सुबह का नाश्ता कैसा होना चाहिए और व्यायाम के कितनी देर बाद करना चाहिए? | Daily Health Tip | Aayu App

morning breakfast

आपके ब्रेकफास्ट का सबसे सही समय जागने के दो घंटे के अंदर होता है। इससे आपका मेटाबॉलिज्म अच्छा होता है।

Best time for your breakfast is within two hours of waking up. This improves your metabolism.

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सुबह का नाश्ता कैसा होना चाहिए?

आपके ब्रेकफास्‍ट का सबसे सही समय जागने के दो घंटे के भीतर होना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, जागने के बाद नाश्ता करना आपके मेटाबॉलिज्‍म के लिए अच्छा है। यदि आप जिम जाने वाले हैं या फिर सुबह व्यायाम करना पसंद करते हैं, तो एक्‍सरसाइज करने से कम से कम आधे घंटे पहले केला, सेब या ड्राई फ्रूट्स जैसे कुछ हल्‍के आहार लेने चाहिए। ताकि आपकी एनर्जी बनी रहे। हालांकि, अगर आपको लगता है कि इससे एक्‍सरसाइज प्रभावित हो रही है और आप खाली पेट भी बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हैं, तो आप एक्‍सरसाइज के बाद भी नाश्ता कर सकते हैं।

आमतौर पर कहा जाता है कि सुबह उठने के बाद कसरत करनी चाहिए लेकिन यह ज्यादा फायदेमंद नहीं है। सुबह उठने के बाद धीरे-धीरे शरीर अपनी लय में आता है। इसमें करीब एक घंटे का समय लग जाता है फिर हल्का नाश्ता किया और घंटे भर बाद जॉगिंग या एयरोबिक्स जैसी हल्की फुल्की कसरत की जा सकती है। पेट ज्यादा भरा हो तो कम से कम दो घंटे रुक जाए। खाली पेट कसरत बिल्कुल भी ना करें।

दोपहर में लंच करने के बाद कम से कम दो घंटे तक एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। शाम को 4 बजे से 7 बजे के बीच का टाइम अच्छा है। इस दौरान शरीर अपनी पूरी क्षमता में रहता है।

जब एक्सरसाइज करना आसान लगता है तो इंसान कहीं ज्यादा कसरत कर पाता है। उनकी सलाह है कि वजन घटाने के लिए दोपहर के बाद व्यायाम करना चाहिए। रात को कसरत करना अच्छा नहीं माना जाता क्योंकि अंधेरा होने के बाद कुछ घंटे बाद शरीर की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लग जाती है।

जिम जाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?

किसी भी उम्र के लोग कसरत कर सकते है लेकिन इससे पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका शरीर कसरत के लिए तैयार है या नहीं। ऐसे लोग जो जीवन में कभी जिम नहीं गए उन्हें जिम जाने से पहले ट्रेनर से कुछ मूल बातें समझ लेनी चाहिए। ऐसा ना करने पर अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं खड़ी हो सकती है।

किसी भी तरह की कठिन कसरत करने से पहले शरीर को उसके लिए तैयार करना बहुत जरूरी है। इसके लिए हल्की फुल्की जॉगिंग कर शरीर के तापमान को बढ़ाएं। इसके बाद कसरत करने से शरीर पर बहुत ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और दिमाग सतर्क रहता है।

कसरत की रफ्तार और तीव्रता धीरे-धीरे ही बढ़ाएं। अचानक बहुत ज्यादा मेहनत करने वाली कसरत करना शरीर के लिए उचित नहीं, शरीर के अनचाहे हिस्सों पर गैरजरूरी दबाव से दर्द और मांसपेशियों में चोट की समस्या हो सकती है।

विशेषज्ञ हफ्ते में तीन दिन जिम जाने को सही मानते है। शरीर को कसरत के बाद खाली दिन भी चाहिए होते है। इससे धीरे-धीरे वजन घटाने में मदद मिलती है। शरीर को उसकी क्षमता से ज्यादा नहीं थकाना चाहिए।

बहुत जरूरी है कि कसरत के दौरान कपड़े और जूते अनुकूल हो। कपड़े कहीं से तंग या शरीर पर दबाव डालने वाले नहीं होने चाहिए। अगर कसरत के दौरान जूते सही नहीं हैं तो पैरों की मांसपेशियों में चोट आ सकती है।

अगर आप जिम में किसी मशीन का इस्तेमाल कर रहें है तो पहले उसके इस्तेमाल करने का सही तरीका ट्रेनर से सीख लें। मशीनों का गलत ढंग से इस्तेमाल शरीर को नुकसान पहुँचा सकता है। इन मशीनों का इस्तेमाल ज्यादातर पेट, कूल्हों, जांघों, पीठ और बाहों की टोनिंग के लिए किया जाता है।

कसरत के दौरान पसीना आना अच्छा है लेकिन ध्यान रहे कि इससे शरीर में पानी की कमी ना हो पाए इसलिए जरूरी है कि पर्याप्त पानी पीते रहें। पानी की कमी होने पर चक्कर भी आ सकते है लेकिन ध्यान रहें कि यह चीनी वाला पानी ना हो।

कसरत के अलावा इस बात पर ध्यान देना भी जरूरी है कि शरीर की कसरत के प्रति क्या प्रतिक्रिया है। शुरुआत में दर्द होना स्वाभाविक है लेकिन आदत हो जाने पर शरीर में दर्द नहीं होता। अगर आपको बहुत समय बाद तक भी शरीर में दर्द हो रहा है तो अपने ट्रेनर से सलाह लें।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा आयु ऐप (AAYU App) पर डॉक्टर से संपर्क करें.

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