पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) क्या है? लक्षण और उपचार

Pancreatic Cancer

पैनक्रिएटिक कैंसर एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जो आजकल ज्यादातर लोगों में देखी जाती है। लोगों में इसकी जानकारी के अभाव के कारण वह इसका इलाज नहीं करवा पाते है जिसकी वजह से स्थिति गंभीर हो जाती है यहाँ तक कि कई बार जान तक गवानी पड़ती है। लेकिन लोग अभी तक भी इस बीमारी के लिए सजग नहीं है।

हम आपको इस आर्टिकल में पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) के बारे में पूरी जानकारी देंगे।

पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) क्या है?

पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) से तात्पर्य ऐसे कैंसर से है, जो पैंक्रियाज (Pancreas) में पाया जाता है। पैंक्रियाज (Pancreas) मुख्य रूप से एंजाइम (enzyme) को रिलीज करता है, जो पाचन में सहायता करते है। इसके अलावा यह ऐसे हार्मोन भी बनाते है, जो ब्लड शुगर को बनाने का काम करते है।

पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) के लक्षण:

यदि किसी व्यक्ति को अपने शरीर में ये 5 लक्षण नज़र आए तो उसे तुरंत अपनी जाँच करवानी चाहिए क्योंकि ये पैंक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) के संकेत हो सकते है।

  • पेट दर्द पीठ तक पहुँच जाना: पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) का मुख्य लक्षण पेट दर्द है। इस स्थिति में, सामान्य पेट दर्द की जगह अलग तरीके का दर्द होता है, जो पीठ तक पहुँच जाता है।
  • भूख में कमी होना: पैनक्रिएटिक कैंसर का अन्य लक्षण भूख में कमी होना है। आमतौर पर, लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते, जिसकी वजह से वह यह समझ नहीं पाते कि यह कैंसर का संकेत भी हो सकता है।
  • वजन का कम होना: यदि किसी व्यक्ति का वजन काफी तेज़ी से कम होता है, तो उसे इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह प्रैंकियाज कैंसर (Pancreas Cancer) जैसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।
  • त्वचा पीली पड़ना: पैंनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) होने की संभावना उस स्थिति में भी रहती है, जब किसी इंसान की त्वचा का रंग पीला पड़ जाता है। हालांकि, लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते, जिसकी वजह से वह कैंसर का शिकार बन जाते है।
  • आँखें सफेद होना: अगर आपके आँखों का रंग सफेद हो रहा है तो आप इसे गंभीरता से लें क्योंकि यह पैंनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) का लक्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत अपनी सेहत की जाँच करवाएं ताकि आपको कैंसर हो तो आपको पता चल जाए।

पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) के कारण:

पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) के सटीक कारण का पता लगाना बहुत मुश्किल है क्योंकि यह बीमारी बहुत सारे कारणों से हो सकती है।

  • धूम्रपान करना: पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) होने का प्रमुख कारण धूम्रपान (Smoking) करना है। ऐसे लोगों को तुरंत धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करनी चाहिए ताकि इस कैंसर की संभावना ना रहें।
  • डायबिटीज से पीड़ित होना: पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) के मामले मुख्य रूप से डायबिटीज से पीड़ित लोगों में ज्यादा देखने को मिलते है। ऐसे लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और डायबिटीज का इलाज करवाना चाहिए।
  • क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस होना: प्रैंकियाज (Pancreas) में सूजन होने को मेडिकल भाषा में क्रोनिक प्रैंक्रियाटाइटिस (chronic pancreatitis) कहा जाता है। इससे पीड़ित लोगों में पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) होने की संभावना ज्यादा रहती है।
  • ज्यादा उम्र के लोग: आमतौर पर, पैंक्रियाज कैंसर (Pancreas Cancer) उम्रदराज़ लोगों (60 या उससे अधिक) के लोगों में देखने को मिलता है। इस प्रकार, पैंक्रियाज कैंसर (Pancreas Cancer) का अन्य कारण ज्यादा उम्र होना भी हो सकता है।
  • जेनेटिक कारण: कई बार, पैंक्रियाज कैंसर (Pancreas Cancer) ऐसे इंसान को भी हो सकता है, जिसके परिवार में दूसरे सदस्य इससे पीड़ित हो। ऐसे इंसान को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या की सूचना अपने डॉक्टर को देनी चाहिए।

पैनक्रिएटिक कैंसर की पहचान:

यदि किसी बीमारी की पहचान समय रहते कर ली जाए तो उसका इलाज करना आसान होता है। यह बात किसी भी बीमारी में लागू हो सकती है जिसमें से एक पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) है।

  • सी.टी.स्कैन करवाएं: पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) की पहचान करने का मुख्य तरीका सी.टी.स्कैन करवाना है। इसमें व्यक्ति के शरीर को अच्छी तरह से स्कैन किया जाता है, ताकि कैंसर की मौजूदगी की पुष्टि की जा सकें।
  • अल्ट्रासाउंड करवाएं: सी.टी.स्कैन के अलावा पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) की पहचान भी अल्ट्रासाउंड के द्वारा की जा सकती है। इस टेस्ट में शरीर के अंदरूनी हिस्से की तस्वीर ली जाती है ताकि शरीर के अंदरुनी स्थिति की जाँच की जा सकें।
  • ब्लड टेस्ट करवाएं: अक्सर, डॉक्टर प्रैंकियाज कैंसर (Pancreas Cancer) की पहचान करने के लिए ब्लड टेस्ट का सहारा लेते है। इससे इंसान के ब्लड में कैंसर की कोशिकाएं कितनी मात्रा में मौजूद है यह पता लगा सकते है।
  • एम.आर.आई करवाएं: कई बार, प्रैंकियाज कैंसर (Pancreas Cancer) की पुष्टि करने के लिए एम.आर.आई भी किया जाता है।
  • बायोप्सी करवाएं: बायोप्सी इस कैंसर का पता लगाने में अहम भूमिका निभाते है। इस टेस्ट में किसी व्यक्ति के शरीर में बीमारी की संभावना का पता लगाया जाता है ताकि उसके अनुसार इलाज को शुरू किया जाए।

पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) का इलाज:

जैसा कि किसी व्यक्ति के इस कैंसर से पीड़ित होने की पुष्टि हो जाती है, वैसे ही उसका इलाज शुरू करना चाहिए ताकि वह जल्दी से ठीक हो सकें। अत: पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) का इलाज निम्नलिखित तरीको से किया जाता है।

  • रेडियो थेरेपी करवाएं: पैनक्रिएटिक कैंसर का इलाज करने का सबसे आसान तरीका रेडियो थेरेपी है। इसे रेडिएशन थेरेपी भी कहा जाता है, जिसमें बीम का इस्तेमाल करके कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है।
  • कीमोथेरेपी करवाएं: पैंक्रियाज कैंसर (Pancreas Cancer) का इलाज कीमोथेरेपी के द्वारा ही संभव है।
    इसमें कैंसर से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में दवाई डाली जाती है ताकि इस कैंसर को शरीर के अन्य अंगों तक फैलने से रोका जा सकें।
  • विप्पल प्रोसिजर: पैनक्रिएटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) का इलाज विप्पल प्रोसिजर (Whipple procedure) से किया जाता है। इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से प्रैंकियाज (Pancreas) के ऊपरी हिस्से को निकाला जाता है।
  • पैंक्रियाज ट्रांसप्लांट सर्जरी: जब प्रैंकियाज कैंसर (Pancreas Cancer) से पीड़ित व्यक्ति को किसी भी तरीके से आराम नहीं मिलता, तो डॉक्टर उसे पैंक्रियाज ट्रांसप्लांट सर्जरी करवाने की सलाह देते है। इस सर्जरी में खराब प्रैंकियाज को हटाकर उसकी जगह पर डोनर प्रैंकियाज को लगाया जाता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐपडाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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