हार्ट अटैक के लक्षण और इससे बचाव | Daily Health Tip | 07 April 2020 | AAYU App

measures from heart attack prevention

अखरोट के बहुत लाभ होते है। यह ख़ास तौर पर याददाश्त बढ़ाने और ह्रदय सम्बन्धी बिमारियों से बचाने में मदद करता है।

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हार्ट अटैक के लक्षण:

शरीर के ऊपरी भाग में तेज दर्द : गर्दन, पीठ, दांत, भुजाएं और कंधे की हड्डी में दर्द होना हार्ट अटैक के लक्षण है। इसे ‘रेडीएटिंग’ दर्द कहते है। इसके यहां होने का कारण दिल की कई धमनियों का यह समाप्त होना है।

चक्कर आना : चक्कर आना या सिर घूमना हार्ट अटैक का एक अन्य लक्षण है। यह हृदय को जाने वाली एक शिरा (Veins) में अवरोध होने के कारण होता है।

सीने में दर्द : सीने में दर्द होना भी हार्ट अटैक का लक्षण है।

जबड़े में दर्द : यदि आपके जबड़े में दर्द है है तो इसका अर्थ है कि आपको हार्ट अटैक आया है क्योंकि इसके पास जो नसें होती हैं वे आपके हृदय से निकलती हैं। यदि दर्द बना रहे तो आपको दांतों की परेशानी है। यदि यह थोड़ी-थोड़ी देर में होता है तथा जब आप थक जाते हैं और यह दर्द बढ़ जाता है तो यह दिल से संबंधित होता है।

जी-मिचलाना, उल्टी, पेट खराब होना : हार्ट अटैक के समय पुरुषों की तुलना में महिलाओं में जी मिचलाना, उल्टी या अपचन जैसे लक्षण अधिक दिखाई देते है। यह अक्सर इसलिए होता है क्योंकि दिल को रक्त पहुंचाने वाली दायीं धमनी (Arteries) जो दिल में गहराई तक जाती है, अवरुद्ध हो जाती है।

सांस लेने में परेशानी : महिलाओं में सीने में दर्द के बिना सांस लेने में परेशानी जैसी समस्या हो रही हो तो यह हार्ट अटैक का कारण हो सकता है।

पसीना आना : यदि आप रजोनिवृत्ति के दौर से नहीं गुजर रही है और फिर भी आपको अचानक पसीना आने लगे तो यह हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है।

हार्ट अटैक से बचाव:

अपने कोलेस्ट्रोल स्तर को 130 एमजी/ डीएल तक रखिए- कोलेस्ट्रोल के मुख्य स्रोत जीव उत्पाद है, जिनसे जितना अधिक हो, बचने की कोशिश करनी चाहिए। अगर आपके लीवर में अतिरिक्त कोलेस्ट्रोल का निर्माण हो रहा हो तो आपको कोलेस्ट्रोल घटाने वाली दवाओं का सेवन करना पड़ सकता है।

अपना सारा भोजन बगैर तेल के बनाएं लेकिन मसाले का प्रयोग बंद नहीं करें- मसाले हमें भोजन का स्वाद देते है। तेल ट्रिगलिराइड्स होते है और रक्त स्तर 130 एमजी/ डीएल के नीचे रखा जाना चाहिए।

अपने तनावों को लगभग 50 प्रतिशत तक कम करें- इससे आपको हृदय रोग को रोकने में मदद मिलेगी, क्योंकि मनोवैज्ञानिक तनाव हृदय की बीमारियों की मुख्य वजह है। इससे आपको बेहतर जीवन स्तर बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

हमेशा ही रक्त दबाव को 120/80 एमएमएचजी के आसपास रखें- बढ़ा हुआ रक्त दबाव विशेष रूप से 130/ 90 से ऊपर आपके ब्लोकेज (अवरोध) को दोगुनी रफ्तार से बढ़ाएगा। तनाव में कमी, ध्यान, नमक में कमी तथा यहाँ तक कि हल्की दवाएँ लेकर भी रक्त दबाव को कम करना चाहिए।

अपने वजन को सामान्य रखें- आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 से नीचे रहना चाहिए। इसकी गणना आप अपने किलोग्राम वजन को मीटर में अपने कद के स्क्वेयर के साथ घटाकर कर सकते हैं। तेल नहीं खाकर एवं निम्न रेशे वाले अनाजों तथा उच्च किस्म के सलादों के सेवन द्वारा आप अपने वजन को नियंत्रित कर सकते है।

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