कोविड-19 निमोनिया क्या है, कोविड निमोनिया का इलाज | Covid Pneumonia, Covid Pneumonia Treatment

Covid-19 Pneumonia

कोरोना का संक्रमण व्यक्ति के फेफड़ों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाता है। नया कोरोना वायरस 2019 के आखिर में अनजान कारणों से निमोनिया जैसी बीमारी के रूप में सामने आया बाद में इस बीमारी का कारण सार्स कोरोना वायरस-2 के रूप में चला। इसमें शुरुआत में हल्की सर्दी-जुकाम होता है। कोविड-19 निमोनिया (Covid Pneumonia) घातक साबित होता है। जिन लोगों में कोविड-19 के साथ निमोनिया की समस्या है उनके घातक परिणाम सामने आए है।

कोविड-19 सीधा फेफड़ों पर अटैक करता है। इससे फेफड़े डेमेज होते है। निमोनिया कोरोना मरीजों के मौत का कारण भी बना है। कोरोना का संक्रमण निमोनिया से ग्रसित लोगों में ज्यादा देखने को मिल रहा है और ऐसे लोगों को जल्दी भी हो सकता है।

सबसे पहले जानते है निमोनिया क्या है?, कोविड-19 के मरीजों को निमोनिया कैसे होता है? निमोनिया का इलाज, क्या कोविड-19 निमोनिया अलग है?

निमोनिया क्या है?: What is Pneumonia:

निमोनिया फेफड़े की बीमारी है। इसमें फेफड़े में इंफेक्शन होने से ब्लड में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। बीमारी बढ़ने पर सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। जिन लोगों को निमोनिया होता है, उनके फेफड़े कमजोर हो जाते है।कोरोना वायरस का संक्रमण होने पर सांस से जुड़ी समस्याएं पैदा होती है इसलिए ऐसे लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।

कोविड-19 के मरीजों को निमोनिया कैसे होता है?

कोविड-19 संक्रमितों को कफ और बुखार होता है। विल्सन के मुताबिक, ऐसा रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट तक संक्रमण होने से होता है। इसमें रेस्पिरेटरी लाइनिंग में जख्म हो जाता है, जिससे रेस्पिरेटरी लाइनिंग में सूजन पैदा होती है। यह एयरवे की लाइनिंग में परेशानी पैदा करता है तथा धूल के एक कण से भी खांसी होने लगती है।

हालत तब और बिगड़ जाती है, जब यह एयरलाइनिंग को पार कर गैस एक्सचेंज यूनिट तक पहुँचता है। एयरलाइनिंग यदि संक्रमित हो जाए तो फेफड़े के निचले हिस्से से वायु कोषों में सूजन पैदा करने वाली सामग्री डालने लगता है। वायु कोषों (Air Sacs) में सूजन के बाद द्रव (Liquid) तथा इनफ्लेमेटरी सेल्स फेफड़े में आने लगते है, जिसका परिणाम निमोनिया होता है। इस स्थिति में फेफड़ें रक्त प्रवाह से पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं ले पाता और शरीर में ऑक्सीजन लेने तथा कार्बन डाइऑक्साइड के प्रभाव से बचने की क्षमता कम हो जाती है। यह निमोनिया की एक गंभीर स्थिति है।

निमोनिया का इलाज: Covid Pneumonia Treatment

अभी तक ऐसा कोई इलाज नहीं आया है जिससे कोविड-19 निमोनिया से बच सकें। अलग-अलग तरह की दवाईयाँ तथा अलग-अलग तरह के उपाय आजमाए जा रहें है लेकिन अभी तक कोई पक्का इलाज नहीं मिला है। जब तक फेफड़ें सामान्य रूप से काम नहीं करते, तब तक रोगियों में ऑक्सीजन का उच्च स्तर बनाए रखने के लिए वेन्टिलेटर पर रखा जाता है। ऐसा देखा गया है कि वायरल निमोनिया के रोगियों में सेंकडरी संक्रमण का खतरा रहता है इसलिए उन्हें एंटी वायरल और एंटीबॉयोटिक दवाएं दी जानी चाहिए लेकिन इस महामारी में कई बार यह इलाज पर्याप्त (Sufficient) नहीं होता और निमोनिया बढ़ जाता है जिससे रोगी बच नहीं पाता।

क्या कोविड-19 निमोनिया अलग है?

कोविड-19 निमोनिया सामान्य निमोनिया से अलग है। ज्यादातर तरह के निमोनिया, बैक्टीरिया जनित होते है जिनमें एंटीबायोटिक कारगर होते है। यह निमोनिया गंभीर तरह के होते है और यह फेफड़ों के छोटे हिस्से की जगह पूरे फेफड़ों को प्रभावित करते है। एक बार फेफड़ें संक्रमित हो जाए और उसमें भी यदि एयर सैक्स तक पहुँच जाए तो शरीर की पहली प्रतिक्रिया वायरस को नष्ट करने तथा उसे बढ़ने से रोकना होता है लेकिन यह खासकर ह्रदय, फेफड़े तथा मधुमेह (डायबिटीज) के रोगियों और बुजुर्गों में कमजोर होता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐपडाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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