uric acid in hindi: जानें क्यों बढ़ता है यूरिक एसिड

uric acid in hindi

यूरिक एसिड (Uric Acid in Hindi) पथरी का कारण बन सकता है। यूरिक एसिड की ज्यादा मात्रा एन्डोथेलियल नाइट्रिक ऑक्साइड जैसे जरूरी तत्व को कम करता है, इस वजह से ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) बढ़ने का खतरा होता है।

यूरिक एसिड शरीर में पाया जाने वाला एक रसायन है जो पाचन के दौरान प्रोटीन के टूटने से बनता है। यूरिक एसिड खून (Blood) में घुलकर किडनी तक पहुँचता है और फिर सफाई करके मूत्र मार्ग से बाहर निकलता है। शरीर में यदि यूरिक एसिड की मात्रा अधिक हो जाए तो यह ठीक तरह से फिल्टर नहीं हो पाता। जिस वजह से यह पेशाब के जरिए बाहर नहीं निकल पाता और शरीर में गठिया व किडनी खराब होने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। यूरिक एसिड का बढ़ना पथरी बनने का कारण बन सकता है। यूरिक एसिड की अधिक मात्रा एन्डोथेलियल नाइट्रिक ऑक्साइड जैसे जरूरी तत्व को कम करता है, जिस वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा होता है।

आइये अब जानते है यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है?

यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है:

यूरिक एसिड (Uric Acid in Hindi) बढ़ने के कई कारण हो सकते है। जैसे कि

  • गलत खानपान
  • अनहेल्दी लाइफस्टाइल
  •  रेड मीट, सी फूड, दाल, राजमा, पनीर और चावल खाना
  • देर तक खाली पेट रहना
  • ब्लड प्रेशर की दवाएं लेना
  • डायबिटीज के मरीजों को ज्यादा खतरा रहता है
  • प्यूरिन प्रोटीन बढ़ना

यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण: Uric Acid Symptoms in Hindi:

शुरुआत में यूरिक एसिड (Uric Acid in Hindi) के बढ़ने का पता नहीं लगता। कई लोग इस जानकारी के अभाव में रहते है कि यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण क्या है और उन्हें कैसे पहचानें।

  • जोड़ों में दर्द होना जिस वजह से उठने-बैठने में परेशानी होती है। (यह भी पढ़ें: जोड़ों में दर्द के कारण)
  • उंगलियों में सूजन आ जाती है।
  • जोड़ों में गांठ की शिकायत होना।
  • इसके अलावा पैरों और हाथों की उंगलियों में चुभन वाला दर्द होता है जो कई बार असहनीय हो जाता है। इसमें आदमी ज्यादा जल्दी थक जाता है इसलिए इन लक्षणों को नजरअंदाज ना करें। कभी भी इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए तो डॉक्टर से संपर्क करें।

यूरिक एसिड कम करने के घरेलू उपचार: home remedies for uric acid in hindi

  • यूरिक एसिड (Uric Acid in Hindi) से प्रभावित मरीजों को ज्यादा तनाव नहीं लेना चाहिए क्योंकि किडनी के ऊपर ग्रंथि (Gland) होती है जो गुस्सा और डर जैसी भावनाओं को निर्धारित करती है। इस समय प्राणायाम, योग या व्यायाम करें। प्राणायाम से यह ग्रंथि सक्रिय रहती है और शरीर के लिए हार्मोन का उत्सर्जन (Ejection) करती है, जिससे तनाव कम होता है। यूरिक एसिड का फिल्टरेशन ठीक से होगा और किडनी में भी परेशानी नहीं आएगी।
  • नियमित मॉर्निंग वॉक करने से भी यूरिक एसिड (Uric Acid in Hindi) कम किया जा सकता है। इससे भी तनाव दूर होता है और किडनी का स्वास्थ्य बेहतर होता है। (यह भी पढ़ें: मॉर्निंग वॉक के फायदे)
  • आयुर्वेद में कासनी, सौंफ, अजवाइन, पुदीना की सब्जी या चटनी, धनिया आदि का सेवन यूरिक एसिड कम करने का बेहतर इलाज है। इन सभी चीजों का अर्क (Extraction) भी लिया जाता है। इनके सेवन से यूरिक एसिड (Uric Acid in Hindi) का फिल्टरेशन बेहतर तरीके से होता है।
  • डाइट में अधिक मात्रा में विटामिन-सी लेना चाहिए। आंवला, मौसंबी, संतरा में काफी मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है। विटामिन-सी यूरिक एसिड (Uric Acid in Hindi) को मूत्र के जरिए बाहर फेंकने मे मदद करता है। आंवले का जूस भी फायदा पहुँचाता है। एलोवेरा का जूस भी फायदा देता है।
  • मीठा नीम खाने से भी यूरिक एसिड कम होता है। सलाद में ज्यादा से ज्यादा मूली का सेवन करें।

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