जानें क्यों युवा ले रहें हैं ज्यादा टेंशन

शेयर करें

आज की फॉस्ट लाइफ में आपके पास ख़ुद के बारे में दो मिनट रुककर सोचने की भी फ़ुर्सत नहीं होती है. यह व्यस्तता हमें डिप्रेशन यानी अवसाद की ओर ढकेल रही है. इस बीमारी के चपेट में सबसे ज्यादा युवा आ रहे है, जिनकी उम्र 16 से 25 साल के बीच की है.

पढ़ने और खेलने की उम्र में ही आज कल के युवा ज्यादा टेंशन लेने लगे हैं, जो कि उनके स्वास्थ्य के लिए काफी घातक साबित हो रहा है और वे डिप्रेशन जैसी खतरनाक बीमारी का शिकार हो रहे हैं. आइए जानते है डिप्रेशन से कैसे बचाए अपने बच्चों को…

किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए आज ही “Aayu” ऐप डाउनलोड करें

पावर नैप से टेंशन होता है कम

हाल ही में मेरे पास एक 20 साल के मरीज का कॉल आया जो कि इलेक्ट्रीशियन का काम करता है. उसकी शिकायत थी कि एक महीने से नींद नहीं आ रही हैं. जब मैने उसके दिनचर्या के बारे में पूछा तो उसका रूटीन सामान्य था, लेकिन उसमें एक कमी थी कि वो दिन में एक घंटा सो रहा था. दिन में कई बार सोने से रात की नींद खराब हो जाती है,अगर हम दिन में सिर्फ 20 मिनट आराम के लिए निकालें तो ये काफी है. जिसको हम पावर नैप कहते है.अगर दोपहर में कुछ देर का पावर नैप लिया जाए तो इससे शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है और इसका प्रभाव कामकाज पर भी नहीं पड़ता है.

डिप्रेशन से बचने के चार उपाय

  1. सुबह में फिजिकल एक्टिविटी जरुर करें
  2. सुबह में नाश्ता जरुर करें
  3. 7 घंटे की नींद जरूर लें
  4. टेंशन ना लें

डिप्रेशन में काफी लाभदायक होता है व्यायाम

आज कल के यूथ को सुबह में व्यायाम जरूर करना चाहिए. सुबह में व्यायाम करने से हमारे शरीर में हैप्पी कैमिकल बनते है. हैप्पी केमिकल के बनते ही हमारे शरीर में खुशी की लहर आ जाती है, खुशी के लहर आते ही डिप्रेशन समाप्त हो जाता है. इसलिए सिर्फ यूथ ही नहीं सभी उम्र के लोगों को सुबह-सुबह व्यायाम जरूर करना चाहिए.

डिप्रेशन में सुबह का नाश्ता होता है जरूरी

हमारे शरीर के लिए अच्छा खाना बहुत जरूरी होता है. अच्छे खाने के साथ-साथ सुबह का नाश्ता हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है. बिना नाश्ता करें आप घर से निकलते है तो ये भी एक डिप्रेशन का कारण होता है, इसलिए सुबह का नाश्ता जरूर करें ,इससे दिमाग पूरे दिन एक्टिव रहता है.

अच्छी नींद से पा सकते है डिप्रेशन से निजात

  • हमारे शरीर के लिए नींद बहुत जरूरी होता है. आजकल के युवा देर रात तक फोन में व्यस्त रहने के कारण नींद पूरी नहीं कर पाते है. नींद पूरी नहीं होने के कारण हम निर्णय नहीं ले पाते है. इस वजह से हम साथ चिड़चिड़े हो जाते है और चिड़चिड़ेपन की वजह से कई बार हमारी लड़ाइयां भी हो जाती है.
  • नींद के लिए सबसे बढ़िया समय रात के 10 बजे से सुबह के 5 बजे का होता है. इस समय हमारा शरीर हील होता है. इसलिए युवाओं को जल्दी सोने की कोशिश करनी चाहिए.

टेंशन से रहे फ्री

इस बीमारी में सबसे ज्यादा नुकसान टेंशन लेने की वजह से होता है. टेंशन सभी के लाइफ में होती है, ऐसा कोई शख्स नहीं है, जो टेंशन नहीं लेता हो. लेकिन युवाओं को कम से कम टेंशन लेने की कोशिश करनी चाहिए. क्योंकि ज्यादा टेंशन लेने से खुद के शरीर को नुकसान पहुंचता है और डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारी को न्योता देता है.

Aayu आपका सहायक

अगर आपके घर का कोई सदस्य लंबे समय से बीमार है या उसकी बीमारी घरेलू उपायों से कुछ समय के लिए ठीक हो जाती है, लेकिन पीछा नहीं छोड़ती है तो आपको तत्काल उसे डॉक्टर से दिखाना चाहिए. क्योंकि कई बार छोटी बीमारी भी विकराल रूप धारण कर लेती है. अभी घर बैठे स्पेशलिस्ट डॉक्टर से “Aayu” ऐप पर परामर्श लें . Aayu ऐप डाउनलोड करने के लिए नीचे दी गई बटन पर क्लिक करें.

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.