आप भी करते हैं पेन किलर दवाओं का इस्तेमाल तो हो जाइए सावधान!

Painkillers

पेन किलर दवाओं का इस्तेमाल आजकल की जिंदगी में आम बात है। शायद इसका कारण सहनशक्ति में कमी भी हो सकता है। सिर दर्द हो या फिर कोई और दर्द, अक्सर हम सभी पेन किलर दवाओं का उपयोग करते हैं। लेकिन कभी- कभी ज़रूरत से ज्यादा दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल ही दर्द का कारण बन जाता है।

पेनकिलर दवाओं से होने वाले साइड इफेक्ट्स के बारे में जानते हैं

ये हो सकते हैं साइड एफेक्ट्स     
कॉन्सटपिशन या लूज मोशन्स।
– गैस्ट्रो-इन्टेस्टाइनिल समस्याएं।
– पेट में अल्सर या ब्लीडिंग।
– मानसिक समस्याएं जैसे अनिद्रा, ध्यान न लगना आदि।
– श्वास संबंधी दिक्कतें।
– त्वचा पर चकत्ते और खुजली या जलन।
– लंबे समय तक पेन किलर के इस्तेमाल से लिवर और किडनी तक के खराब होने का खतरा हो सकता है।

1. पेन किलर है पेट की परेशानियों की जड़

पेन किलर ज्यादा लेने से पेट में गैस की समस्या रहना आम हो जाता है। सीने में जलन, पेट दर्द, खट्टी डकारें और उलटी आने की समस्याएं होने लगती हैं। इसके बाद धीरे धीरे पेट में सूजन आ जाती है और उसमें घाव बनने लगते हैं। यह परेशानी इतनी बढ़ जाती है कि इन घावों में खून भी बहने लगता है।

2. लिवर में सूजन

पेन किलर्स लिवर पर भी असर करती हैं, जो लोग अधिक मात्रा में पेन किलर्स सेवन करते हैं उन्हें लिवर के सेल्स टूटने की दिक्कत हो जाती है। इसका सबसे बड़ा लक्षण है भूख कम लगना।

3. पेन किलर से किडनी की समस्या

पेन किलर्स हमारी किडनी पर भी अटैक करती हैं। इसके अधिक प्रयोग के कारण किडनी खराब होने के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। पेन किलर्स धीरे-धीरे किडनी के सेल्स को डैमेज कर देती हैं, जिस कारण वो ठीक से काम नहीं कर पाती हैं।

4. ब्लड डिस्क्रैसिया

यह एक ऐसी बीमारी है जो अपने साथ ढेरों बीमारियां ले आती है, क्योंकि शरीर में खून का प्रवाह एवं उसका साफ होना बहुत जरूरी है। पेन किलर ज़्यादा लेने से खून की रासायनिक संरचना बदलने लगती है और इसे ब्लड डिस्क्रैसिया कहते हैं। यदि इस बीमारी का असर गलती से भी गहरा हो जाए, तो रोगी की जान भी ले सकता है।

6. पेन किलर से बढ़ सकता हैअस्थमा

पेन किलर में ऐसे केमिकल (Chemical) पाए जाते हैं जो धीरे-धीरे सांस लेने की दिक्कतों को जन्म देते हैं। इसके अधिक प्रयोग से व्यक्ति अस्थमा का शिकार भी हो जाता है।

7.पेन किलर को आदत न बनाएं

कई बार लोग थकान मिटाने और दर्द से आराम के लिए पेन किलर दवाओं के इतने आदी हो जाते हैं कि दवाएं उनके रुटीन का हिस्सा हो जाती हैं। लंबे समय तक इनका इस्तेमाल किडनी, लिवर और कई मानसिक समस्याओं का कारण हो सकता है।

8. पेन किलर्स एक बार में एक से अधिक न लें

दर्द कितना भी तेज हो लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आप एक से अधिक पेन किलर लें। किसी भी पेन किलर का प्रभाव पता चलने में कम से कम 15 से 30 मिनट तो लगते ही हैं। ऐसे में अगर आप बेसब्र होकर पेन किलर की ओवरडोज करेंगे तो ब्लीडिंग, किडनी फेल्योर, दिल का दौरा, ब्लड क्लॉटिंग जैसे साइड एफेक्ट हो सकते हैं। पेन किलर दवाओं की हल्की डोज आपके दर्द को राहत पहुंचाने के लिए ही है, लेकिन कई बार हमारी जरा सी लापरवाही दर्द कम करने के बजाय हमारे लिए और बड़े दर्द का सबक हो सकती है।

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