पेशाब में जलन होने के कारण,लक्षण और उपाए

पेशाब में जलन का कारण
शेयर करें

पेशाब में जलन और दर्द होना एक समान्या समस्या है. इस समस्या से हर इंसान को कभी ना कभी गुजरना पड़ता ही है. पेशाब में जलन का मुख्य कारण शरीर में पानी की कमी भी हो सकता है. इस समस्या की वजह से पेशाब कम मात्रा में होता है, पेशाब गाड़ा हो जाता है और उसमें से बदबू आने लगती है साथ ही जलन भी होता है… इसलिए अगर पेशाब में जलन हो तो मरीज को तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए, इसका असर आपके किडनी पर भी पड़ता है. आइए जानते है पेशाब में होने वाले जलन के लक्षण और उसके उपाए के बारे में…..

पेशाब में जलन होने के कारण

इन्फेक्शन के कारण


मुत्रमार्ग में इन्फेक्शन तब होता है जब मूत्रमार्ग के किसी हिस्से में बैक्टीरिया इकट्ठे हो जाते हैं. ये बैक्टीरिया मूत्रनाली में उत्पन्न हो जाए तो वहां सूजन और जलन पैदा कर सकता है. इस स्तिथि को यूरेथ्राइटिस कहते है, अगर ये बैक्टीरिया ब्लैडर तक पहुंच जाए तो वह भी सूजन और जलन का कारण बन सकता है .

प्रोस्टेट के कारण

प्रोस्टेट एक अखरोट के आकर की ग्रंथि है जो पुरुषों के ब्लैडर के ठीक नीचे पाई जाती है. यह ग्रंथि मूत्रनाली या यूरेथ्रा को चारो ओर से घेरे रहती है. इसकी ख़ास बात यह है कि यह ग्रंथि एक पुरुष की जीवन में बढ़ता चला जाता है लेकिन जब यह अधिक रूप से बढ़ जाता है तब यह मूत्रनाली पर दबाव डालने लगता है जिससे पेशाब करने में रुकावट पैदा होता है.

किडनी में स्टोन के कारण

अक्सर पानी ज़रूरत से कम पीने से या किसी अन्य कारण से किडनी में स्टोन बन सकता है. अगर किडनी में रहते हुए इसका इलाज न किया जाए तो यह बड़ा होकर मूत्रवाहिनी या युरेटर में फिसल सकता है.इस स्थिति में स्टोन मूत्रवाहिनी को बंद कर देता है जिससे पेशाब किडनी से ब्लैडर तक नहीं पहुंच पाता.

ब्लैडर कैंसर के कारण

जब ब्लैडर की अंदरूनी परत पर असाधारण कोशिकाएं उत्पन्न होने लगते हैं तब वे ट्यूमर बनाते है. जल्द इलाज न कराने से ये कैंसरयुक्त कोशिकाएं ब्लैडर की परत से आगे फैलने लगते है. इससे कैंसर को काबू करना मुश्किल हो जाता है.

किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए आज ही “Aayu” ऐप डाउनलोड करें

महिलाओं को पेशाब में होने वाले जलन का कारण

मूत्रमार्ग में इन्फेक्शन

हर महिला को जीवन में एक न एक बार मूत्रमार्ग में इन्फेक्शन का सामना करना पड़ सकता है. औरतों का छोटा मूत्रनाल या यूरेथ्रा इसका मुख्य कारण होता है . छोटे यूरेथ्रा होने से इन्फेक्शन पैदा करने वाले बैक्टीरिया बहुत आसानी से मलद्वार या ऐनस से मूत्रमार्ग के किसी भी हिस्से तक पहुंचकर नुकसान पहुंचातें हैं.

यीस्ट इन्फेक्शन के कारण

महिलाओं के योनि में कुदरती रूप से यीस्ट संतुलित मात्रा में मौजूद होती है. जिसमें से कैंडिडा और कुछ बैक्टीरिया भी होते हैं. लेकिन किसी कारण से यह संतुलन बिगड़ भी सकता है जिससे कैंडिडा फंगस की मात्रा बढ़ जाती है और वजाइनल इन्फेक्शन उत्पन्न हो जाता है. प्रेगनेंसी में अक्सर यीस्ट इन्फेक्शन होने की संभावना अधिक होती है . ऐसा इसीलिए भी होता है क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में अधिक मात्रा में एस्ट्रोजन हॉर्मोन बनने लगता है जिससे योनि में बैक्टीरिया और यीस्ट का संतुलन बिगड़ जाता है.

यूटीआई

यूटीआई यानि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन पेशाब में जलन का सबसे सामान्य कारण है. मूत्र मार्ग में संक्रमण होने पर जलन, चुभन और दर्द आदि की समस्या हो सकती है. ये संक्रमण सामान्य कारणों से भी हो सकता है और इसका कारण मूत्र मार्ग में कोई बीमारी भी हो सकती है. आमतौर पर यूटीआई के कारण जलन और दर्द सहने योग्य होता है मगर इलाज की देरी और नजरअंदाज करने से ये दर्द और जलन असहनीय भी हो सकता है.

पेशाब में जलन के लक्षण

  • दिन में सामान्य से ज़्यादा बार पेशाब करना
  • रात को चार से ज़्यादा बार पेशाब करना
  • पेशाब करते-करते अचानक से रुक जाना
  • पेशाब करने के लिए ज़ोर लगाना
  • बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना
  • गाढ़ा पेशाब निकलना और उससे भारी गंध आना
  • कभी-कभी पेशाब में रक्त आना

पेशाब में जलन का उपाय

पानी

  • पानी का सेवन करें शरीर में पानी की कमी होने की वजह से पेशाब का रंग पीला हो जाता है और जलन की समस्याएं शुरू हो जाती है ऐसे मैं आपको अपने दिनचर्या में नियमित रूप से अधिक मात्रा में पानी का सेवन करने की आवश्यकता है. यदि आप चाहें तो नारियल पानी का भी सेवन कर सकते हैं इससे पेशाब की जलन की समस्या शीघ्र ही समाप्त हो जाती है.

ककड़ी

  • ककड़ी और खीरा का सेवन करें ककड़ी और खीरे में गुणों के भंडार पाए जाते हैं यह बेहद ही सीतल और पाचक होने की वजह से शरीर में ठंडक बरकरार रखता है. जिसकी वजह से पेशाब खुलकर होती है और जलन की समस्या नही होती है.

विटामिन सी

  • विटामिन सी युक्त फलों का सेवन करें विटामिन सी से भरपूर फल यानी सिट्रिक फ्रूट पेशाब में संक्रमण पैदा करने वाले बैक्‍टीरिया को खत्म करता है. जिससे पेशाब में जलन नहीं होती. इसलिए विटामिन सी से भरपूर फल खाइये.

नींबू

  • नींबू का सेवन करें पेशाब करते समय होने वाले दर्द एवं जल में नींबू का सेवन बहुत फायदेमंद होता है. नींबू के रस में एक प्रकार का एसिड पाया जाता है. साथ ही इसमें मौजूद अलकलाइजिंग के प्रभाव से नींबू सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है. साथ ही इसमें मौजूद साइट्रिक एसिड एंटीबैक्टीरियल,और एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं जो पेशाब के दौरान होने वाले दर्द से राहत दिलाता है.

धनिया

  • धनिये का सेवन करें धनिया में डायसुरिया के प्रभाव को कम करने की शक्ति होती है. जिससे पेशाब करने के दौरान दर्द की समस्या कम होती है. इसके अलावा इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो पेशाब के संक्रमण को खत्म करते हैं.

ठंडा दूध व कलमी शोरा

  • बड़ी इलायची के दाने, मलाई रहित ठंडा दूध पेशाब की जलन को दूर करने में मदद करता है. कलमी शोरा व बड़ी इलायची के दाने पीसकर बारीक चूर्ण बना लें. एक चम्‍मच चूर्ण लेकर उसपर एक भाग दूध व एक भाग ठंडा पानी मिक्‍स करके पी लें. इस उपाय को दिन में तीन बार लें. बस दो दिन तक इस उपाय को इस्‍तेमाल करने से पेशाब की जलन दूर हो जाती है.

Aayu आपका सहायक

अगर आपके घर का कोई सदस्य लंबे समय से बीमार है या उसकी बीमारी घरेलू उपायों से कुछ समय के लिए ठीक हो जाती है, लेकिन पीछा नहीं छोड़ती है तो आपको तत्काल उसे डॉक्टर से दिखाना चाहिए. क्योंकि कई बार छोटी बीमारी भी विकराल रूप धारण कर लेती है. अभी घर बैठे स्पेशलिस्ट डॉक्टर से “Aayu” ऐप पर परामर्श लें . Aayu ऐप डाउनलोड करने के लिए नीचे दी गई बटन पर क्लिक करें.

शेयर करें

One Reply to “पेशाब में जलन होने के कारण,लक्षण और उपाए”

Leave a Reply

Your email address will not be published.