Vaccination in India : वैक्सीनेशन की नई गाइडलाइन, इतने लोगों को एक साथ लगाई जाएगी वैक्सीन

Vaccination in India

Vaccination in India : भारत में कोविड-19 (Coronavirus in India) को लेकर सरकार ने वैक्सीनेशन (Vaccination in India) की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। वैक्सीनेशन को लेकर केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन भी जारी की हैं। शुरुआत में वैक्सीनेशन के हर सेशन में केवल 100 लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी।

वैक्सीन की उपलब्धता और इंतजाम बेहतर हुए तो ये संख्या 200 भी हो सकती है। नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन (NEGVAC) ने इसके लिए डिटेल गाइडलाइन तैयार की है।

1. वैक्सीन का रखने के लिए कितना तापमान होना चाहिए।

नेशनल ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट ऑन कोविड-19 वैक्सीनेशन के चेयरमैन और नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बताया कि वैक्सीन स्टोरेज के लिए माइनस 2 से 8 डिग्री सेल्सियस वाले कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। पॉल ने बताया कि देश में 4 वैक्सीन हैं जिन्हें आसानी से स्टोर किया जा सकता है। इसमें सीरम इंस्टीट्यूट, भारत बायोटेक, जायडस और स्पुतनिक की वैक्सीन है।

गाइडलाइन के मुताबिक, राज्य और केंद्र शासित राज्य खुद से वैक्सीनेशन (Vaccination in India) का दिन और तारीख तय कर सकेंगे। केंद्र सरकार अगले 6 से 8 महीने में देश के 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाने की तैयारी में है। इसके लिए 60 करोड़ डोज कंपनियों से खरीदे जाएंगे।

2. भारत में वैक्सीनेशन की नई गाइडलाइन में और क्या-क्या है?

  • देश के सभी जरूरी लोगों को जिन पर संक्रमण का ज्यादा खतरा है, उन्हें वैक्सीन लगाने की सिफारिश है।
  • 1 करोड़ हेल्थ वर्कर्स, 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसमें डॉक्टर्स, नर्स, पुलिस, होम गार्ड्स, आर्म फोर्स, सिविल डिफेंस, नगर निगम, डिजास्टर मैनेजमेंट के कर्मचारी शामिल हैं।
  • 50 साल से ऊपर और 50 साल से नीचे के दो ग्रुप बनाए जाएं। उम्र के हिसाब से भी वैक्सीनेशन (Vaccination in India) में प्राथमिकता दी जाएगी।
  • एक बार में 100 लोगों को वैक्सीन (Vaccination in India) लगाई जाएगी। इसमें ज्यादा संख्या हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स की होगी। हालांकि हाई रिस्क वाले लोग भी इसमें शामिल होंगे।
  • हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को एक जगह पर ही वैक्सीन लगाई जाएगी।
  • अन्य हाई रिस्क वाले नागरिकों के लिए अलग-अलग साइट्स या मोबाइल साइट्स तैयार कर सकते हैं।
  • राज्य सरकारें अपनी सुविधा के अनुसार स्कूल, कम्युनिटी हॉल्स या टेंट में वैक्सीनेशन सेंटर (Vaccination in India) बना सकती हैं।
  • वैक्सीनेशन सेंटर पर पीने का पानी, टॉयलेट आदि की सुविधा भी मौजूद होगी।

3. साइड इफेक्ट हुआ तो अस्पताल में भर्ती कराएंगे

वैक्सीन का डोज देने के बाद डॉक्टर्स और अन्य विशेषज्ञ हर कैंडीडेट को 30 मिनट तक निगरानी में रखेंगे। अगर इस दौरान किसी को साइड इफेक्ट महसूस होता है तो उसे डेडिकेटेड हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाएगा।

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