थायराइड सर्जरी से होने वाली परेशानियाँ और उनके समाधान

Thyroid

थायराइड (Thyroid) एक बहुत आम परेशानी है जो ज्यादातर लोगों में देखने को मिलती है। भारत में देखा जाए तो लगभग 40 मिलियन लोग इस बीमारी से ग्रसित है इसमें भी हाइपोथायरायडिज्म (hypothyroidism) की परेशानी ज्यादा आम है।

थायराइड ग्रंथि (thyroid gland) का आकार तितली जैसा है, जो गले के सामने स्थित है, जो खून में हार्मोन का निर्माण करती है ताकि वह हार्मोन शरीर की कोशिकाओं तक पहुँच सके। लेकिन जब यह ग्रंथि सही से काम नहीं कर पाती तब थायराइड की बीमारी हो सकती है।

थायराइड क्या है (What is Thyroid):

थायराइड की स्थिति में थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) सही मात्रा में हॉर्मोन का निर्माण नहीं कर पाती। जिसकी वजह से व्यक्ति की शारीरिक क्षमता कम हो जाती है। जिससे कई तरह की स्वास्थ्य परेशानियाँ भी हो सकती है।

थायराइड के प्रकार (Types of Thyroid):

थायराइड मुख्य रूप से 4 प्रकार के होते है।

  • हाइपोथायरायडिज्म थायराइड: यह थायराइड के प्रमुख कारण में से एक है, जो थायराइड ग्रंथि (Thyroid Glands) में थायराइड हॉर्मोन की कमी की वजह से होता है। हाइपोथायरायडिज्म थायराइड मुख्य रूप से छोटे बच्चों में दिखता है, जिसका इलाज दवाईयों के माध्यम से हो सकता है।
  • हाइपरथाइरॉयडिज़्म थायराइड: यह एक और प्रकार का थायराइड है, जो थायराइड ग्रंथि (Thyroid Glands) में अतिरिक्त टिश्यू के निर्माण के कारण होता है। हाइपरथाइरॉयडिज़्म थायराइड में हार्मोन की अधिकता हो जाती है।
  • गोइटर थायराइड: इसे आम भाषा में घेंघा रोग भी कहते है, जो मुख्य रूप से शरीर में आयोडीन की कमी के कारण होता है। गोइटर से पीड़ित व्यक्ति को डॉक्टर आयोडीन की दवाई लेने की सलाह देते हैं, जिसकी वजह से आयोडीन की मात्रा सामान्य हो जाती है।
  • थायराइड कैंसर: यह थायराइड सबसे गंभीर प्रकार है, जिसका इलाज सर्जरी के माध्यम से संभव है। थायराइड कैंसर उस स्थिति में होता है, जब थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) गांठ बन जाती है।

थायराइड के लक्षण (Symptoms of Thyroid):

  • वजन का बढ़ना या कम होना: यह थायराइड का एक लक्षण है, जिसमें व्यक्ति के वजन में अचानक से बदलाव आता है। यह एक गले की बीमारी है जिसमें लोगों का वजन या तो बढ़ जाता है या घट जाता है।
  • गले में सूजन आना: थायराइड होने पर गले में सूजन हो जाती है। यह घेंघा रोग का लक्षण है और स्थिति में मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ती है।
  • ह्रदय गति में बदलाव होना: यदि किसी व्यक्ति की ह्रदय गति में बदलाव होता है और वह सामान्य से तेज़ चलने लगती है, तो यह थायराइड की परेशानी हो सकती है।
  • मूड स्विंग होना: थायराइड का एक लक्षण मूड स्विंग का है।
  • बालों का झड़ना: थायराइड होने पर महिलाओं के बाल तेज़ी से झड़ते हैं। लेकिन इसका हेयर ट्रांसप्लांट से इलाज हो सकता है।

थायराइड के कारण (Causes of Thyroid):

हमारी दिनचर्या में ऐसे बहुत सारे तत्व होते हैं, जिनकी वजह से थायराइड हो सकता है, इनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

  • शरीर में आयोडीन की कमी का होना- थायराइड की समस्या मुख्य रूप से शरीर में आयोडीन (Iodine) की कमी के कारण होती है।
    अत: सभी लोगों को अपने भोजन में ऐसे नमक का सेवन करना चाहिए, जो आयोडीन से भरपूर हो।
  • बच्चे को जन्म देना- कई बार ऐसा देखा गया है कि थायराइड उन महिलाओं को भी हो जाता है, जिन्होंने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया हो।
    हालांकि, यह समस्या कुछ समय के बाद स्वयं ही ठीक हो जाती है, लेकिन यदि थायराइड लंबे समय बनता हो, तो उस स्थिति में उस महिला को अपना सही से इलाज कराना चाहिए।
  • अत्याधिक तनाव लेना- थायराइड उन लोगों में होने की संभावना अधिक रहती है, जो अत्याधिक तनाव लेते हैं।
    इसी कारण सभी लोगों को तनाव प्रबंधन करने की कोशिश करनी चाहिए।
  • उच्च रक्तचाप का होना- यदि किसी व्यक्ति को उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो उसे थायराइड होने की संभावना अधिक रहती है।
    ऐसे व्यक्ति को अपने रक्तचाप का इलाज सही तरीके से कराना चाहिए ताकि उसे स्वास्थ संबंधी अन्य समस्या न हो।
  • मधुमेह (डायबिटीज) का होना- अक्सर, थायराइड मधुमेह के कारण भी हो जाता है।
    अत: इससे पीड़ित व्यक्ति को अपने डायबिटीज को नियंत्रित करने की कोशिश करनी चाहिए।

थायराइड का इलाज कैसे करें (How to treat Thyroid in Hindi):

अगर कोई व्यक्ति थायराइड की बीमारी से पीड़ित है तो उन्हें इसके इलाज के बारे में जानने की जल्दी होती है। क्योंकि इसमें कई तरह की परेशानियाँ होती है।

  • दवाई लेना: इसके इलाज के लिए आप कई तरह की दवाइयों का सेवन कर सकते है। यह दवाईयाँ थायराइड को नियंत्रित रखने तथा उसे जड़ से खत्म करने में सहायता देता हैं।
  • गले की जांच करना: थायराइड एक गले की बीमारी है इसलिए डॉक्टर गले की जाँच करते हैं। इससे थायराइड का स्तर पता कर सकते है।
  • ब्लड टेस्ट कराना: ब्लड टेस्ट के द्वारा थायराइड की गति को कम करने की कोशिश की जाती है।
  • आयुर्वेदिक इलाज कराना: आप आयुर्वेदिक इलाज भी लें सकते है।
  • सर्जरी कराना- जब इस गले की बीमारी में किसी अन्य तरीके से आराम नहीं मिलता, तब डॉक्टर सर्जरी का सहारा लेते हैं। ऐसी स्थिति में थयरॉइडेक्टोमी (Thyroidectomy) सर्जरी के माध्यम से थायराइड का इलाज किया जाता है।

थायराइड से होने वाली परेशानियाँ:

  • गले में रक्तस्राव होना: यह थायराइड की सर्जरी में होने वाला एक जोखिम है, जिसमें व्यक्ति के गले में रक्तस्राव (Bleeding) होता है। यह समस्या कुछ समय तक ही चलती है लेकिन अगर यह लंबे समय तक रहती है तो उस स्थिति में मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ती है।
  • संक्रमण होना: कई बार, इस सर्जरी की वजह से कुछ लोगों को संक्रमण हो सकता है। हालांकि, इस स्थिति में एंटी बायोटिक दवाई ली जा सकती है।
  • आवाज़ में बदलाव का होना: थायराइड सर्जरी को थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) पर किया जाता है। इस कारण इस सर्जरी का इस ग्रंथि पर प्रभाव पड़ता है और व्यक्ति की आवाज़ में थोड़ा बदलाव होता है।
  • सांस लेने में तकलीफ होना: थायराइड सर्जरी का असर कई बार व्यक्ति की स्वास नली (Respiratory Canal) पर पड़ता है। इसलिए व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होती है और इसमें मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ती है।
  • मांसपेशियों में ऐंठन होना: यदि किसी व्यक्ति ने थायराइड सर्जरी करवाई है, तो इस वजह से व्यक्ति की मांसपेशियों पर बुरा असर पड़ता है। इसकी वजह से मांसपेशियों में ऐंठन हो सकता है और इसके लिए फेजियोथेरेपी लेने की जरूरत पड़ती है।

थायराइड की रोकथाम (Prevention from Thyroid):

  1. हेल्दी डाइट अपनाना: कुछ लोगों को थायराइड खराब भोजन करने की वजह से हो सकता है। इसलिए सभी लोगों को अपने भोजन का ध्यान रखना चाहिए और हेल्दी डाइट अपनानी चाहिए।
  2. डिबाबंद भोजन से परहेज रखना: आज के दौर में डिबाबंद भोजन बहुत प्रचलन में है और अधिकांश लोग ऐसे भोजन का सेवन करते हैं, लेकिन डिबाबंद भोजन का सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसी कारण हर शख्स को कोशिश करनी चाहिए कि जितना हो सके उतना डिब्बाबंद भोजन से दूर रहे।
  3. एंटी बायोटिक दवाईयों का सेवन करना: थायराइड संक्रमण के कारण हो सकता है। इसलिए सभी लोगों को संक्रमण से बचने की कोशिश करनी चाहिए और इसके लिए वह एंटी बायोटिक दवाईयों का सेवन करें।
  4. व्यायाम करना: किसी भी व्यक्ति के लिए व्यायाम करना लाभदायक है। यह उसे सेहतमंद रहने और रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित होता है।
  5. थायराइड की जांच करना: सभी लोगों के लिए यह बात सबसे जरूरी है कि वे अपने स्वास्थ की अच्छी तरह से जांच करवाए, ताकि उन्हें इस बात का पता लग सके कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। यदि अपने स्वास्थ की जाँच करने पर किसी व्यक्ति में थायराइड की पुष्टि होती है तो उसे इसका इलाज तुंरत शुरू करना चाहिए।

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि वर्तमान समय में थायराइड (Thyroid) की बीमारी काफी आम समस्या बन गई है। इस गले की बीमारी से ज्यादातर लोग पीड़ित हैं और वह कई सालों तक दवाईयों का सेवन करते हैं, इसके बावजूद उन्हें गले की बीमारी से निजात मिल जाता है। इससे एक बात स्पष्ट है कि लोगों को थायराइड को ठीक करने के लिए सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है। इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित होगा क्योंकि हमने इसमें थायराइड की आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है।अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐप डाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ  डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है।

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