खसखस के फायदे और नुकसान

khas khas

आइये हम जानते है खसखस के फायदे और नुकसान।

खसखस क्या है?

खसखस को पॉपी सीड्स कहते है। यह एक तरह का तिलहन (Oilseeds) है। खसखस सर्दी- खांसी ,ह्रदय रोग, उलटी, त्वचा रोग, बुखार, सिरदर्द, रक्त विकार, पेशाब की जलन, सांस के रोग, पित्त रोग, मांसपेशियों की ऐंठन, हार्मोनल समस्याओं में फायदेमंद है। 

खसखस में मिलने वाले पोषक तत्व:

खसखस में खसिलाल,जिजोनोइक अम्ल, कैल्शियम, एजुलीन और फेरस ऑक्साइड आदि पाए जाते हैं। 

खसकस के औषधीय गुण:

खसखस में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीकाटालैप्टिक, एनाल्जेसिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीर्थ्रराइटिक, स्टीमूलेंट, मूत्रवर्द्धक, एंटीस्पाज़मोडिक, इमानागोग जैसे बहुत सारे औषधीय गुण हैं।

खसखस के फायदे:

आइये जानते है खसखस के फायदे। इसके कारण पेट संबंधी बीमारियों में खसखस के फायदे बहुत सारे हैं और भी कई बहुत सारे फायदे है।

दर्द से राहत दिलाए: खसखस के तेल का इस्तेमाल दर्द से राहत दिलाता है क्योंकि इसका एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण  मांसपेशियों के सूजन को कम करने में मदद करता है और हड्डियों को मजबूत करता है।

मुँह के छाले: शरीर में पित्त की मात्रा अधिक होने के कारण मुँह में छाले होते हैं। खसखस की तासीर या प्रभाव ठंडा होने के कारण मुँह के छालों से राहत दिलाती है।

आग से जलने पर राहत दिलाए: खसखस आपको जलन से राहत दिलाता है क्योंकि खसखस का ठंडक देने वाला गुण अच्छे इलाज की तरह काम करता है। आप खसखस को पीसकर लगा सकते है या नारियल तेल में खसखस को मिलाकर आप प्रभावित जगह पर लगा सकते है।

अनिद्रा: अगर आपको नींद ना आने या अनिद्रा की बीमारी है और नैचुरल तरीके से आप इससे राहत पा सकते है। अनिद्रा से राहत पाने के लिए आप खसखस का इस्तेमाल कर सकते है क्योंकि खसखस में मिलने वाला यौगिक न्यूरोट्रांस्मीटर के उत्पादन में सहायता करता है जिससे मस्तिष्क को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है। यह नींद ना आने की समस्या को भी कम करता है।

डिप्रेशन: खसखस न्यूरोट्रांस्मीटर का उत्पादन करता है जिससे मस्तिष्क को सुचारु रूप से काम करने में मदद मिलती है और यह डिप्रेशन और स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है।

बुखार या फीवर: खसखस का ठंडा तासीर और उसका एंटीबैक्टीरियल गुण फीवर को कम करने में मदद करता है।

त्वचा का संक्रमण या स्किन इंफेक्शन: खसखस का  एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी गुण और उच्च मात्रा में लिनोलेनिक एसिड त्वचा के संक्रमण से राहत दिलाता है। स्किन इंफेक्शन की प्रॉब्लम होने पर खसखस का इस्तेमाल करने से त्वचा में सुधार आता है साथ ही त्वचा में चमक देती है। छोटी चोट में खसखस से राहत मिलती है।

बालों का झड़ना: खसखस में मिनरल और कैल्शियम होता है जो बालों का झड़ना कम करता है और नए बाल उगाने में मदद करता हैं। खसखस बालों को हेल्दी बनाते है।

पाचन में सहायक: पेट संबंधी परेशानियों में खसखस का उपयोग किया जाता है। यह पोषक तत्वों से समृद्ध है। यह कब्ज या पेट से जुड़ी किसी भी समस्या से छुटकारा दिलाता है। फाइबर कोलन कैंसर में भी रोकथाम का काम करता है। यह पेट को स्वस्थ बनाने में मदद करता है।

हड्डी स्वास्थ्य: हड्डियों के लिए पॉपी सिड्स के बहुत फायदे हैं। खसखस कैल्शियम, जिंक और कॉपर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है। यह हड्डियों को मजबूत करके विकास में मदद करता है। कैल्शियम सप्लीमेंट के साथ कॉपर और जिंक मिलकर रीढ़ की हड्डी के नुकसान को रोकने में मदद करता है।

खसखस का नुकसान:

खसखस का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करें। ज्यादा मात्रा में खसखस का सेवन करने से पेट ज्यादा भरा हुआ महसूस होता है। सर्दी-खांसी होने पर खसखस का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए क्योंकि खसखस की तासीर ठंडी होती है। 

गर्भवती महिलाओं या दूध पिलाने वाली माताओं को खसखस का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है।अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐप डाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ  डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.