्लूकोमा के लक्षण: Closed Angle Glaucoma symptoms

  • बहुत ज्यादा दर्द होना
  • सिर के आधे हिस्से में दर्द होना
  • उल्टी की संभावना रहना
  • अचानक आपकी आँखों पर लगे चश्मे का नंबर कम हो जाना
  • अगर परिवार के किसी सदस्य को पहले ग्लूकोमा हुआ हो
  • अगर आप शुगर के मरीज है
  • अगर आपके नंबर माइनस में है और यह बार-बार कम हो रहे है
  • 40 वर्ष की उम्र के बाद इसके होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है
  • अंधेरे में बहुत समय बाद दिखना
  • रोशनी में अलग-अलग तरह के रंग दिखना

ग्लूकोमा के कारण: Causes of Glaucoma in Hindi:

ग्लूकोमा आँखों में तरल नहीं फैलने की वजह से होता है। जिसकी वजह से आँखों में ज्यादा दबाव पड़ता है। आमतौर पर एक चैनल के माध्यम से आपकी आँखें बहनी शुरू हो जाती है। यदि यह चैनल ब्लॉक है, तो यह तरल पदार्थ ग्लूकोमा के परिणामस्वरूप निर्माण शुरू कर देता है। आँखों में ब्लॉक रक्त वाहिकाओं, आँखों में संक्रमण तेज आना, रासायनिक चोट और ब्लंट ग्लूकोमा के कारण बन सकते है। कुछ मामलों में यह कठिन होता है लेकिन संभव होता है।

ग्लूकोमा का उपचार: Treatment of Glaucoma in Hindi:

ग्लूकोमा (काला मोतिया) के उपचार में गंभीरता के आधार पर सर्जरी, लेजर उपचार या दवा शामिल होती है। आई ओ पी को कम करने के लिए दवा के साथ आई ड्रॉप का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि ग्लूकोमा (काला मोतिया) रोग में अक्सर दर्द नहीं होता कई लोग आई ड्रॉप के सख्त उपयोग के बारे में लापरवाह हो जाते है ताकि वह आँखों के दबाव को नियंत्रित कर सकें।

अगर आप बताई गई ग्लूकोमा (काला मोतिया) की दवाइयों का सही से उपयोग नहीं करते तो आपको ग्लूकोमा (काला मोतिया) के कारण आँखों की रोशनी जाने का सबसे बड़ा कारण है।

यदि आपको यह पता चलता है कि ग्लूकोमा (काला मोतिया) के लिए जिस तरह के आई ड्रॉपस  का प्रयोग कर रहे है, और अगर वह असहज या सुविधा के हिसाब से नहीं है तो हमेशा पहले किसी नेत्र चिकित्सक से परामर्श लें और उनके कहने पर ही इसे बंद करें।

ग्लूकोमा से बचने के उपाय: Glaucoma Prevention in Hindi:

ग्लूकोमा से बचने का कोई उपाय नहीं है। एक ही चीज संभव है कि अगर आपको शुरुआत में ही इस बीमारी का पता लगाना है तो अपने आँखों की नियमित तौर पर जाँच करवाएं। एक बात का ध्यान रखें कि यह किसी भी आयु के इंसान को हो सकता है।

अगर ग्लूकोमा के उपचार की बात की जाए, तो यह जान लेना जरूरी है कि इस रोग को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन इस रोग की जटिलता को ध्यान में रखकर इसे दवाओं, सर्जरी या लेजर तकनीक द्वारा नियंत्रण में लाया जा सकता है ताकि ऑप्टिक नर्व की आगे होने वाली क्षति को रोक सकें।

ग्लूकोमा का आयुर्वेदिक इलाज: Ayurvedic Treatment for Glaucoma in Hindi:

  • सुबह जागने के बाद मुँह में ठंडा पानी भरकर आँखों को ठंडे पानी से धोएं।
  • एक चम्मच त्रिफला चूर्ण, आधा चम्मच देसी घी और एक चम्मच शहद मिलाएं। यह दूसरे रोगों में भी फायदेमंद होता है।
  • एक चम्मच घी, दो काली मिर्च और थोड़ी-सी मिश्री मिलाकर दिन में तीन बार लें।
  • गाजर, संतरे, दूध और घी का इस्तेमाल करें।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐपडाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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