पीएम का देश के नाम नया मंत्र ‘लोकल के लिए वोकल’, आत्मनिर्भर बनने पर दिया जोर

  • प्रधानमंत्री ने कहा- महामारी से उपजे संकट के इस दौर में हमें लोकल ने ही बचाया
  • श्री मोदी ने कहा- लोकल सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि हम सबकी ज़िम्मेदारी है

(Vocal For Local) लोकल के लिए वोकल बनें देश-   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया। साथ ही, लोकल प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने की अपील की। संबोधन के शुरुआती हिस्से में वसुधैव कुटम्बकम पर खासा जोर था। उन्होंने कहा कि भारत जब तरक्की करता है तो दुनिया समृद्ध होती है लेकिन भाषण के आखिर में उन्होंने जो बात कही वो दुनिया के कई देशों को पसंद नहीं आएगी। मोदी ने स्वदेशी अपनाने की अपील की। 

पीएम के साथ मेड्कॉर्डस भी आपसे स्वदेशी अपनाने और घर बैठे लॉकडाउन नियमों का पालन करने की अपील करता है। किसी भी स्वास्थ समस्या के लिए आयु ऐप डाउनलोड करके या फिर हमारे टॉल-फ्री नंबर 7816811111 पर कॉल कर आप तुरंत डॉक्टर से परामर्श व दवाइयाँ प्राप्त कर सकते हैं। 

श्री मोदी ने कहा, “कोरोना ने हमें लोकल मैन्यूफैक्चरिंग, लोकल सप्लाई चेन और लोकल मार्केटिंग का भी मतलब समझा दिया है। लोकल ने ही हमारी डिमांड पूरी की है। (Vocal for Local)

Vocal For Local “Consult Doctor Online”

लोकल को बनाएं जीवन मंत्र (Vocal for Local)

पीएम ने आगे कहा- हमें लोकल के लिए वोकल (vocal about local) होना पड़ेगा। यानी आज से हर भारतवासी को न सिर्फ लोकल प्रोडक्ट्स खरीदने हैं, बल्कि उनका गर्व से प्रचार भी करना है। हमें इस लोकल ने ही बचाया है। लोकल सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि हम सबकी ज़िम्मेदारी है।’’

प्रधानमंत्री ने देश के नाम अपने संबोधन में कहा कि आपको जो आज ग्लोबल ब्रांड लगते हैं, वो भी कभी ऐसे ही लोकल थे। जब वहां के लोगों ने उनका इस्तेमाल और प्रचार शुरू किया। उनकी ब्रांडिंग की, उन पर गर्व किया तो वे प्रोडक्ट्स लोकल से ग्लोबल बन गए। इसलिए, आज से हर भारतवासी को अपने लोकल के लिए वोकल बनना है।

समय ने हमें सिखाया है कि लोकल को हमें अपना जीवन मंत्र बनाना ही होगा। न सिर्फ लोकल प्रोडक्ट्स खरीदने हैं, बल्कि उनका गर्व से प्रचार भी करना है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा देश ऐसा कर सकता है। आपके प्रयासों ने तो हर बार आपके प्रति मेरी श्रद्धा को और बढ़ाया है।’’

5 पिलर पर खड़ी होगी भारत की आत्मनिर्भरता’

  1. इकनॉमी – धीरे-धीरे बदलाव नहीं, तेज विकास
  2. इंफ्रा – जो आधुनिक भारत की पहचान बने
  3. सिस्टम – ऐसा जो 21वीं सदी के सपनों को साकार करने वाली टेक्नोलॉजी से सज्जित हो
  4. डेमोग्राफी – दुनिया का सबसे बड़ा विविधता भरा लोकतंत्र हमारी ताकत
  5. डिमांड-  जो सप्लाई चेन के चक्र को पूरा करे

आत्मनिर्भर बनने पर जोर

आत्मनिर्भरता दरअसल, आत्मबल और आत्मविश्वास से ही संभव है। आत्मनिर्भरता ग्लोबल सप्लाई चेन की स्पर्धा में देश को तैयार करेगी। इसे समझते हुए आर्थिक पैकेज में कई प्रावधान किए गए हैं। इससे हमारे सभी सेक्टर्स की इफिशिएंसी बढ़ेगी और क्वालिटी भी तय होगी।’’

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आयु है आपका सहायक

कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते आज विश्व टेलीमेडिसिन को अपना रहा है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी आमजन से टेलीमेडिसिन को अपनाने की बात कही है। किसी भी सामान्य बीमारी में आप विशेषज्ञ डॉक्टरों से घर बैठे आयु ऐप के माध्यम से परामर्श कर सकते हैं। इसके अलावा आयु ऐप पर डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित स्वास्थ संबंधी तमाम अपडेट प्राप्त कर सकते हैं। आयु ऐप डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

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