दांतों की देखभाल क्यों है जरूरी, प्रेग्नेंसी में दांतों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये उपाय

teeth care

हममें से ज्यादातर लोगों को अपने दांतों की याद उस वक्त आती है जब वो बुरी तरह खराब हो जाते है या फिर उनमें दर्द होना शुरू हो जाता है। लेकिन शुरुआत से ही दांतों की देखभाल की जाए तो ऐसी परेशानियों से बचा जा सकता है। ये उपाय बेहद आसान और कारगर भी हैं। इन टिप्स को अपनाकर आप डेंटिस्ट के पास जाने से तो बचते ही हैं साथ ही आपके चेहरे की मुस्कान भी बनी रहती है।

डॉ.रिद्दी मेहता से जाने दांतों की सफाई के जरूरी टिप्स-

  • सबसे पहली बात तो यह कि एक बेहतरीन टूथपेस्ट का चुनाव करें। अगर आपको दातों में कोई समस्या है तो इसके लिए आप डॉक्टर की सलाह जरूर लें। हमेशा ऐसे टूथपेस्ट का चयन करें जो आपके दातों की सवेंदंशीलता से लेकर दूसरी समस्याओं को भी दूर कर सकता है।
  • टूथपेस्ट ही नहीं ब्रश का चुनाव करते समय भी ध्यान रखें कि यह आपके दातों और मसूड़ों की नाजुक परत को बिना नुकसान पहुंचाए उसकी सफाई कर सके। दूसरे शब्दों में उसके रेशे नाजुक होने चाहिए।
  • सिर्फ ब्रश करने से काम नहीं चलेगा।
  • दांतो की केयर के लिए आपको मसूडों की धीमी मालिश करना भी बेहद जरूरी है इसके लिए आप लौंग के तेल का प्रयोग कर सकते हैं।
  • समय-समय पर दातों का व्यायाम भी करना चाहिए। दातों का व्यायाम करने के लिए आप ब्रश करने के बाद अपने ऊपर के दांत और नीचे के दातों को आपस में प्रैशर के साथ दबाएँ और फिर खोल दें। ऐसा नियमित करने से आपके मसूड़ों से निकलने वाला भी रुक जाता है।
  • सबसे जरूरी बात, मीठे व्यंजनों का सेवन कम करें क्योंकि ये चीज़ें चीनी से भरपूर होती हैं जो आपके मुहं में जाकर सदन पैदा करती है। साथ ही कार्बोहाइड्रेट युक्त खाध्य पदार्थों का भी सेवन ना करें क्योंकि वो हमारी दातों की पर्त को गला देते हैं जिससे आपके दांत भद्दे नजर आने लगते हैं।

फ्लॉसिंग से करें दांतों को साफ

किसी रेशमी या नॉर्मल पतले धागे के जरिए दांतों को साफ करने की कला को फ्लॉसिंग कहा जाता है। इसके लिए धागे के दोनों छोर को दोनों हाथों से पकड़कर, दो दांतों के बीच में फंसाया जाता है, और हल्के से दांतों पर उपर से नीचे तक रगड़ा जाता है। इस तरीके से दांतों की जड़ों में जमी गंदगी साफ होती है, जिससे बैक्टीरिया नहीं पनपते। 

कब करें फ्लॉसिंग

वैसे तो डॉक्टर्स दिन में एक बार फ्लॉसिंग की सलाह देते हैं, लेकिन यदि आपके पास पर्याप्त समय नहीं है तो आप सप्ताह में कम से कम तीन बार फ्लॉसिंग कर सकते हैं। हो सके तो इसके लिए रात का वक्त चुनें, ताकि आप पर्याप्त समय निकाल सकें। इसके जरिए आपके दांतों की सफाई ठीक तरह से हो जाती है।  फ्लॉसिंग करते वक्त आपका सलीका कठोर नहीं होना चाहिए। अत्यधिक फ्लॉसिंग करने से भी बचें, क्योंकि इससे दांतों कीा पकड़ कमजोर हो सकती है।

दांतों को स्वस्थ और सुंदर बनाए रखने के लिए केवल ब्रश करना ही काफी नहीं है, आपको इसके लिए और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है। दांतो की सफाई को लेकर कई भ्रान्ति होती हैं।

  1. 👉 दांतो की सफाई से दांत कमज़ोर नहीं पड़ते। नियमित दांतों की सफाई से मसूड़े मज़बूत होते हैं। 
  2. खाने के बाद शुगर फ्री च्युइंग गम चबाने से दांतों की सफाई नहीं होती है। ब्रश करना बहुत आवश्यक होता है जिससे बीच में फंसी गंदगी निकल जाती है।
  3. बच्चों के दूध के दांतों को स्वस्थ रखना भी बहुत ज़रूरी है। 
  4. 👉 रात को ब्रश करके सोना बहुत ज़रूरी है क्योंकि रात में सलाइवा दांतों के ऊपर रह जाता है। इससे सांस में बदबू की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  5. डाइट सोडा भी आपके दांतों के लिए उतना ही हानिकारक होता है  जितना की शुगर सोडा। एसिडिक सोडा की जगह आप फल एवं सब्ज़ियों का जूस ले सकते हैं।
  6. 👉 दांतों की सफाई करते समय मुलायम ब्रश का प्रयोग करें। ब्रश करते वक्त दांत रगड़ें नहीं बस हल्के हाथों से उन्हें साफ करें।
  7. 👉पानी एक नेचुरल माउथवॉश है जो मुंह को समय-समय पर साफ करता रहता है। इससे दांतों पर चाय-काफी या दूसरी खाने-पीने की चीजों के दाग नहीं जमते।

प्रेगनेंसी के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

गर्भावस्था के दौरान आप ओरल हेल्थ को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। इस समय हार्मोन में बदलाव से मसूड़ों की बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान दांतों की देखभाल की जरूरत और ज्यादा बढ़ जाती है।

गर्भावस्था के समय आम समस्याएं

  • प्रेगनेंसी के समय हार्मोन्स में बदलाव होता है जिसके कारण मसूड़ों में ब्लीडिंग और स्वैलिंग की आम समस्या हो जाती है। 
  • कुछ महिलाओं को वोमिटिंग की समस्या हो जाती है। जिससे इनामल इरोड हो जाता है। 
  • दांतों को गर्भावस्था के चार से छह माह के दौरान डॉक्टर को दिखाना चाहिए। यह समय ओवर केयर के लिए काफी सही होता है।
  • किसी भी तरह की समस्या ओवर होने पर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर उपचार जरूर कराएं। वरना समस्या बढ़ सकती है।

गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां

दो बार ब्रश करें गर्भावस्था के दौरान अच्छे ओरल केयर के लिए दिन में दो बार ब्रश करें। हर बार कुछ खाने के बाद मुंह की अच्छे से सफाई करें। इससे आप इंफेक्शन से दूर रहेंगे।

जीभ की सफाई करें- गर्भावस्था के दौरान दांतों की सफाई के साथ-साथ जीभ की सफाई का भी उतना ही महत्व है। मुंह साफ करने के दौरान अपने दांतों की सफाई भी करें। 

कैल्सियम का सेवनगर्भावस्था के दौरान आपका ओरल केयर तभी अच्छा हो पाएगा जब आपके दांत स्वस्थ रहेंगे। चूंकि गर्भावस्था के दौरान ज्यादा कैल्सियम की जरूरत होती है, इसलिए इसके सेवन पर विशेष ध्यान दें।

रोज फ्लास करें अच्छे से फ्लॉसिंग करके ही आप दांतों की ठीक से देखभाल कर सकते हैं। आप दांतों के बीच के हिस्से को अच्छे से साफ करें। फ्लॉस को मसूड़े की जड़ से ऊपर की ओर खींचें और अच्छे से सफाई करें।

मीठे से करें परहेजगर्भावस्था के दौरान मीठा खाने की बहुत इच्छा होती है। ऐसे में दांतों की अच्छी देखभाल के लिए मीठे से परहेज करें। मुंह के बैक्टीरिआ सूगर को एसिड में बदल देते हैं, जिससे दांतों को नुकसान पहुंचता है। 

अच्छी आदत डालेंस्मोकिंग और दूसरे गैरकानूनी ड्रग्स से भी दांतों को नुकसान पहुंचता है। अगर आप गर्भवती हैं तो इन आदतों को पूरी तरह से छोड़ दें। इससे न सिर्फ आप पर बल्कि आपके पेट में पल रहे बच्चे पर भी बुरा असर पड़ेगा।

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