कोरोना वायरस के बारे में सोशल मीडिया पर फैलाए जा रही अफवाहों से रहें सावधान

CoronaVIrus

कोरोना वायरस से चीन में अब तक 3000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। दुनियाभर में करीब एक लाख लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। भारत में भी वायरस को लेकर डर का माहौल है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यहां 29 लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं। कोरोना वायरस को लेकर तरह-तरह की अफवाह सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। उनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

1.कोरोनावायरस होना मृत्यु का संकेत है।

ये मौत का संकेत बिल्कुल नहीं है। वास्तव में कोरोना वायरस के बारे में बहुत कुछ है जो अभी तक हम नहीं जानते लेकिन अभी जो आंकड़े आए हैं उनके आधार पर कोरोनावायरस की मृत्यु दर मात्र 2 प्रतिशत है । जो 2% मर जाते हैं वे सबसे बीमार मरीज़ होते हैं और अक्सर पहले से अस्पताल में हैं। 

2. कोरोना वायरस चमगादड़ का सूप पीने से होता है। 

नहीं ये बिल्कुल भी सही नहीं है कि कोरोना वायरस चमगादड़ो का सूप पीने से होता है यह सिर्फ लोगों द्वारा फैलाया गया केवल और केवल भ्रम है। ऐसा अभी तक किसी भी रिपोर्ट में साबित नहीं हुआ है।

3. चीन से पत्र या पैकेज प्राप्त करने से कोरोनावायरस हो जाएगा ।

विश्लेषण में पाया गया है कि कोरोनावायरस वस्तुओं पर अधिक समय तक जीवित नहीं रहते हैं। इस प्रकार यह कहना सुरक्षित है कि चीन से पैकेज प्राप्त करने वाले लोगों को कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा नहीं है।

4. घर पर पालतू जानवरों से आपको कोरोनावायरस का संक्रमण हो सकता है ।

फिलहाल इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बिल्ली और कुत्ते जैसे पालतू जानवर आपको कोरोनावायरस से संक्रमित कर सकते हैं। हालाँकि, अपने पालतू जानवरों से संपर्क के बाद साबुन से हाथ धोना चाहिए,  जो आपको साल्मोनेला और ई- कॉली जैसे आम जीवाणुओं से बचाएगा।

5. निमोनिया से बचाव के लिए लिए गए टीके आपको कोरोनावायरस से बचाते हैं

निमोनिया के खिलाफ टीके जैसे न्यूमोकोकल वैक्सीन और हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी वैक्सीन कोरोनोवायरस से सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं। यह वायरस इतना नया और अलग है कि इसके लिए नई वैक्सीन की जरूरत है। सांस की बीमारी के खिलाफ टीकाकरण आपके स्वास्थ्य की रक्षा के लिए मददगार हो सकता है ।

6. एंटीबायोटिक दवाएं कोरोनावायरस को रोकने और उसका इलाज करने में प्रभावी हैं

नहीं। एंटीबायोटिक दवाएं बैक्टीरिया के खिलाफ काम करती हैं, वायरस के नहीं।
हालाँकि, यदि आपको कोरोनावाइरस के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, तो आपको बैक्टीरिया के इन्फ़ेक्शन से बचने के लिए एंटीबायोटिक्स दिए जा सकते हैं

7. मास्क पहनने से आप वायरस से सुरक्षित रहेंगे।

बहुत सारे लोग ऐसा सोचते हैं और निश्चित रूप से मास्क आपको सुरक्षा की भावना देता है। लेकिन समस्या यह है कि जो लोग इन मास्क को पहनते हैं, वे आमतौर पर उन्हें ठीक से नहीं पहनते।मास्क दो प्रकार के होते हैं:  साधारण या सर्जिकल मास्क जिसे सामान्य लोग पहनते है। दूसरा N95 मास्क होता है जिसे सिर्फ स्वास्थ्य कर्मचारी पहनते हैं। मास्क वास्तव में उन लोगों के लिए है जो वास्तव में कोरोनोवायरस बीमारी से संक्रमित हैं, एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए इतना जरूरी नहीं है। समय- समय पर हाथ धोएं..और अगर आप बीमार हैं तो ज्यादातर समय घर पर ही रहने की कोशिश करें।

8. कोरोनावायरस वृद्ध लोगों को प्रभावित करता है

सभी उम्र के लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो सकते हैं। सभी उम्र के लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो सकते हैं। पुराने लोगों और पहले से मौजूद चिकित्सा स्थितियों जैसे अस्थमा, मधुमेह और दिल की बीमारियों से पीड़ित लोग इस वायरस से गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं।

9. केवल चीनी लोगों में कोरोनावायरस है।

यह चीन में शुरु हुआ लेकिन अब यह हर जगह पहुंच चुका है। यह फ्लू की तरह कहीं भी हो सकता है। 
दरअसल, कोरोना वायरस एक संक्रामक रोग है और संक्रामक रोग या फिर किसी भी तरह के वायरस को जो कि हवा के साथ कहीं भी जा सकता है। ऐसे वायरस के लिए किसी भी देश की सीमा कोई मायने नहीं रखती।

10. बॉर्डर को बंद करके वायरस को फैलने से रोका जा सकता है।

सांस के साथ घुलने वाले वायरस के लिए बॉर्डर कोई मायने नहीं रखता। ऐसे वायरस किसी भी तरह के बॉर्डर या सीमा का सम्मान नहीं करते। कोरोना वायरस के फैलने में सरकार की भी कोई गलती नहीं है। हम इसके लिए सरकार को दोषी नहीं ठहरा सकते क्योंकि यह केवल वायरस की प्रकृति है । कुछ सरकारों ने विदेशी यात्रा को भी बैन किया मगर ये बहुत अधिक प्रभावी साबित नहीं हुआ।

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