मानसिक रोग के प्रकार के बारे में जानें

maansik rog ke prakaar

मानसिक रोग को लेकर लोगों में काफी सारी गलत धारणाएं हैं। आज भी लोग मानसिक रोग को एक बीमारी नहीं मानते, इसलिए उनके अनुसार इसमें किसी तरह की इलाज जरूरत नहीं पड़ती। हम इस आर्टिकल में आपको मानसिक रोग के प्रकार के बारे में बताएंगे। मानसिक रोग के प्रकार के बारे में जानने से पहले हम मानसिक रोग क्या है यह जानते है।

मानसिक रोग क्या है(What is mental illness)?

मानसिक रोग को मनोविकार या मानसिक स्वास्थ्य विकार इत्यादि के नामों से जाना जाता है। मानसिक रोग की स्थिति में व्यक्ति की मनोदशा, याददाश्त, स्वभाव इत्यादि की प्रक्रिया पर असर पड़ता है और व्यक्ति का अपने भावों इत्यादि पर काबू नहीं रहता।

मानसिक रोग के प्रकार (Types of mental illness):

आइये जानते है मानसिक रोग के प्रकार के बारे में।

साइकोसोमेटिक और सोमेटिक डिसऑर्डर: आज के समय में कुछ बीमारियाँ बहुत सामान्य बन चुकी हैं जैसे लो ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि। हालांकि, यह सभी शारीरिक समस्या हैं लेकिन यह मनावैज्ञानिक कारणों जैसे स्ट्रेस और एंग्जायटी से उत्पन्न होती हैं।

इसलिए साइकोसोमेटिक डिसऑर्डर अर्ताथ मनोदैहिक विकार वह मानसिक समस्याएँ हैं जो शारीरिक लक्षण दर्शातीं हैं, लेकिन इसके कारण साइकोलॉजिकल होते है। वह इसके विपरीत सोमेटिक डिसऑर्डर है, वह विकार हैं जिनके लक्षण शारीरिक है परंतु इनके बायोलॉजिकल कारण सामने नहीं आते है।

यदि कोई व्यक्ति पेट दर्द की शिकायत कर रहा है लेकिन तब भी व्यक्ति के पेट में कोई समस्या नहीं होती है तो यह सोमेटिक डिसऑर्डर में आता है।

चाइल्डहुड डिसऑर्डर: बच्चे भी मेंटल डिसऑर्डर के शिकार हो रहे है। यह डिसऑर्डर पहली बार बच्चों में और फिर किशोरावस्था में भी हो सकता है। इन में से कुछ अटेंशन डेफेसिट-हाइपर एक्टिविटी डिसऑर्डर पाए जाते हैं जिसमें बच्चा सावधान या फोक्सड नहीं रह पाता या वह हाइपर एक्टिविटी व्यवहार करता है और स्वलीन विकार जिसमें बच्चा अंतर्मुखी हो जाता है, बिलकुल हंसना छोड़ देता है और बोलना भी देर से सीखता है।

साइकोएनालिसिस और मेंटल डिसऑर्डर: आपने अक्सर सड़क पर चलते हुए कभी किसी व्यक्ति को गंदे कपड़ों में, कूड़े के आसपास पड़े गंदे भोजन को खाते देखा होगा या फिर अजीब तरीके से बातचीत करते हुए देखा होगा। ऐसे व्यक्तियों में व्यक्ति, जगह और समय के विषय में कमजोर जानकारी होती है। हम अक्सर उन्हें पागल कह देते है, लेकिन वैसे मेन्टल डिसऑर्डर कहते है।

यह मेंटल डिसऑर्डर की गंभीर स्थिति होती है, जो अशांत विचारों, मनोभावों और व्यवहार से होते हैं। साइकोएनालिसिस डिसऑर्डर में असंगत मानसिकता (Incomptible Mentality), दोषपूर्ण अभिज्ञा (faulty perception), संचालक कार्यकलापों में बाधा (Hindrance of operator Activity), नीरस (monotonous) और अनुपयुक्त भाव(inappropriate emotions) होते हैं।

डिफ्रेनशीएशन का अर्थ किसी ऐसी चीज को देखना है जो वास्तव में फिजीकल रूप से वहाँ नहीं होती, कुछ ऐसी आवाजें सुनाई देना जो वास्तव में वहाँ नहीं है।

एंग्जायटी डिसऑर्डर: यदि कोई व्यक्ति बिना किसी विशेष कारण के डरा हुआ, भयभीत या चिंतित महसूस करता है तो कहा जा सकता है कि वह व्यक्ति एंग्जायटी डिसऑर्डर से ग्रसित है। एंग्जायटी डिसऑर्डर के विभिन्न प्रकार होते हैं जिसमें चिंता की भावना विभिन्न रूपों में दिखाई देती है। इनमें से कुछ विकार किसी चीज से अत्यन्त और तर्कहिन डर के कारण होते हैं।

मूड डिसऑर्डर: वह व्यक्ति जो मूड डिसॉर्डर से ग्रसित होते हैं उनके मनोभाव लंबे समय तक रहते है, वह व्यक्ति किसी एक मनोभाव पर स्थिर हो जाते हैं या इन भावों की श्रेणियों में बदलते रहते हैं।

उदाहरण के लिए कोई व्यक्ति कुछ दिनों तक उदास रहे या किसी एक दिन उदास रहे और दूसरे दिन खुश रहे, उस के व्यवहार का परिस्थिति से कुछ संबंध ना हो। इस तरह मूड डिसऑर्डर के दो प्रकार होते है।

डिप्रेशन: डिप्रेशन ऐसी मेंटल स्टेज है जो उदासी, रूचि का अभाव और प्रतिदिन की क्रियाओं में प्रसन्नता का अभाव, नींद कम आना, भूख में कमी, वजन कम होना या ज्यादा भूख लगना और वजन बढ़ना, आलस, दोषी महसूस करना, अयोग्यता, असहायता, निराशा, एकाग्रता स्थापित करने में परेशानी और अपने व दूसरों के प्रति नकारात्मक विचारधारा के लक्षणों को दर्शाती है।

बाइपोलर डिसऑर्डर: बाइपोलर डिसऑर्डर एक गंभीर मानसिक रोग है, जिसमें बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति की मनोदशा असामान्य होती है। इस बीमारी में वह कभी बहुत खुश, सक्रिय, रह सकते हैं।

विघटनशील विकार (Disruptive Disorder): किसी-किसी अभिघात (Trauma) घटना के बाद व्यक्ति अपना पिछला अस्तित्व, और आस-पास के लोगों को पहचानने में असमर्थ हो जाता है। इसी को ही विघटनशील विकार कहते है, जिसमें किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व समाजच्युत (Isolation) व समाज से पृथक (Isolated from society) हो जाता है

विघटनशील स्मृतिलोप (Disruptive Amnesia), विघटनशील मनोविकार का एक वर्ग है, जिसमें व्यक्ति आमतौर पर किसी तनावपूर्ण घटना के बाद महत्वपूर्ण व्यक्तिगत सूचना को याद रखने में असमर्थ हो जाता है। विघटन की स्थिति में व्यक्ति अपने नये अस्तित्व को महसूस करता है। दूसरा वर्ग विघटनशील पहचान विकार है जिसमें व्यक्ति अपनी याददाश्त खो ही देता है और नए अस्तित्व की कल्पना करने लगता है।

अन्य वर्ग व्यक्तित्वलोप विकार (Personification Disorder) है, जिसमें व्यक्ति अचानक बदलाव या भिन्न प्रकार से अलग महसूस करता है। व्यक्ति इस प्रकार महसूस करता है जैसे उसने अपने शरीर को त्याग दिया है या फिर उस की गतिविधियाँ अचानक से स्वप्न (Dream) के जैसी हो जाती है।

पर्सनालिटी डिसॉर्डर: पर्सनालिटी डिसॉर्डर की जड़ें किसी व्यक्ति के शैशव काल (Infancy) से जुड़ीं होती हैं, जहाँ कुछ बच्चे अशुद्व विचारधारा विकसित कर लेते हैं। यह विभिन्न पर्सनालिटी डिसॉर्डर व्यक्ति में हानिरहित अलगाव से ले कर भावनाहीन क्रमिक हत्यारे के रूप में सामने आते हैं। पर्सनालिटी डिसॉर्डर की श्रेणियों को तीन समूहों में बांटा जा सकता है। पहले, समूह की विशेषता सनकी व्यवहार है. चिंता और शक दूसरे समूह की विशेषता है और तीसरे समूह की विशेषता है नाटकीय, भावपूर्ण और अनियमित व्यवहार।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है।अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐप डाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ  डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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