योग से दूर होगा माइग्रेन , जानें माइग्रेन के कारण, लक्षण और उपचार

Migraine treatment:  माइग्रेन सामान्य तौर पर होने वाला एक विशिष्ट प्रकार का सिरदर्द है। माइग्रेन ग्रस्त लोगों को नियमित तौर पर सिरदर्द के दौरे पड़ते हैं। अक्सर यह दर्द कान व आंख के पीछे अथवा कनपटी में होता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी की मेडिकल पत्रिका में 6 मई 2020 को प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, माइग्रेन के उपचार में यदि योग का सहारा लिया जाए तो यह बेहतर साबित होगा। वैसे यह दर्द सिर के किसी भी भाग में हो सकता है। इससे कुछ लोगों के देखने की क्षमता भी कम हो जाती है। नए शोध में पता चला कि माइग्रेन से पीड़ित लोगों को सिरदर्द रहता है, जिसे योग से सही किया जा सकता है। 

माइग्रेन को कैसे ठीक करें (treatment of migraine)

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली के एमडी, डीएम, डीएनबी और अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के सदस्य गौरव भाटिया ने कहा कि माइग्रेन सबसे आम सिरदर्द विकारों में से एक है, लेकिन माइग्रेन की दवा लेने वाले लोगों को वास्तविक रुप से राहत नहीं मिलती। 

इसके लिए सबसे अच्छी बात है कि आप सरल और सुलभ दवा के रुप में  योग को अपनाकर माइग्रेन को ठीक कर सकते हैं, इसके लिए सिर्फ आपको एक चटाई की आवश्यकता है। 

18 से 50 वर्ष के बीच के 114 लोगों पर अध्ययन किया गया, जो माइग्रेन से पीड़ित थे। इन्हें दो समूहों में बांटा गया। और अध्ययन के लिए एक समूह को केवल मेडिटेशन और दूसरे समूह को योग के साथ मेडिटेशन करने की सलाह दी गई।

योग समूह के लोगों को एक घंटे की योग अभ्यास सिखाई गई थी जिसमें सांस लेने और आराम करने के व्यायाम और आसन शामिल थे। एक महीने के लिए सप्ताह में तीन दिन एक योग प्रशिक्षक द्वारा लोगों की देखरेख की जाती थी। फिर उन्होंने दो महीनों में तक सप्ताह में पाँच दिन अपने घर पर योग अभ्यास किया। दोनों समूहों ने जीवनशैली में बदलाव के बारे में उचित दवाएँ और परामर्श प्राप्त किए जो माइग्रेन के साथ मदद कर सकते हैं, जैसे कि पर्याप्त नींद लेना, नियमित भोजन करना और व्यायाम करना। अध्ययन में पता चला कि लोगों को दोनों समूह में बेहतर सुधार देखने को मिला, लेकिन योग समूह के लोगों में ज्यादा अच्छे परिणाम प्राप्त हुए, 

 माइग्रेन के कारण (causes of migraine) 

  • – अनुवांशिकता
  • – हार्मोन में बदलाव माइग्रेन का कारण बन सकता है। मासिक धर्म, रजोनिवृत्ति और गर्भावस्था के चलते महिलाओं में कई तरह के हार्मोनल बदलाव देखे जाते हैं।
  • – ज्यादा शोर, बार-बार बढ़ने-घटने वाली तेज रोशनी व धूप में आंखें चुंधियाना, बहुत तेज गंध वगैरह से संवेदनात्मक उत्तेजना बढ़ सकती है और माइग्रेन का दर्द शुरू हो सकता है। 
  • – एलोपैथी की कुछ दवाओं की वजह से दर्द शुरू हो सकता है। महिलाओं में बर्थ कंट्रोल पिल्स माइग्रेन पैदा कर सकते हैं।
  • – विटामिन की कमी माइग्रेन का कारण बन सकती है।

कैसे पहचानें माइग्रेन (Symptoms of migraine)

  • – माइग्रेन की पहचान ऑरा से की जाती है। ऑरा दृष्टि संबंधी ऐसा लक्षण है, जिसमें रोगी को रह-रहकर आड़ी-टेढ़ी रेखाएं, रोशनी की चमकदार लकीरें और आंखों के सामने काले-काले धब्बे दिखाई देते हैं। 
  • – सिर के एक हिस्से में फड़कता हुआ दर्द होता है।
  • – तेज रोशनी, गंध, आवाज़ के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता होती है।
  • – सिर दर्द के साथ बार-बार मूत्र त्याग की इच्छा होती है।
  • – दिन भर बेवजह की उबासी रहती है।
  • – माइग्रेन के चलते कुछ लोगों में खाने की इच्छा बढ़ जाती है।

योग की ये क्रियाएं है माइग्रेन में कारगर

माइग्रेन के रोगियों के लिए योग और प्राणायाम बड़े काम के साबित हो सकते हैं। हस्तपादासन, सेतुबंधासन, मर्जरासन, शिशु आसन पश्चिमोत्तानासन, पद्मासन, शशांकासन, हलासन, मत्स्यासन और शवासन माइग्रेन में विशेष लाभ पहुंचाते हैं। प्राणायामों में कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी करने चाहिए। इसी के साथ जलनेति भी करें। वास्तव में योग से प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है और माइग्रेन को ठीक करने में मदद मिलती है।

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Source-American Academy of Neurology

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