एंग्जाइटी डिसऑर्डर क्या है? लक्षण और इलाज

anxiety disorder

एक मानसिक एंग्जाइटी डिसऑर्डर के रोगी में चिंता जैसे लक्षण होते है, जो दिनचर्या के कामों में बाधा बन सकते है। एंग्जाइटी डिसऑर्डर के उदाहरणों में पैनिक अटैक, ओबसैसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर और पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर शामिल है। इनके लक्षणों में तनाव भी शामिल है और इसके इलाज के लिए एंटीडिप्रेसेंट सहित काउंसलिंग और दवाएं शामिल है।

एंग्जाइटी डिसऑर्डर क्या है (What is anxiety disorder)?

यह एक मानसिक रोग है, जिसमें रोगी को तेज़ बैचेनी के साथ नकारात्मक विचार, चिंता और डर जैसा लगता है जैसे, अचानक हाथ काँपना, पसीने आना आदि। अगर समय पर इसका सही इलाज ना किया जाए तो यह खतरनाक हो सकता है और मिर्गी का कारण बन सकता है।

एंग्जाइटी डिसऑर्डर के लक्षण:

  • बहुत ज्यादा चिंता करना: जीवन में छोटी-छोटी बातों को लेकर बुहत ज़्यादा चिंता करना एंग्जाइटी का लक्षण होता है। इसके चलते दिन के रोजाना के काम भी नहीं हो पाते जैसे: पानी बर्बाद होने पर चिंता करना, पैसे चले जाने की चिंता
  • उत्तेजना होना: जब कोई परेशान होता है, तो उसका सिमपेथेटिक नर्वस सिस्टम तेज़ हो जाता है और इसी कारण दिल की धड़कन बढ़ने लग जाती है, पसीना आने लगता है, शरीर में कंपन होने लगती है और मुँह भी सूखना शुरू हो जाता है।
  • थकान होना: थकान लंबे समय तक महसूस होना भी एंग्जाइटी डिसऑर्डर का कारण हो सकता है, इसलिए इसका पता लगना बहुत जरुरी है कि यह थकान किसी और वजह से है या चिंता की वजह से हो रही है। अगर थकान सिरदर्द या घबराहट की वजह से है, तो यह एंग्जाइटी का एक लक्षण है और ज़्यादा चिंता करने से नींद ना आने के साथ-साथ तनाव भी होने लगता है। इसी तरह चिड़चिड़ापन, मसल्स में तनाव का अहसास, सोने में परेशानी, लोगों से घुलने-मिलने में दिक्कत होना भी एंग्जाइटी डिसऑर्डर का लक्षण है।

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एंग्जाइटी डिसऑर्डर के कारण:

  • पारिवारिक इतिहास: जिन लोगों के परिवार में कभी भी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्क्तों की हिस्ट्री रही है, उन्हें कईंबार एंग्जाइटी डिसऑर्डर की परेशानी हो सकती है। जैसे, यदि दादा को यह समस्या थी, तो हो सकता है कि पोते में इसके लक्षण दिखें ।
  • तनावपूर्ण माहौल: जहां आप काम करते हैं, वहा तनाव या जो करीब हो उसकी अचानक मौत या प्रेमिका से ब्रैकअप जैसी स्थितियां एंग्जाइटी डिसऑर्डर के लक्षण हो सकती हैं ।
  • स्वास्थ्य संबंधी मामले: कोई शारीरिक परेशानी जैसे – थॉइराइड, दमा,डायबिटीज या फिर हृदय रोग से भी एंग्जाइटी डिसऑर्डर  हो सकता है । डिप्रेशन से ग्रसित लोग भी एंग्जाइटी डिसऑर्डर की चपेट में आ सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से डिप्रेशन झेल रहा है तो, उसके तौर-तरीको में गिरावट आने लगती है । 
  • नशे का सेवन:अपना दुख भुलाने के लिए बहुत से लोग शराब और दूसरी नशीले उत्पादों का सहारा ले लेते हैं, परंतु ये नशीली चीजें कभी भी एंग्जाइटी डिसऑर्डर से पीछा नहीं छुड़ा सकती हैं बल्कि ये समस्या को और अधिक गंभीर बना देंगी । व्यक्ति नशे का आदि हो जाएगा और नशे का असर खत्म होते ही उनमें तलब के साथ घबराहट बढ़ने लगेगी । 
  • पर्सनैलिटी संबंधी डिसऑर्डर: कुछ लोग परफेक्शन के चक्कर में भी एंग्जाइटी का शिकार हो जाते हैं । उन्हें कोई चीज़ पसंद ही नहीं आती, बल्कि उनका अधिकतर वक्त नुक्स निकालने में जाता है । लेकिन परफेक्शन की यह ज़िद जब फीतूर या एक तरह की सनक बन जाती है तो ये एंग्जाइटी डिसऑर्डर को पैदा करती है। 

एंग्जाइटी डिसऑर्डर का इलाज

• साइकोथेरेपी का सहारा लें: आप सबसे पहले किसी अच्छे मनोचिकित्सक के पास जाएं और साइकोथेरेपी की मदद से अपना इलाज शुरु करवाएं। इस थेरेपी में मन पर नियंत्रण करने की ट्रेनिंग दी जाती है।
• अकेले ना रहें: हमेशा कुछ ना कुछ करते रहें, कभी भी खुद को अकेला ना छोड़ें। अगर आपकी कुछ करने की इच्छा नहीं हो रही तो सो जाएं ।
• हैल्दी डाइट: एंग्जाइटी डिसऑर्डर में ताज़े फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फैट युक्त भोजन का सेवन करें। जब भी आप भोजन करें, तो उसे अधूरा ना छोड़ें, उसे पूरा खाएं। बाहर के तले और अनहाइजीनिक भोजन का सेवन ना करें।
• खाना समय पर खाएं: भोजन अगर आप सही समय पर नहीं करते, तो शरीर का संतुलन धीरे-धीरे खराब होने लग जाता है और इसका प्रभाव आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।
• संगीत सुनें: संगीत सुनने से ब्‍लड प्रैशर नॉर्मल रहता है और आपकी हार्ट रेट भी सामान्य रहती है। यह एक स्ट्रेस बूस्टर होता है, इसलिए जब आप चिंता में रहें तो संगीत सुनें।
• व्यायाम या योग करें: हर रोज़ कम से कम आधा घंटा व्यायाम या योग को दें। अगर आधे घंटे से अधिक व्यायाम कर पाएं तो बेहतर होगा।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐप डाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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