त्वचा पर चकत्ते क्या है, लक्षण और उपचार | Daily Health Tip | Aayu App

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त्वचा पर चकत्ते छोटे या बड़े आकार के पिंपल्स के रूप में दिख सकते हैं। जो कुछ दवाईयाँ से एलर्जी की वजह से हो सकते हैं। इसलिए ऐसी दवाइयों के सेवन से बचें।

Skin rashes may appear as small or large-sized pimples. Some of which may be because of allergy to medicines. Therefore, avoid taking such medicines.

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यह त्वचा पर फैले हुए घाव होते हैं। त्वचा पर चकत्ते अलग-अलग प्रकार के और बहुत अधिक संख्या में उपस्थित हो सकते हैं और इसके कई कारण हो सकते हैं। इसलिए इसके उपचार भी कई तरह के हो सकते है।

यह चकत्ते शरीर के सिर्फ एक छोटे हिस्से तक रह सकते हैं और शरीर के अन्य कई हिस्सों में भी फैल सकते हैं। त्वचा पर चकत्ते के कई रूप होते हैं, यह सूखे, नम, उभरे हुऐ, खुरदरे या चिकने आदि के रूप में दिखाई दे सकते हैं। इनके कारण दर्दनाक खुजली उत्पन्न हो सकती है और त्वचा का रंग बदल सकता है।

त्वचा के चकत्ते, त्वचा में सूजन, जलन और इसके रंग में परिवर्तन कर सकते हैं, जिससे त्वचा की सामान्य दिखावट खराब हो जाती है। चकत्ते उत्पन्न करने वाले काम कई प्रकार के हो सकते हैं, जिसमें संक्रमण, गर्मी, एलर्जिक पदार्थ, प्रतिरक्षा प्रणाली विकार और दवाएं शामिल हैं। 

त्वचा पर चकत्ते के लक्षण:

ज्यादातर चकत्तों में खुजली या उनको छूने से खुजली शुरू हो सकती है, हालांकि कुछ प्रकार के गंभीर मामलों में चकत्तों में खुजली और जलन होने लगती है।

चकत्ते कई अलग-अलग रंग, आकार और पैटर्न में निकल सकते हैं। त्वचा में सूजन और जलन पैदा करने वाले चकत्ते लाल रंग के होते हैं।

  • समतल और धब्बेदार।
  • ऊपर की तरफ उठे और उभरे हुए (दानेदार)।
  • शीट की तरह उपर उठे हुए (Plaque)।
  • समतल और ऊपर की तरफ उठे हुऐ चकत्तों का मिश्रण, जिसको मैक्युलोपॉपुलर कहा जाता है।
  • छोटे-छोटे पीप वाले दाने (Pustular)
  • एक्नेयाफोर्म (मुंहासें जैसे, छोटे या बड़े आकार के पिंपल्स)
  • छोटे स्पष्ट फफोले (Vesicular)
  • लाल या गुलाबी रंग के चकत्ते
  • त्वचा में छोटे-छोटे निशान जिनसे खून निकलता है (Petechial)।
  • सफेद और चांदी जैसे रंग के चकत्ते (Psoriasis)
  • शुरू में सूखे, परतदार और खुरदरे तथा कुछ समय बाद रंग बिगड़ना और मोटाई बढ़ना (Eczematous)।
  • छिला हुआ या कुछ जगह खरोंच आदि लगना (Excoriated)। यह किसी अन्य चकत्ते के साथ भी हो सकते हैं।

त्वचा पर चकत्ते के कारण:

त्वचा पर चकत्ते के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें एलर्जी, रोग, रिएक्शन और दवाएं आदि शामिल हैं। यह बैक्टीरियल संक्रमण, वायरल संक्रमण और पैरासाइटिक संक्रमण के कारण हो सकती हैं।

  • डर्मेटाइटिस: यह चकत्ते के सामान्य कारणों में से एक है, यह तब होता है जब आपने किसी एलर्जी रिएक्शन करने वाली चीज को छूआ होता है। इसमें आपकी त्वचा लाल हो सकती है और सूजन हो सकती है, और चकत्ते उभर सकते हैं।
  • दवाएं: कुछ प्रकार की दवाओं के कारण कुछ लोगों में चकत्ते पैदा होने लगते हैं, जो एलर्जी का एक कारण हो सकता है।
  • संक्रमण: फंगल, बैक्टीरिया और वायरस आदि के कारण हुए संक्रमण भी चकत्ते पैदा कर सकते हैं, चकत्ते संक्रमण के प्रकार के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।
  • स्व-प्रतिरक्षित स्थितियां (ऑटो-इम्यून रोग): यह स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब किसी व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली उसके शरीर के स्वस्थ ऊतकों (tissues) पर आक्रमण करना शुरू कर देती है। स्व-प्रतिरक्षित रोग कई प्रकार के होते हैं, जिनमें से कुछ के कारण चकत्ते बनने लगते हैं।

त्वचा में चकत्ते उत्पन्न करने वाली सामान्य स्थितियां:

  • शिंगल्स (हरपीज़ ज़ोस्टर): यह एक उभरे हुऐ दाने होते हैं, जो दर्दनाक फफोले में परिवर्तित हो जाते हैं, शिंगल्स के कारण त्वचा में जलन और खुजली होने लगती है और त्वचा ज्यादा संवेदनशील हो जाती है।
  • पित्ती (Hives): पित्ती के कारण खुजली, जलन और चुभन महसूस होने लगती है। इससे कारणों में तापमान, गले में संक्रमण, दवाओं से एलर्जी, खाद्य पदार्थ और खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले अन्य पदार्थ जैसे की मसाले आदि शामिल हैं।
  • सोरायसिस: मोटे तथा लाल रंग के धब्बे जो सफेद तथा चांदी रंग की परत से ढके हों, यह सोरायसिस के संकेत होते हैं। इसके धब्बे आमतौर पर सिर, कोहनी, घुटने या पीठ के निचले हिस्से के आस-पास विकसित होते हैं।
  • एक्जिमा: एक्जिमा सूजन, लाल, सूखापन और खुजली वाली त्वचा का कारण बनते हैं। तनाव, उत्तेजित करने वाले पदार्थ (जैसे साबुन, डिटर्जेंट), एलर्जिक पदार्थ और जलवायु आदि इसके लक्षणों को और बढ़ा सकते हैं।
  • रोसेसिया (Rosacea): इसमें आसानी से लालिमा होने की प्रवृत्ति होती है, जिसमें नाक, ठोड़ी, गाल, और माथे पर लाली होना रोसेसिया हो सकता है।
  • मुंह के आस-पास के छाले: इनको बुखार के घाव भी कहा जाता है, क्योंकि अक्सर बुखार में मुँह व होठों पर पीप से भरे छाले निकल जाते हैं। हर्पिज सिंप्लेक्स वायरस के कारण मुँह और नाक के आस-पास दर्दनाक, पीप से भरे छोटे-छोटे फोड़े बन सकते हैं। इसके अलावा यह अत्याधिक धूप, तनाव और हार्मोनल में बदलाव के कारण भी हो सकते हैं जैसे पीरियड्स आदि।
  • पिंपल्स (Acne): जब तेल से भरे हुऐ बेजान त्वचा कोशिकाओं में सूजन आती है, तो पिंपल्स निकलने लग जाते हैं। बैक्टीरिया और हार्मोन्स के द्वारा शुरू किए गए पिंपल्स आमतौर पर ज्यादातर चेहरे, छाती और पीठ पर दिखाई देते हैं।
  • दाद: दाद एक अत्यधिक संक्रामक फंगल संक्रमण होता है, जो त्वचा पर लाल या चांदी रंग का गोल और परतदार धब्बा बनाता है, इसमें खुजली व जलन हो सकती है।
  • खसरा: खसरा एक ज्यादा संक्रामक रोग है, जो आमतौर पर छोटे बच्चों को प्रभावित करता है, खसरा से होने वाले चकत्ते लाल-भूरे रंग के मुंहासे जैसे होते हैं।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा आयु ऐप (AAYU App) पर डॉक्टर से संपर्क करें.

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