अंजीर के फायदे, उपयोग और नुकसान | Daily Health Tip | 17 March 2020 | AAYU App

fig benefits and side effects

अंजीर में पोटैशियम उच्च मात्रा में और सोडियम निम्न मात्रा में पाया जाता है। यह ब्लड प्रेशर और हाइपर टेंशन को कम करता है। यह हड्डियों की कमजोरी को दूर करता है। ”

” Fig contains Potassium in good amount and sodium in less amount. It reduces blood pressure and hypertension. It strengthen bones. “

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कुछ फल ऐसे होते है, जो फल के साथ-साथ ड्राईफ्रूट्स की तरह भी खाया जाता है।

अंजीर के प्रकार:

ब्लैक मिशन: बाहर से इसका रंग काला या हल्का बैंगनी होता है, जबकि अंदर से गुलाबी होता है। यह अंजीर न सिर्फ खाने में मीठी होती है, बल्कि इसमें रस भी होता है। इसे केक या खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है।

कडोटा: यह अंजीर हरे रंग की होती है और बैंगनी रंग का गूदा होता है। यह अंजीर के सभी किस्मों में सबसे कम मीठी होती है। इसे कच्चा खाया जा सकता है, लेकिन इसे गर्म करके और ऊपर हल्का नमक डालकर भी खाया जा सकता है।

कैलीमिरना: यह बाहर से हरे-पीले रंग की होती है। इसका आकार अन्य किस्मों के मुकाबले सबसे बड़ा होता है और इसका स्वाद भी सबसे अलग होता है।

ब्राउन तुर्की: इस अंजीर का बाहरी रंग बैंगनी और गूदा लाल होता है। इसका स्वाद हल्का और कम मीठा होता है। इसका प्रयोग सलाद का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है।

एड्रियाटिक : इसकी बाहरी परत हल्की हरी और अंदर से गुलाबी होती है। इसका रंग हल्का होने के कारण इसे सफेद अंजीर भी कहा जाता है। यह सबसे मीठी होती है और इसे फल के तौर पर खाया जा सकता है।

सेहत के लिए अंजीर के फायदे:

पाचन तंत्र:

अंजीर का सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर हो सकती है और पाचन तंत्र अच्छी तरह काम करने लगता है। पाचन तंत्र को बेहतर करने के लिए दो-तीन अंजीर को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें और अगली सुबह शहद के साथ खाएं।

पाचन तंत्र को बेहतर करने और कब्ज को जड़ से मिटाने के लिए फाइबर की जरूरत होती है। अंजीर में पर्याप्त मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है। इसलिए, जब अंजीर का सेवन किया जाता है, तो इसका फाइबर गुण पेट को साफ करने में मदद करता है। शरीर से मल आसानी से बाहर निकल जाता है। अंजीर में फाइबर होने के कारण इसके सेवन से दस्त भी ठीक हो सकते है।

ह्रदय के लिए:

जब हमारे शरीर में ट्राइग्लिसराइड (एक प्रकार का वसा) की मात्रा बढ़ जाती है, तो ह्रदय संबंधी बीमारियां होने लगती है। इससे निपटने के लिए अंजीर का सेवन किया जा सकता है। अंजीर खाने से रक्त में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा कम हो सकती है और ह्रदय सही प्रकार से काम करने लगता है। इसलिए, स्वस्थ ह्रदय के लिए अंजीर के कई फायदे है।

इसके अलावा, शरीर में फ्री रेडिकल्स की उत्पत्ति होने पर कोरोनरी धमिनयां जाम हो जाती है और ह्रदय से जुड़ी बीमारियां जन्म लेने लगती है। अंजीर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स को खत्म कर ह्रदय की रक्षा कर सकता है। इसके अलावा, अंजीर में फेनोल्स, ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड गुण भी होते है, जो ह्रदय को स्वस्थ रखने में मदद करते है।

कोलेस्ट्रॉल:

अंजीर में पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जो रक्त से खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है साथ ही अंजीर का फाइबर गुण पाचन तंत्र से भी अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को साफ कर सकता है। अंजीर में विटामिन-बी6 भी होता है, जो सिरोटोनिन का निर्माण करता है। सिरोटोनिन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित कर मूड को अच्छा कर सकता है। अंजीर में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड व फाइटोस्टेरोल जैसे गुण भी होते है, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने का काम कर सकते है।

एनीमिया:

शरीर में आयरन की कमी होने पर एनीमिया होता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी घातक साबित हो सकती है। सूखी अंजीर को आयरन का प्रमुख स्रोत माना गया है। इसके सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है।

मासिक धर्म के समय और गर्भावस्था के समय कई महिलाएं एनीमिया की शिकार हो जाती है। इससे उन्हें कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, अगर कोई बीमार है या फिर किसी तरह की सर्जरी हुई है, उस अवस्था में एनीमिया हो सकता है। इससे बचने के लिए अंजीर को अपनी डायट में शामिल करना चाहिए। अंजीर के सेवन से शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ सकती है और शरीर किसी भी तरह की बीमारी से लड़ने में सक्षम हो जाता है।

अंजीर के उपयोग:

  • अंजीर को खाने से पहले अच्छी तरह धो लेना जरूरी है। फिर आप इसे या तो ऐसे ही खाएं या फिर छिलका उतार कर खा लें।
  • सूखी अंजीर की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसे धोकर रातभर पानी में भिगोकर रखें और अगली सुबह खाली पेट इसका सेवन करें इस पानी को आप पी सकते है।
  • सूखी अंजीर को अपने साथ कहीं भी ले जाना आसान है। इसलिए, अगर आप किसी यात्रा पर जा रहे है, तो अंजीर को अपने साथ ले जा सकते है। इसके सेवन से एक तो भूख नहीं लगती और दूसरा ऊर्जा बनी रहती है।
  • आप इसे सैंडविच या फिर सलाद में डालकर भी खा सकते है। इससे सैंडविज और सलाद का स्वाद तो बढ़ेगा ही, साथ ही आपको जरूरी पोषक तत्व भी मिलेंगे।
  • ताजी के मुकाबले में सूखी अंजीर में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए, अगर आप घर में कोई मीठा व्यंजन बनाते है, तो चीनी की जगह इसका प्रयोग कर सकते है। इससे न सिर्फ मीठे व्यंजन का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि उसे खाने से जरूरी पोषक तत्व भी मिलेंगे।

अंजीर के नुकसान:

  • प्रतिदिन दो-तीन सूखी अंजीर खाना पर्याप्त है। इसे रातभर पानी में भिगोकर अगली सुबह खाना चाहिए। अगर अंजीर को बिना भिगोए या जरूरत से ज्यादा खाया जाता है, तो शरीर में गर्मी हो सकती है और नाक से खून आ सकता है।
  • अंजीर में फाइबर ज्यादा होता है, इसलिए अधिक खाने से दस्त की समस्या हो सकती है।
  • अधिक अंजीर खाने से आंतों व पेट में दर्द हो सकता है।
  • अंजीर एक प्रकार से प्राकृतिक शुगर का काम करती है। अगर इसे ज्यादा खाया जाए, तो दांत सड़ सकते है। डायबिटीज के मरीजों को भी इसे खाने से पहले एक बार डॉक्टर से पूछ लेना चाहिए।
  • किसी-किसी को अंजीर खाने से एलर्जी भी हो सकती है, इसलिए यह खाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से पूछ लें।

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