याददाश्त कम होने के कारण और इसे बढ़ाने के तरीके | Daily Health Tip | 05 April 2020 | AAYU App

how to increase memory capacity

अच्छी नींद आपकी याददाश्तबढ़ाने में मदद करती है। यह आपके शरीर के ब्लड शुगर लेवल को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद करती है और इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी ठीक तरीके से काम करती है।

Sound Sleep helps to increase your memory. It helps in controlling body’s blood sugar level and it also improves immunity. 

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हमारे खान- पान का असर हमारे शरीर के साथ साथ हमारी याददाश्त पर भी पड़ता है। अगर हमारे दिमाग को कुछ जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते तो वह कमजोर हो जाता है जिसकी वजह से हमारी याददाश्त भी कमजोर हो जाती है। आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपाय बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप अपनी याददाश्त को बढ़ा सकते है।

याददाश्त कम होने के कारण:

सडक़ दुर्घटनाएं – कई बार दुर्घटना में सिर में चोट आने से व्यक्ति को मिर्गी की समस्या हो जाती है। लगातार पडऩे वाले मिर्गी के दौरे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को पूरी तरह अव्यवस्थित कर देते हैं। जिससे याददाश्त पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

शिक्षा का बढ़ता बोझ – उच्च शिक्षा के लिए अच्छे कॉलेजों में दाखिला या सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षा देना अनिवार्य है। ज़्यादा तनाव लेने से सेरोटिनिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर का स्राव ज्यादा होता है। जिसके कारण न्यूरोन्स को नुकसान पहुंचना शुरू हो जाता है। कई बार ऐसी परीक्षाओं में विफलता के कारण और मस्तिष्क की निष्क्रियता के चलते याददाश्त की कमी के साथ-साथ अवसाद की भी समस्या सामने आ जाती है।

एकाकी परिवार – संयुक्त परिवार की जगह एकल परिवार में रहने से युवाओं पर व्यावसायिक और सामाजिक बोझ बढ़ता है। इसके कारण कई बार मस्तिष्क में हार्मोन न्यूरोट्रांसमीटर व विद्युत तरंगों की कार्यप्रणाली अनियंत्रित हो जाती है। ऐसे में ल्यूकोट्रिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर का स्राव बढऩे लगता है जो दिमाग पर बुरा असर डालता है।

नशे की लत : शराब या सिगरेट को भी आजकल युवा अपने स्टेटस सिंबल से जोड़ते है। इससे धीरे-धीरे मस्तिष्क में डोपामाइन नामक न्यूरोट्रांसमीटर का स्राव कम होने लगता है। डोपामाइन का मुख्य कार्य शरीर की कार्यप्रणाली को सही तरीके से चलाना है। इसकी कमी से याददाश्त कमजोर होने लगती है।

इसके अलावा अत्यधिक अल्कोहल लेने से लिवर पर भी विपरीत असर पड़ता है। जिससे अमोनिया व यूरिया की मात्रा खून में बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पूरी तरह विक्षिप्त होने का खतरा रहता है जिससे व्यक्ति की याददाश्त पूरी तरह भी जा सकती है। शराब के अलावा अन्य मादक पदार्थों के नशे से मस्तिष्क में ऐपिनेफ्रिन व नोरऐपिनेफ्रिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर का स्राव रुक जाता है। इस वजह से भी भविष्य में व्यक्ति की याददाश्त पूरी तरह जा सकती है।

मोबाइल का प्रयोग : कम्प्यूटर व मोबाइल का अधिक प्रयोग भी इसकी एक वजह है। इनसे निकलने वाली तरंगों के कारण मस्तिष्क की कार्यप्रणाली गड़बड़ा जाती है। ऐसे में मेलोट्रिनिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर का स्राव बहुत कम हो जाता है जिससे उनमें अनिद्रा की दिक्कत होने लगती है जो आगे चलकर याददाश्त को कमजोर करती है।

खानपान भी जिम्मेदार : आधुनिक युवावर्ग फास्ट-जंक फूड व अधिक वसायुक्तखाना पसंद करता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट व प्रोटीन की कमी पाई जाती है। न्यूरोन्स की होने वाली क्षति को ठीक करने के लिए प्रोटीन अत्यंत आवश्यक है और उत्पन्न होने वाली विद्युत तरंगों को संचालित रखने के लिए ग्लूकोज की आवश्यकता होती है।

इन दोनों चीजों के अभाव से शरीर में मोटापा तो बढ़ता ही है साथ ही मस्तिष्क के सफेद हिस्से (व्हाइट मेटर) पर दुष्प्रभाव पड़ता है जिससे मस्तिष्क की संचार व्यवस्था कमजोर होने लगती है और मस्तिष्क की कोशिकाओं को भी क्षति पहुंचती है। इसका याददाश्त व सोचने- समझने की क्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है।

याददाश्त को बढ़ाएं:

बादाम – बादाम में एंटी ऑक्सीडेंट और ओमेगा 3 एसिड पाया जाता है, जो कि हमारी मेमोरी को बढ़ाने में मदद करता है। इसके लिए आप रात को 4-5 बादाम भिगोकर सुबह उनका छिलका उतार कर उसे दूध के साथ खाएं।

अखरोट- अखरोट भी दिमाग के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यह दिमाग में होने वाली कमजोरी से लड़ता है। रोज सुबह नियमित रूप से 20 ग्राम अखरोट का सेवन करने से याददाश्त बढ़ती है।

कद्दू के बीज – कद्दू के बीज में भरपूर मात्रा में जिंक पाया जाता है। इसलिए यह दिमाग के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। कद्दू के बीज के सेवन से आपको अच्छी नींद भी आती है।

नारियल का तेल – नारियल का तेल हमारे दिमाग की कोशिकाओं को ईंधन देता है। जिससे हमारी याददाश्त बढ़ती है। आप इसे खाने में प्रयोग कर सकते है। इसके अलावा आप नियमित रूप से नारियल के तेल से अपने सिर की मालिश करें।

अच्छी नींद ले – नियमित रूप से 7-8 घंटे की नींद लेनी चाहिए इससे आपका दिमाग शांत रहता है। जिससे आपकी क्षमता बढ़ सकती है और आप तरोताजा भी महसूस करेंगे।

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