मुँह के कैंसर का लक्षण दिखें तो ना करें नजरअंदाज | Oral Cancer Symptoms in Hindi

मुँह के कैंसर का लक्षण

कैंसर का नाम आते ही लोग परेशान हो जाते है, चाहे वो किसी भी तरह का कैंसर हो। इसमें एक मुँह का कैंसर भी है जिसे दूसरी भाषा में ओरल कैंसर भी कहते है। क्या आप मुँह के कैंसर का लक्षण जानते है नहीं तो आइये आपको कुछ जानकारी देते है।

भारत में मुँह के कैंसर के मामले पाए जाते हैं। इसके पीछे कारण गुटखा खाना, पान मसाला आदि का अधिक सेवन करना। लेकिन आपको यह भी बता दें कि मुँह के कैंसर का कारण और भी कई है। (यह भी पढ़ें: ओवेरियन कैंसर के लक्षण)

आइये अब जानते है मुँह के कैंसर का लक्षण, कारण, सावधानियाँ।

मुँह के कैंसर का लक्षण: Oral Cancer Symptoms in Hindi:

आइये जानते है मुँह के कैंसर का लक्षण।

कैंसर की शुरुआत में मुँह के अंदर सफेद छाले या छोटे-छोटे घाव हो जाते हैं। अगर आप इसे नजरअंदाज कर देते है तो यह मुँह का कैंसर बन जाता है।

मुँह से दुर्गंध आना, आवाज में बदलाव आना, कुछ निगलने में तकलीफ होना आदि मुँह के कैंसर के लक्षण होते हैं। मुँह का कैंसर मुँह में कही भी हो सकता है।

मुँह में घाव होना, सूजन आना, लार में खून निकलना, जलन होना, सुन्न पड़ना, मुँह में दर्द होना आदि मुँह के कैंसर होने की इशारा करते हैं।

मुँह के अंदर कहीं पर भी गांठ महसूस होना मुँह के कैंसर होने की आशंका होती है। इसके अलावा मुँह के अंदर कोई भी परिवर्तन दिखे तो कैंसर की जाँच करवा लें।

अब आप जान चुके है मुँह के कैंसर का लक्षण अब आपको बताते है मुँह के कैंसर का इलाज।

मुँह के कैंसर का इलाज: Oral Cancer Treatment in Hindi:

दवाईयां: मुँह के कैंसर की शुरुआती स्टेज के लिए दवाईयाँ काफी होती हैं। कईं दवाओं के इस्तेमाल से ही मुँह के कैंसर से राहत मिलती है। ये दवाईयाँ शरीर में कैंसर के विकास को रोक देती हैं, जिससे कैंसर दूसरे अंगों में नहीं फैलता।

रेडिएशन थेरेपी: कई बार रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल किया गया है। इस थेरेपी के जरिए शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने का प्रयास किया जाता है।

बायोप्सी: माउथ कैंसर को बायोप्सी सर्जरी से भी ठीक किया जाता है। इसके जरिए शरीर में कैंसर वाले टिशू को अलग किया जा सकता है।

कीमोथेरेपी: कैंसर के अधिकतर मामलों में डॉक्टर कीमोथेरपी को ही अपनाते हैं। इसमें कोशिश यही की जाती है कि कैंसर को खत्म करके ठीक किया जाए। लगभग हर तरह के कैंसर में इसका प्रयोग किया जाता है, जैसे स्तन कैंसर, लंग कैंसर, ब्रेन ट्यूमर आदि।

सामान्य कैंसर सर्जरी: जब पीड़ित को किसी भी प्रकार के उपचार से आराम नहीं मिलता तब कैंसर सर्जरी की जाती है। इसमें ट्यूमर और उसके आस-पास के टिश्यू को सर्जरी द्वारा निकाल दिया जाता है।

मुँह का कैंसर से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें:

अगर आप मुँह के कैंसर से बचना चाहते है तो धूम्रपान और नशे से दूरी बनाकर रखें।

दाँतों और मुँह की रेगुलर अच्छी तरह सफाई करने से मुँह के कैंसर से बचा जा सकता है।

जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, डिब्बा बंद चीजों को कम से कम खाएं। इसके साथ ही ताजे मौसमी फल, सब्जी, सलाद अवश्य खाएं।

मुंह के अंदर किसी भी प्रकार का बदलाव दिखे या फिर मुँह में होने वाली समस्या सही ना हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मुँह का कैंसर पता चलने पर क्या करें?

मुँह के कैंसर का इलाज कईं परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसके इलाज के लिए कईं बातों का डॉक्टर को पता होना बहुत आवश्यक है, जैसे: कैंसर का मूल, अर्थात इसकी जड़, कैंसर की स्टेज और आखिरी बात यह कि यह किस तरह का कैंसर है। इन तमाम परिस्थितियों को परखने के बाद ही कोई डॉक्टर किसी फैसले पर पहुँच सकता है। वैसे ज्यादातर डॉक्टर कैंसर को खत्म करने के लिए ऑपरेशन या सर्जरी कराने का परामर्श देते हैं।  कईं दूसरे डॉक्टर इसके उपचार के लिए किमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी का परामर्श भी उचित मानते हैं।

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