methi dana: मेथी दाने के 11 फायदे और नुकसान

methi dana

आज हम आपको बताएंगे मेथी दाने (methi dana) से होने वाले सेहत के फायदे। मेथी दाना में जिंक, पोटेशियम, कैल्शियम, लोहा, सेलेनियम, जस्ता, मैंगनीज, मैग्नीशियम और विटामिन की सही मात्रा शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार है। यह दाने कई शारीरिक बीमारियों को दूर करने के साथ-साथ वजन संतुलित रखने में मदद करते हैं। आप इससे कई तरह के दर्द से दूर हो सकते है। आइये आपको बताते है मेथी दाने के क्या-क्या फायदे है।

मेथी दाने के फायदे (Methi Dana Benefits)

मेथी दाना में पाए जाने वाले पोषक तत्व कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में उपयोगी साबित होते हैं।

डायबिटीज को कंट्रोल करें: टाइप-2 डायबिटीज के इलाज के लिए मेथी दाने के फायदे हैं। मेथी दाने में घुलनशील फाइबर पाया जाता है। मेथी के दाने ब्लड शुगर की मात्रा को नियंत्रित करते हैं और इंसुलिन की सेंसिटिविटी को बेहतर करते हैं। मेथी दाने (Methi Dana) को रात में पानी में भिगोकर रख दें और सुबह फ्रेश होने के बाद खाली पेट पानी को पिएँ। इससे शुगर लेवल डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते है। इसमें मौजूद गेलेक्टोमैनन फाइबर ब्लड में शुगर लेवल को बढ़ने से रोकता है।

बालों के लिए फायदेमंद: अगर आपको मुंहासों की समस्या है और साथ में बाल भी झड़ रहे है तो मेथी के दानों को भिगोकर इसका पेस्ट बनाए और इसे बालों पर लगाएं। इससे बाल मजबूत होते है और जल्दी सफेद भी नहीं होते। डेंड्रफ यानि रुसी मुख्य रूप से ड्राई और इंफेक्शन युक्त स्कैल्प पर होता है। ऐसे समय में मेथी दाने इसे ठीक करने में मदद करते है।

वजन संतुलित करें: अगर आप वजन कम करना चाहते है तो भीगी हुई मेथी आपकी मदद कर सकती है। सुबह के समय रात में भिगोई हुई मेथी का पानी पीने से वजन कम होने के साथ-साथ बीमारी होने का खतरा भी कम होता जाता है।

जोड़ों के दर्द में राहत पहुंचाएं: मेथी में मौजूद कैल्शियम हड्डियों की परेशानी से राहत दे सकता है। रात में दाने भिगोकर रखने से इसके गुण और बढ़ जाते हैं, इसलिए कोशिश करें कि इसे भिगोने के बाद ही खाएं। उम्र बढ़ने के साथ-साथ जोड़ों में सूजन आने लगती है जिससे असहनीय दर्द होने लगता है। इससे निपटने के लिए मेथी के फायदे बहुत है। (यह भी पढ़ें: जोड़ों में दर्द का घरेलू उपाय)

दिल को स्वस्थ रखें: मेथी में गैलेक्टोमनैन मौजूद होता है जो दिल को स्वस्थ रखता है । मेथी में पोटेशियम की उच्च मात्रा ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखने में मददगार है।

इम्यून सिस्टम स्ट्रॉन्ग रखें: मेथी में मौजूद प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, पोटेशियम और आयरन शरीर को कई बीमारियों से बचाता है। सर्दियों में मेथी का सेवन ठंड और जुकाम से भी बचाता है।

बॉडी पेन में राहत दिलाएं: शरीर में दर्द और गठिया के रोगियों के लिए मेथी फायदेमंद है। मेथी के बीज में कैल्शियम, आयरन और फॉस्फोरस मौजूद होते है जो दर्द से राहत दिलाएं।

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करें: मेथी दाने (Methi Dana) के इस्तेमाल से शरीर में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है। मेथी दानों में नारिंगेनिन नामक फ्लेवोनोइड होता है जो रक्त में लिपिड के लेवल को कम करता है साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जिस कारण मरीज का उच्च कोलेस्ट्रॉल कम होता है। (यह भी पढ़ें: कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के उपाय)

डाइजेशन ठीक करें: सुंदरता और स्वास्थ्य दोनों पेट से जुड़े हुए है। पेट से जुड़ी परेशानी होने पर इसका असर त्वचा पर पड़ता है इसलिए मेथी दाने (Methi Dana) का पेस्ट तैयार कर फेस पर लगाने से त्वचा पर नई रौनक आती है और इससे चेहरे पर होने वाले दानों को ठीक किया जा सकता है।

ब्रेस्ट फीडिंग में सहायक: स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को मेथी का सेवन करना चाहिए, इसके सेवन से दूध की मात्रा बढ़ती है। स्तनपान करवा रहीं महिलाओं को मेथी का सेवन करना चाहिए, इससे ब्रेस्ट मिल्क की मात्रा बढ़ती है। यह फाइटोएस्ट्रोजन का प्रमुख स्रोत है। मेथी में पाए जाने वाले जरूरी विटामिन्स महिलाओं में दूध की गुणवत्ता बढ़ाती हैं।

पीरियड्स का दर्द कम करें: कई बार महिलाओं को पीरियड्स (मासिक धर्म) के दौरान बहुत ज्यादा दर्द होता है। मेथी दाना (Methi Dana) इससे राहत दिलाता हैं। इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण पाए जाते हैं। मेथी के यह गुण मासिक धर्म में होने वाले दर्द को कम करने में सहायता देते हैं।

आइये अब जानते है मेथी दाने से कौन-कौन से नुकसान होते है।

मेथी दाने के नुकसान (Methi Dana Side Effects)

  • मेथी को ज्यादा लेने से ब्लड शुगर लेवल में बदलाव होता है।
  • शरीर से बदबू आने की वजह से अधिक मात्रा में मेथी का सेवन करना भी नुकसानदायक हो सकता है।
  • अगर ब्रेस्टफीडिंग करवाने वाली महिलाओं को मेथी दाने (Methi Dana) के सेवन से पेट खराब होता है, तो उससे नवजात शिशु को दस्त लग सकते हैं इसलिए, इसका सेवन कम करें।
  • मेथी-दानों (Methi Dana) के इस्तेमाल से कुछ महिलाओं को हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है। इसमें ब्लड प्रेशर कम होता जाता है।
  • मेथी दाने की गर्म तासीर होती है। इसलिए जब गर्भवती महिलाएं मेथी दाने का ज्यादा सेवन करती है तो गर्भाशय संकुचन की समस्या समय से पहले हो सकती है।
  • मेथी दाने (Methi Dana) के सेवन से एलर्जी होती है। जिस वजह से सांस फूलने की शिकायत हो सकती है। इसकी तासीर गर्म होने की वजह से बवासीर, गैस और एसिडिटी की समस्या भी हो सकती है।

डिस्क्लेमर: मेथी दाना (methi dana) के बारे में आपको इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है और भी हेल्थ संबंधी जानकारियां पाने के लिए आयु ऐप डाउनलोड करके आप अपने फोन पर रोज़ाना सेहत की बातें सेक्शन में जाकर पढ़ सकते है और टेलीमेडिसिन की सुविधा घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं।

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