PREVENT DEHYDRATION IN SUMMERS | गर्मियों में डिहाइड्रेशन या पानी की कमी बन सकती है जानलेवा

गर्मियों (Summers) में सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली तकलीफ है डिहाइड्रेशन (Dehydration) या पानी की कमी। हमारे शरीर का दो-तिहाई भाग पानी से बना है। पानी हमारे शरीर की सभी सामान्य गतिविधियों के लिए बहुत आवश्यक है। शरीर के सभी तंत्रों के सुचारू संचालन के लिए पानी ईंधन की तरह आवश्यक है।

गर्मियों में ज़्यादा पसीना आने व कम पानी पी पाने की स्थिति में हम निर्जलीकरण या डिहाइड्रेशन (Dehydration) का शिकार हो सकते हैं। शरीर को अगर आवश्यक मात्रा में पानी नहीं मिल पाता तो कई तरह की समस्या उत्पन्न होने लगती है।

गंभीर अवस्था होने पर मस्तिष्क क्षति व मृत्यु तक हो सकती है।

अतः गर्मियों में शरीर में पानी की कमी ना होने दें व डिहाइड्रेशन (Dehydration) से ख़ुद को बचाएँ रखें।

पानी की कमी या डिहाइड्रेशन (Dehydration) के कई कारण हो सकते हैं (Causes of Dehydration):

  • बुखार
  • दस्त/ डायरिया
  • उल्टी
  • बहुत ज़्यादा पसीना आना
  • बार-बार पेशाब जाना (मधुमेह और कुछ दवाएं जैसे पानी की गोलियाँ – जिसे मूत्रवर्धक भी कहा जाता है, की वजह से आप अधिक बार पेशाब जा सकते हैं।)

पानी की कमी या डिहाइड्रेशन के लक्षण (Symptoms of Dehydration):

शरीर में निर्जलीकरण होने पर कई लक्षण दिखने लग जाते हैं जो इसकी गंभीरता पर निर्भर करते हैं। मध्यम अवस्था के डिहाइड्रेशन (Dehydration) के लक्षण हैं:

  • मुँह सूखना
  • ज़्यादा प्यास लगना
  • सुस्ती
  • मांसपेशियों में कमज़ोरी
  • सिरदर्द
  • सिर चकराना
  • गहरा पीला मूत्र आना

डिहाइड्रेशन की गंभीर अवस्था (Severe Dehydration) होने पर निम्नलिखित लक्षण नज़र आते हैं:

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जोखिम के कारक (Risk Factors)

हालांकि पानी की कमी या डिहाइड्रेशन (Dehydration) किसी को भी हो सकता है लेकिन कुछ लोगों में इसकी संभावना ज़्यादा होती है जैसे:

1. ज़्यादा ऊंचाई पर रहने वाले लोगो में

2. एथलीट, विशेष रूप से मैराथन, ट्रायथलॉन और साइकिलिंग टूर्नामेंट में

3. पुरानी बीमारियों वाले लोग, जैसे मधुमेह, किडनी रोग, सिस्टिक फाइब्रोसिस, शराब सेवन करने वाले और एड्रीनल ग्रंथि विकार वाले लोगों में

4. शिशुओं और बच्चों – सबसे अधिक दस्त और उल्टी के कारण

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डिहाइड्रेशन का इलाज (Treatment of Dehydration):

निर्जलीकरण (Dehydration) के लिए एकमात्र प्रभावी उपचार खोए हुए तरल पदार्थ और खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को बदलना है। निर्जलीकरण उपचार का सबसे अच्छा तरीका उम्र, निर्जलीकरण की गंभीरता और इसके कारण पर निर्भर करता है।

शिशुओं और बच्चों के लिए जो दस्त, उल्टी या बुखार से डीहाइड्रेट हो गए हैं, उन्हें ओ.आर.एस. घोल या नमक व शक्कर का पानी पिलाएं।

हर एक से पांच मिनट में एक चम्मच (5 मिलीलीटर) के साथ शुरू करें और धीरे-धीरे वृद्धि करें। बहुत छोटे बच्चों के लिए सिरिंज का उपयोग करना आसान हो सकता है। बड़े बच्चों को पतला स्पोर्ट्स ड्रिंक दिया जा सकता है। 1 भाग पानी के लिए 1 भाग स्पोर्ट्स ड्रिंक का उपयोग करें।

वयस्कों में डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए उन्हें अधिक से अधिक तरल पदार्थ पिलायें। नारियल पानी, इलेक्ट्रोल पाउडर, ग्लूकोस, पतले जूस आदि से पानी की कमी को दूर किया जा सकता है। रसीले फल ज़्यादा लें।

डिहाइड्रेशन (Dehydration) की गंभीर स्थिति में मरीज़ को आई.वी. या ड्रिप द्वारा नसों से तरल दिया जाता है ताकि पानी की कमी से सिकुड़ी नसें खुलने के साथ पानी की कमी शरीर में पूरी हो व मरीज़ बेहतर महसूस कर सकें।

डिहाइड्रेशन की रोकथाम (Prevention from Dehydration) :

  • गर्मियों में जब भी बाहर जाएं, अपने साथ पानी की बोतल ज़रूर ले कर जाएं।
  • कोशिश करें की दोपहर में बाहर ना निकलें, ज़्यादा धूप में पसीने के निकलने से शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है।
  • गर्मियों में ज़्यादा कैफीन व कोल्ड ड्रिंक्स ना लें, ये आपके शरीर के पानी को अवशोषित कर लेते हैं।
  • दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी ज़रूर पियें।
  • ठंडे पेय जैसे नारियल पानी, बेले का रस, गन्ने का रस आदि पीते रहें।
  • याद रखें की ज़्यादा खाना खाने के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी पियें।

प्यास हमेशा पानी के लिए शरीर की आवश्यकता का एक विश्वसनीय प्रारंभिक संकेतक नहीं होती। कई लोगों को डिहाइड्रेशन (Dehydration) की अवस्था तक पहुँचने तक प्यास नहीं लगती इसलिए। इसीलिए गर्म मौसम में या जब आप बीमार हों तो पानी का सेवन बढ़ाना ज़रूरी है।

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