जानिए पेट में जलन के कारण | Reasons of Acidity in Hindi

पेट में जलन के कारण

पेट में जलन होना आम है, लेकिन ऐसा बार-बार होने पर परेशानी बढ़ जाती है। पेट की जलन को एसिडिटी कहा जाता है। आमतौर पर यह जलन छाती या सीने में होती है। पाचन के दौरान छाती में जलन या सीने में जलन अम्ल निकलने के कारण होता है। अब आप सोच रहे होंगे पेट में जलन के कारण क्या-क्या है? ज्यादा तला खाने से एसिडिटी होती है जिस वजह से खाना तेजी से पचता है जिस कारण पेट में अम्ल बनने लगता है।

जो लोग ज्यादा चाय, कॉफी, सिगरेट या शराब पीते हैं, उनमें यह समस्या अधिक रहती है। ऐसा देखा गया है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को एसिडिटी की समस्या होती है। अगर आपको पेट में जलन किसी सामान्य कारण से हो रहा है तो आप घरेलू उपाय अपना सकते है।

सबसे पहले जानते है पेट में जलन के कारण।

पेट में जलन के कारण: Reasons of Acidity in Hindi

एसिडिटी या पेट में जलन होना सामान्य है। आमतौर में ऐसा देखा गया है कि पेट में जलन छाती के निचले हिस्से के आसपास महसूस होती है। पेट में जलन के कारण में मुख्य कारण पेट के अम्लीय पदार्थों का खाने की नली में जाना है।

पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड नामक अम्ल पाया जाता है। यह अम्ल भोजन को टुकड़ों में तोड़ता है और बैक्टीरिया से बचाता है। पेट की अंदरूनी परत शक्तिशाली होती है, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के प्रति अनुकूल होती है, लेकिन इसोफेगस की परतें इस अम्ल के प्रति अनुकूल नहीं होती इसी वजह से आपको जलन महसूस होती है।

जब हम पेट में जलन के कारण जान चुके है आइये अब जानते है पेट में जलन के लक्षण।

पेट में जलन के लक्षण: Symptoms of Acidity in Hindi

  • सीने में जलन होना: ग्रासनली (Esophagus) में जलन जैसा महसूस हो सकता है। लेटने और झुकने पर यह और खराब परिस्थिति में जा सकता है। सीने में जलन कुछ घंटों तक लगातार हो सकती है, और भोजन करने के बाद यह ज्यादा बढ़ जाती है।
  • सीने में जलन का दर्द गर्दन या गले के अंदर महसूस हो सकता है। कई बार पेट का अम्लीय द्रव गले तक आ सकता है, जिससे जलन के साथ-साथ मुँह और गले का स्वाद बिगड़ जाता है।
  • बहुत ज्यादा डकार आना और मुँह का स्वाद कड़वा होना।
  • मतली या उल्टी आना।
  • पेट फूलना
  • लगातार सूखी-खांसी आना।
  • घरघराहट होना।
  • गले की समस्याएं होना।
  • निगलने में कठिनाई या दर्द होना।
  • लंबे समय से गले में दर्द होना।
  • छाती या ऊपरी पेट में दर्द होना।
  • पेट के एसिड के कारण दांतों की परत को नुकसान पहुँचना।
  • सांसों में बदबू आना।
  • काला मल या मल में खून आना।
  • लगातार हिचकी आना।
  • बिना किसी वजह के वजन घटना।

आइये अब जानते है पेट में जलन के उपाय।

पेट में जलन के उपाय: Remedies of Acidity in Hindi

खाना खाने के तुरंत बाद बहुत ज्यादा पानी ना पिएँ। इससे पाचन क्रिया बाधित होती है। खाना खाने के कुछ देर बाद आपको पानी पीने की जरूरत पड़ती है और आपका खाना सही तरह से पच जाता है। यदि एसिडिटी हो गई है तो ठंडे दूध का सेवन करें। जिन लोगों को दूध या इससे बनी चीजें पचाने में मुश्किल नहीं होती, उनके लिए यह रामबाण इलाज है। आप केले का सेवन कर सकते है।

पपीता और सेब में पेट की जलन को दूर भगाने के प्राकृतिक गुण होते हैं। सौंफ एसिडिटी में राहत देता है जिसको चबाया जा सकता है या आप इसकी चाय बनाकर पी सकते है। विटामिन-सी से भरपूर आंवला पेट संबंधी कई बीमारियों का इलाज करता है और एसिडिटी भी इसमें शामिल है। आंवले का मुरब्बा भी खाया जा सकता है। इसी तरह एसिडिटी दूर करनी है तो अदरक चबाएं। गुलकंद भी फायदेमंद है। (यह भी पढ़ें: एसिडिटी कैसे दूर करें)

एलोवेरा पेट में ठंडक पहुँचाता है। इससे सीने की जलन भी कम होती है। खाना खाने से पहले आधा कप एलोवेरा जूस का सेवन करें। इससे आपको एसिडिटी नहीं होती और पाचन भी सही रहेगा। भोजन में दही को शामिल करें। दही में प्रोबायोटिक्स और सेहत को फायदा पहुँचाने वाले बैक्टीरिया होते हैं। पेट में ठंडक रहेगी। ग्रीन-टी या पेपरमिंट-टी का सेवन करें। इनमें एसिडिटी दूर करने का गुण होता है। (यह भी पढ़ें: एलोवेरा जूस के फायदे)

सर्दी के मौसम में बादाम बहुत गुणकारी है। यह एसिडिटी को दूर करने में फायदा पहुँचाता है। रात को सोते समय बादाम भिगोएं और सुबह उठाकर चबाएं। तुलसी के कई फायदे हैं, जिनमें एसिडिटी दूर करना भी शामिल है। तुलसी के पत्ते को उबालकर छान लें और शहद मिलाकर सेवन करें। रोज सुबह खाली पेट तुलसी के दो-तीन पत्ते चबाने से एसिडिटी खत्म की जा सकती है।

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