चर्म रोग के प्रकार, लक्षण और उपाय

शेयर करें

त्वचा शरीर का सबसे कोमल हिस्सा होता है. शरीर के अंदरूनी हिस्से की तुलना में स्किन सीधे बाहरी वातावरण के संपर्क में रहती है. जिसके चलते बाहर की धूप, धूल, मिट्टी गंदगी, प्रदूषण, बाहरी वातावरण में मौजूद बैक्टीरिया आदि सभी त्वचा को प्रभावित करते हैं.  चर्म रोग भी इनके अलावा अंदरूनी कारणों से भी होता है. वहीं इस रोग को लेकर समाज में भी काफी भ्रांतियॉ है कि यह रोग ठीक नहीं होता, लेकिन समय पर इलाज हो जाए तो चर्म रोग से निजात पायी जा सकती है.

चर्म रोग क्या है? What is skin diseases

चर्म रोग त्वचा पर होने वाला संक्रमण या रोग है जो त्वचा के बाहरी हिस्से पर कहीं पर भी हो सकता है. चर्म रोग की समस्या होने पर त्वचा में खुजली, दाने, रैशेस, लालिमा, सूजन, जलन, छाले, बाहरी हिस्से पर घाव आदि जैसी समस्या होने लगती है. कुछ चर्म रोग सामान्य होते हैं जबकि कुछ बहुत गंभीर. सामान्यतः लोग केवल एक्जिमा को चर्म रोग मानते हैं. जबकि एक्ज़िमा के अलावा भी ऐसी कई समस्याएं होती है जो चर्म रोग का रूप होती है.

//youtu.be/eq9kFkvCIo0

चर्म रोग के प्रकार | skin diseases types and symptoms

जिस तरह संक्रमण कई तरह का होता है उसी प्रकार चर्म रोग भी कई प्रकार के होते हैं. यह स्थाई और अस्थाई होने के साथ-साथ दर्द रहित और दर्द देने वाले भी होते हैं. कुछ में समस्या खुद अपने आप ही ठीक हो जाती है जबकि कुछ में डॉक्टरी इलाज आवश्यक होता है.

दाद (Ringworm)

  • यह रोग त्वचा की सही तरीके से साफ़-सफाई नहीं करने के कारण होता है.इसके अलावा शरीर के किसी हिस्से का लंबे समय तक पानी में रहने के कारण भी दाद की समस्या हो जाती है.दाद एक तरह का संक्रामक रोग है, यह दूसरों से बड़ी जल्दी फैलता है. इसीलिए सावधानी बरतनी चाहिए.दाद की समस्या सिर, हथेली, एड़ी, कमर, दाढ़ी या अन्य भाग में हो सकता है. दाद होने पर त्वचा पर गोल निशान बन जाता है जिसमे जलन और खुजली होती है.

सोरायसिस (Psoriasis )

  • सोरायसिस होने पर त्वचा पर लाल, परत वाले चकत्ते होने लगते हैं. सोरायसिस कोई संक्रामक रोग नहीं है. यह एक बार होने वाली समस्या है जो समय के साथ बढ़ती ही जाती है. इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी इस समस्या का मुख्य कारण होती है.डेड स्किन को बदलने और त्वचा में नई कोशिकाओं का निर्माण करने में लगभग 28 दिनों का समय लगता है, सोरायसिस से पीड़ित लोगों की त्वचा केवल 4 से 5 दिनों में त्वचा की नई कोशिकाओं का निर्माण करने लगती है.जिससे कोशिकाएं जमने लगती है.परिणामस्वरूप लाल, शुष्क और खुजली वाले पैच त्वचा पर दिखने लगते हैं.

घमौरी (Miliaria)

  • अधिक गर्मी और बरसात के मौसम में पीठ और छाती के आसपास लाल रंग के छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं जिन्हे घमौरी कहा जाता है. धुप के सम्पर्क में आते ही घमौरियों में तेज खुजली और जलन होने लगती है. इसीलिए गर्मियों के दिनों में त्वचा को जितना हो सके धूप की सीधी किरणों से बचाना चाहिए.
किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए आज ही “Aayu” ऐप डाउनलोड करें

एक्जिमा (Eczema)

एक्जिमा त्वचा के किसी भी हिस्से में हो सकता है. एक्जिमा होने पर त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते और लाल दाने हो जाते हैं.यह बीमारी छोटे बच्चों में ये अधिकतर देखने को मिलती है. कुछ मामलों में यह समस्या संक्रमण के कारण होती है.एक्जिमा होने पर त्वचा में तेज खुजली होती है और कई बार खुजली से कारण त्वचा से खून भी निकलने लगता है. ये त्वचा में होने वाली गंभीर समस्या है इसलिए लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए.

चर्म रोग के कारण | skin diseases causes

  • आमतौर पर ब्लड में गंदगी के कारण फोड़े-फुंसी, पिंपल और चर्म रोग हो जाते हैं. जब शरीर में बहुत ज्यादा टॉक्सिन इकठ्ठा हो जाते हैं तो लिवर पर अधिक लोड हो जाता है, और त्वचा जिगर की जगह अतिरिक्त विषाक्त पदार्थों को दूर करने की कोशिश करने का प्रयास करने लगती है. इसके कारण आपको त्वचा संबंधी रोग हो सकते है.

चर्म रोग के लक्षण | skin diseases symptoms

  • चेहरे और शरीर पर मुंहासों की समस्या
  • त्वचा पर लाल चकत्ते हो जाना
  • नसों में नीलापन दिखाई देना और त्वचा का नीला पड़ जाना
  • त्वचा पर खुजली वाले गोल-सफेद चकत्ते हो जाना
  • त्वचा और नाखून का जगह-जगह से उखड़ने लगना

ये फूड्स आपके ब्लड को करते हैं डिटॉक्स

खाने से पहले सलाद खाएं

अपने आहार की शुरुआत से पहले अच्छी मात्रा में ग्रीन सलाद या रंगीन सब्जियों का मिक्स सलाद खाएं. सलाद एंटीऑक्सीडेंट्स और एंजाइम्स से भरपूर होता है, जो आपकी पाचन क्रिया को सही रखता है. साथ ही ये आपको जरूरी विटामिन, मिनरल, क्लोरफिल और कई अन्य फिटोकेमिकल्स मुहैया कराता है. इसलिए हर बार खाने से पहले कम से कम एक कटोरी ग्रीन या कलरफुल सलाद खाएं.

खूब पीए पानी

अगर आप शरीर में मौजूद गंदगी को बाहर निकालना चाहते हैं, तो इसके लिए सबसे अच्छा उपाय है पानी पीना. अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो बहुत हेल्दी खाना खाने के बाद भी आपको कोई लाभ नहीं मिलता है और आपके शरीर की गंदगी पूरी तरह साफ नहीं होती है. इसलिए बॉडी डिटॉक्स करने के लिए दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी जरूर पिएं.

नींबू और संतरा

एंटीऑ‍क्‍सीडेंट, विशेष रूप से विटामिन सी से भरपूर संतरा और नींबू ग्‍लूटाथियॉन के उत्‍पादन को बढ़ाकर लीवर के कार्य में सहायता करते हैं. ग्‍लूटाथियॉन वह यौगिक है जो लीवर के डिटॉक्सिफिकेशन के लिए आवश्‍यक होता है. कुछ दिनों तक ठोस आहार के बिना नींबू पानी पीने से आपके डिटॉक्‍स प्रणाली को प्राकृतिक रूप से बढ़ावा मिलता है.नींबू में पर्याप्‍त मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्‍सीडेंट यौगिक, लिमोनोइड्स होते है जो डिटॉक्‍सीफाइ एंजाइमों को सक्रिय करने में मदद करते हैं.

इन बातों का रखें ध्यान

  • चर्म रोग को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि चर्मरोग अगर बढ़ जाता है तो ये आपके बॉडी के इंटरनल पार्ट्स को भी नुकसान पहुंचा सकता है.
  • चर्म रोग अगर काफी समय तक ठीक नहीं होता है तो यह आपके शरीर के अंदर किसी घातक बीमारी की ओर संकते कर रहा होता है.
  • अगर आपके जननांगों पर बार-बार खूजली हो रहा है तो यह एचआईबी जैसी खतरनाक बीमारी का संकते हो सकता है, इसलिए ऐसे कुछ लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.
  • अगर आपको चर्म रोग है तो आप किसी भी तरह का टेंशन ना लें, क्योंकि टेंशन लेने की वजह से यह रोग और ज्यादा भयावह हो जाता है.
  • चर्म रोग से ग्रसित मरीज को अपने खाने में प्रोटिन युक्त पदार्थों को जरूर शामिल करना चाहिए.

Aayu है आपका सहायक

अगर आपके घर का कोई सदस्य लंबे समय से बीमार है या उसकी बीमारी घरेलू उपायों से कुछ समय के लिए ठीक हो जाती है, लेकिन पीछा नहीं छोड़ती है तो आपको तत्काल उसे डॉक्टर से दिखाना चाहिए. क्योंकि कई बार छोटी बीमारी भी विकराल रूप धारण कर लेती है. अभी घर बैठे स्पेशलिस्ट डॉक्टर से “Aayu” ऐप पर परामर्श लें . Aayu ऐप डाउनलोड करने के लिए नीचे दी गई बटन पर क्लिक करें.

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.