पसीना क्यों आता है | Daily Health Tip | 12 March 2020 | AAYU App

secretion of sweating

गर्मियों में पसीना आने की वजह से शरीर में सोडियम की कमी हो जाती है। इसलिए गर्मियों में ज़्यादा से ज़्यादा नमक युक्त भोजन का सेवन करें।

Drink water 30 minutes before meals. This improves your digestion. Also, drink water after few hours of consuming food.”

Health Tips for Aayu App

पसीना आने का कारण:

इंसान को पसीना इसलिए आता है ताकि शरीर का तापमान 98.6 डिग्री फैरनहाइट के आसपास ही नियंत्रित रहे। इस के लिए मानव शरीर में लगभग 25 लाख पसीने की ग्रंथियां यानि स्वेट ग्लैंड हैं। ये ग्रंथियां एयर कंडीशनिंग का काम करती है। जब गर्मी बहुत बढ़ जाती है तो शरीर को ठंडा करने के लिए इन ग्रंथियों से पसीने की बूंदें निकलना शुरू हो जाती है। पसीने के हवा में सूखने से ठंडक पैदा होती है और शरीर का तापमान सामान्य हो जाता है। कई बार आंतरिक कारकों जैसे चिंता, डर और तनाव के चलते भी त्वचा से पसीना निकलता है। हार्मोनल चेंजेस खासकर युवा अवस्था में, के कारण शरीर में करीब 30 लाख पसीने वाली ग्रंथियां सक्रीय हो जाती है। हाइपरहाइड्रोसिस से पीड़ित व्यक्तियों में भी सामान्य लोगों से अधिक पसीना आता है।

क्या है हाइपरहाइड्रोसिस:

हाइपरहाइड्रोसिस नर्वस सिस्टम से जुड़ा यह एक सामान्य डिसॉर्डर है। इसे तीन भागों में बांटा जा सकता है – नर्वस सिस्टम, इमोशनल व हार्मोनल बदलाव व बाहरी पर्यावरण। जो लोग हाइपरहाइड्रोसिस से पीड़ित होते है, उनमें पसीने की ग्रंथियां अधिक सक्रिय हो जाती है। इसके कारण ज्यादा पसीना आने लगता है।  हथेलियों और तलवों में अधिक पसीना आने को पालमोप्लोंटर हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है। हाइपरहाइड्रोसिस में शरीर को ठंडक देने की प्रक्रिया अति सक्रिय हो जाती है। इस कारण सामान्य से चार से पांच गुना अधिक पसीना आता है। गर्म मौसम, अधिक शारीरिक श्रम, भावनात्मक समस्याओं, हार्मोनल बदलाव, मेनोपॉज, डायबिटीज, हाइपरथायरॉइड, मोटापा, निकोटीन, कैफीन और तला मसालेदार खाना, हाइपरहाइड्रोसिस की समस्या को और बढ़ा देता है।

भावनात्मक भी है पसीने का ज्यादा आने का कारण:

पसीने की अधिकता से जुड़ी इस बीमारी से होने वाली मानसिक पीड़ा को ठीक तरह से समझ ही नहीं पाते। इसके मरीजों को अक्सर सायकायट्रिस्ट के पास ले जाया जाता है। साथ के लोग भी मरीज की समस्या को गंभीरता से नहीं लेते जिसके चलते मरीज आत्मविश्वास खो देता है और उसे भारी मानसिक तनाव होता है।

ह्रदय के लिए है मुश्किल:

बिना किसी काम और एक्सरसाइज के सामान्य से अधिक पसीना आना हृदय की समस्याओं की पूर्व चेतावनी संकेत हो सकते है। दरअसल रुकी हुई धमनियों (Arteries) के माध्यम से खून को दिल तक पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। जिससे शरीर को अतिरिक्त तनाव में शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए अधिक पसीना आता है।

साफ-सफाई की कमी:

पसीना अधिक आने की समस्या होने पर साफ सफाई का खास ख्याल रखें। इससे पसीने को रोकने में बहुत मदद मिलती है। आपकी त्वचा भी संक्रमण और बीमारी से बचती है। जब भी कोई कपड़ा पहने तो उससे पहले अपने अंडरआर्म को सुखा लें। इससे कम पसीना आएगा। ठीक प्रकार से नहायें और गर्मियों के मौसम में रोजाना दो बार नहायें।

खान पान का विशेष ध्यान:

प्रतिदिन एक बार एक कप टमाटर का जूस लेने से अधिक पसीने आने की समस्या से राहत मिलती है। इसके अलावा ग्रीन टी भी पसीने को नियंत्रित करने में मददगार साबित होती है। पानी अधिक से अधिक पिएं, ताकि पसीने की दुर्गंध से आपको छुटकारा मिल सके और शरीर भी हाइड्रेट रहे। ध्यान रहे कि स्ट्राबेरी, अंगूर और बादाम आदि में सिलिकॉन अधिक मात्रा में होता है जिससे पसीना अधिक आता है। ज्यादा पसीने की समस्या में इन्हें कम ही लें।

फ्री हैल्थ टिप्स अपने मोबाइल पर पाने के लिए अभी आयु ऐप डाऊनलोड करें । क्लिक करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.