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गले में संक्रमण के लक्षण और उपाय | Daily Health Tip | 25 July 2020 | AAYU App

गले में संक्रमण के लक्षण और उपाय | Daily Health Tip | 25 July 2020 | AAYU App

अदरक और लौंग में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते है। एक लौंग को मुँह में रखकर चूसें । यह आपके गले के रोग के लिए भी फायदेमंद है।

Ginger and cloves have anti-bacterial properties. Chewing a clove can be beneficial in throat Problems.

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गले में संक्रमण होना एक आम बीमारी है। मौसम के बदलाव के कारण लोगों को सर्दी, जुकाम एवं गले में दर्द या संक्रमण हो जाता है। बदलते मौसम में उचित देखभाल ना करने पर व्यक्ति आसानी से संक्रमण की चपेट में आ जाता है। जब भी किसी व्यक्ति के गले में संक्रमण होता है तो गले में दर्द एवं खराश के कारण व्यक्ति को कुछ भी निगलने में कठिनाई होती है।

गले का संक्रमण क्या है?

गले में संक्रमण ऊपरी श्वसन तंत्र में होने वाली आम समस्या है। गले में सूजन गले के संक्रमण का लक्षण होता है। प्रदूषित एवं गंदे जल या भोजन के सेवन से यह बीमारी हो सकती है। प्रदूषित वातावरण में साँस लेने से वायरस, और बैक्टेरिया के कारण भी गले में संक्रमण होता है। जब शरीर में कफ दूषित हो जाते है तब गले के संक्रमण की समस्या होती है।

गले के संक्रमण के लक्षण:

  • गले में दर्द और खराश
  • निगलने में दर्द एवं कठिनाई होना
  • टॉन्सिल में सूजन और दर्द
  • आवाज में कर्कशता
  • बुखार और खाँसी होना
  • गले का लगातार सूखना
  • जबड़े तथा गर्दन में दर्द
  • सिर में दर्द

गले में इंफेक्शन के कारण:

  • गले में संक्रमण वायरल और बैक्टीरिया के कारण हो सकते है। 
  • किसी पदार्थ से एलर्जी होने पर, धुआँ आदि के सम्पर्क में आने से भी गले में संक्रमण हो सकता है।
  • वायरल संक्रमण के कारण, सामान्य सर्दी-जुकाम के कारण, गले में संक्रमण या गले की सूजन का कारण  बन सकता है। 
  • फ्लू फैलाने वाले वायरस के कारण भी संक्रमण हो सकता है।
  • रायनोवायरस भी एक कारण।
  • बैक्टेरियल संक्रमण में यह स्ट्रेपकोकस बैक्टीरिया के कारण होता है।
  • डिपथेरिया एक गंभीर बीमारी, जो गले को संक्रमित करती है।

गले के संक्रमण का घरेलू इलाज:

मुलेठी से गले में संक्रमण का इलाज: मुलेठी की छोटी-सी गाँठ को कुछ देर मुंह में रखकर चबाएँ। इससे गले की खराश दूर होती है, और दर्द तथा सूजन से राहत दिलाएं।

मुनक्के से गले में संक्रमण का इलाज: मुनक्के का सेवन गले के संक्रमण से राहत दिलाता है। इसके लिए सुबह 4-5 मुनक्के चबाकर खाएं, और ऊपर से पानी ना पिएँ। मुनक्के के सेवन से गले में खराश में इलाज में जल्दी राहत मिलेगी।

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अदरक से गले में संक्रमण का इलाज: अदरक और लौंग में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। एक लौंग को मुँह में रखकर चूसें। गले के रोग में यह फायदेमंद है।

सेब के सिरके से गले में संक्रमण का इलाज: गरम पानी में 2 चम्मच सेब के सिरके को डाल कर पिएँ। सेब के सिरके में मौजूद अम्लीय गुण गले में स्थित बैक्टिरीया को मार देते है।

अंजीर के सेवन से गले में संक्रमण का इलाज: 4-5 अंजीर को एक गिलास पानी में डालकर उबालें। पानी आधा रह जाए तो छानकर गर्म पिएँ। यह प्रयोग दिन में दो बार करने से निश्चित आराम मिलता है। अंजीर गले में खराश के घरेलू उपाय में उपयोग किया जाता है।

तुलसी के सेवन से गले के रोग का इलाज: दो गिलास पानी में 5-7 तुलसी की पत्तियाँ, और 4-5 काली मिर्च मिलाकर काढ़ा बना लें। दिन में दो बार इस काढ़े का सेवन करें। तुलसी का प्रयोग गले में दर्द के लिए घरेलू उपचार के रूप में कर सकते है।

शहद के सेवन से गले के रोग का इलाज: शहद का सेवन करें। इसमें गले की सूजन और जलन को कम करने वाले गुण पाए जाते है। यह उपाय लाभ पहुँचाता है।

लहसुन के सेवन से गले के रोग का इलाज: लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते है, इसलिए यह गले के संक्रमण को दूर करने में मदद करता है। लहसुन की कली को कुछ देर के लिए अपने दाँतों के बीच रखें। इसका रस चूसने से लाभ मिलता है।

हल्दी के सेवन से गले के रोग का इलाज: गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी डाल के सेवन करें। हल्दी में संक्रमण को दूर करने की क्षमता होती है। हल्दी का यह उपाय गले के संक्रमण को ठीक करने में मदद करता है।

गले के संक्रमण से बचने के उपाय:

  • गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करने से गले के संक्रमण से आराम मिलता है।
  • आधा गिलास गर्म पानी में आधे नींबू का रस और एक चम्मच शहद डालकर पिएँ।
  • ग्रीन टी का सेवन करें। इससे गले के संक्रमण से लड़ने में राहत मिलती है।
  • लौंग, तुलसी, अदरक और काली मिर्च को पानी में डालकर उबालें। इसमें चायपत्ती डालकर चाय बना कर पिएँ। यह चाय गले में दर्द एवं खराश से जल्दी आराम पहुँचाती है।
  • गले में संक्रमण होने पर दिन में दो-तीन बार सौंफ को चबाकर खाएँ।
  • 4-5 काली मिर्च के साथ दो बादाम पीसकर खाने से आराम मिलता है।

गले के संक्रमण में ध्यान रखने योग्य बातें:

  • पीने में गर्म पानी का सेवन करें।
  • ग्रीन टी में अदरक डाल कर दिन में 2-3 बार पिएँ।
  • संक्रमण से बचने के लिए जरूरी है कि अपने खाद्य एवं पेय पदार्थ को किसी के साथ साझा ना करें।
  • संक्रमण से बचने के लिए भोजन से पहले हाथों को अच्छी तरह धोएँ।
  • खाँसने और छींकने के बाद, या टॉयलेट से आने के बाद हाथों को अच्छी प्रकार धोएँ। इसके बाद सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा आयु ऐप (AAYU App) पर डॉक्टर से संपर्क करें.

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COMMENTS

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    Ramesh suman 9 months

    बहुत ही अच्छी जानकारी इस समय सभी को यही सलाह है कि अदरक तुलसी काली मिर्च आदि का सेवन करें

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