सिफलिस (Syphilis) क्या है? लक्षण, बचाव

Syphilis

सिफलिस (Syphilis) क्या है?

सिफलिस ‘टी.पैलिडम’ (T. Pallidum) बैक्टीरिया द्वारा फैलने वाला संक्रमण है, जो त्वचा पर होने वाले सिफिलिटिक छाले और श्लेष्मा झिल्ली (Mucus Membranes) में प्रत्यक्ष रूप (Direct Form) से हस्तांतरित (Transferred) होता है। यह एक यौन संचारित संक्रमण (STD) है जो इलाज ना करवाने पर गंभीर रूप ले सकता है।

इसका संक्रमण सिफिलिटिक छालों (एक तरह का दर्दरहित छाले) से संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति द्वारा दरवाज़ों के हैंडल जैसी जगहों को छूने से नहीं फैलता।

इसके तहत योनि, गुदा, होंठ और मुँह में छाला हो सकता है। मौखिक (Oral), गुदा (Anal) या योनि संबंधित यौन गतिविधि के दौरान इस बीमारी के फैलने की संभावना होती है।

मुँह या त्वचा की सतह पर दर्दरहित छाला संक्रमण होने का पहला संकेत है। कई बार लोगों को छालों का पता भी नहीं चलता क्योंकि इन छालों में दर्द नहीं होता। यह छाले अपने आप ठीक तो हो जाते है लेकिन इसका इलाज ना करवाने पर इसके बैक्टीरिया शरीर में ही रह जाते है।

पेनिसिलिन के साथ शुरूआती उपचार से इसे ठीक किया जा सकता है। उपचार के बाद सिफिलिस वैसे तो दोबारा नहीं होता लेकिन इस बैक्टीरिया के अधिक संपर्क में आने पर यह बीमारी वापस हो सकती है।

गर्भावस्था के दौरान महिलाएं यह बीमारी अपने बच्चों को भी दे सकती है, जिनके घातक परिणाम हो सकते है।

सिफलिस के लक्षण:

प्राथमिक सिफलिस:

  • पीड़ारहित
  • छोटे छाले 

माध्यमिक सिफलिस: 

  • बिना खुजली वाले चकत्ते जो शरीर के ऊपरी हिस्से से शुरू होते है और पूरे शरीर में फैल जाते है, जिसमें हथेलियाँ और तलवे शामिल है। चकत्ते खुरदरे, लाल या लाल भूरे रंग के हो सकते है।
  • मुँह, गुदा और मस्से जैसे छाले, 
  • मांसपेशियों में दर्द
  • बुखार
  • गले में खराश 
  • सूजी हुई लसीका ग्रंथियां (Lymphatic Glands),
  • बाल झड़ना
  • सिरदर्द
  • वजन घटना
  • थकान

बिना उपचार किया हुआ (अनुपचारित) माध्यमिक सिफलिस छिपा हुआ और तृतीयक चरणों में प्रगति कर सकता है।

अव्यक्त सिफलिस: अव्यक्त चरण (Latent Phase) कई सालों तक रह सकता है। इस समय के दौरान शरीर बिना लक्षणों वाले रोग का घर बन जाएगा।

तृतीयक (अंतिम) सिफलिस:

  • अंधापन
  • बहरापन
  • मानसिक बीमारी
  • स्मरण शक्ति की क्षति
  • नरम टिश्यू और हड्डी को नुकसान
  • नर्वस सिस्टम संबंधी विकार जैसे स्ट्रोक
  • दिल से संबंधित बीमारी
  • न्यूरोसिफलिस (एक मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी में होने वाला संक्रमण)

सिफलिस के कारण:

यौन गतिविधियों के दौरान टी. पैलिडम बैक्टीरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक स्थानांतरित (Transfer) होने के कारण सिफलिस होता है।

बैक्टीरिया आपकी त्वचा में लगी मामूली चोट अथवा खरोंच के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते है। सिफलिस अपने प्राथमिक और माध्यमिक चरणों या प्रारंभिक अवधि (Early latent period) के दौरान संक्रामक का कारण बन सकता है।

यह गर्भावस्था के दौरान मां से गर्भ तक या प्रसव के दौरान शिशु को भी हस्तांतरित (Transfer) हो सकता है। इस प्रकार के सिफलिस को ‘जन्मजात सिफलिस’ कहते है। 

सिफलिस दरवाजे के हैंडल को संक्रमित व्यक्ति द्वारा छूने और टॉयलेट सीट जैसी वस्तुओं के एक साथ उपयोग से नहीं फैलता।

एक बार ठीक हो जाने के बाद सिफलिस दोबारा अपने आप नहीं होता। हालांकि, यदि आप सिफलिस से ग्रसित किसी व्यक्ति के संपर्क में आते है, तो आप फिर से संक्रमित हो सकते है।

सिफलिस से बचाव:

सिफलिस को रोकने का अच्छा तरीका सुरक्षित रूप से सेक्स करना है। किसी भी तरह के यौन संपर्क के दौरान कंडोम का उपयोग करना अच्छा है।

  • ज्यादा व्यक्तियों के साथ यौन संबंध रखने से बचें।
  • ओरल सेक्स के दौरान डेंटल डैम (लेटेक्स का एक चौकोर टुकड़ा) या कंडोम का प्रयोग करें।
  • यौन संचारित संक्रमण की जांच करवाए और अपने सहयोगियों से उनके परिणामों के बारे में बात करें।

एक ही मेडिकल सुई को बहुत सारे लोगों पर इस्तेमाल करने से भी सिफलिस फैल सकता है। यदि आप दवाओं का उपयोग करने जा रहे हैं, तो नई सुई का उपयोग करें।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐपडाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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