Latest health updates: कोविड-19 वैक्सीन बनाने वाली कंपनी Johnson & Johnson ने रोका वैक्सीन का ट्रायल

Johnson johnson halted covid 19 vaccine trial

COVID-19 Vaccine Trial: कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी Johnson & Johnson ने कोरोना वैक्सीन का ट्रायल बंद कर दिया है। Johnson & Johnson ने कहा, “हमने अपने Covid-19 वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के लिए वॉलेंटियर्स को दी जाने वाली आगे की खुराक फिलहाल के लिए रोक दी है। ऐसा ट्रायल में हिस्सा ले रहे शख्स के बीमार होने के चलते करना पड़ा। 

1. जॉनसन एंड जॉनसन ने रोका वैक्सीन का ट्रायल

जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) की तरफ से एक स्टेटमेंट जारी कर बताया गया, ‘हमने अपने सभी कोविड-19 वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल अस्थायी रूप से रोक दिया है।’ कंपनी ने इसकी वजह ट्रायल के दौरान एक सहभागी का बीमार होना बताया।’

जॉनसन एंड जॉनसन की एडी26-सीओवी2-एस (SD26-COV2-S Vaccine) वैक्सीन अमेरिका में चौथी ऐसी वैक्सीन है, जो क्लिनिकल ट्रायल के आखिरी फेज में है। पिछली बार की रिपोर्ट में कहा गया था कि वैक्सीन ने शुरुआती स्टडी में कोरोना वायरस के खिलाफ एक मजबूत इम्यून रेस्पॉन्स दिया है। रिसर्चर्स ने कहा था कि अब तक के क्लिनिकल ट्रायल के रिजल्ट के आधार पर कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं थे।

जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन के ट्रायल पर रोक लगने की खबर जाहिर तौर पर एक बड़ा झटका है। इससे पहले एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन पर रोक लगा दी गई थी।

2. अच्छी खबर: भारत में कोरोना के मामलों में आई बड़ी गिरावट

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देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन संक्रमण के रोज़ाना के आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार की तुलना में मंगलवार को कोविड-19 मामलों की संख्या में भारी कमी देखने को मिली। सोमवार को जहां 66,732 नए मामले सामने आए थे वहीं मंगलवार को 55,342 मामले दर्ज किए गए हैं। जबकि 706 लोगों की वायरस के कारण मौत हुई है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दी है।

मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल मामलों की संख्या 71,75,881 हो गई है। इसमें सक्रिय मामलों की संख्या 8,38,729 है। जबकि 62,27,296 मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है या वे देश छोड़कर चले गए हैं। वहीं मृतकों की संख्या बढ़कर 1,09,856 पर पहुंच गई है। 

3. नवजात शिशुओं को नहीं है कोरोना संक्रमित मां के गर्भ में संक्रमण का खतरा 

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कोरोना वायरस के संक्रमण पर ताजा रिपोर्ट में सामने आया है कि नवजात शिशुओं को कोरोना संक्रमित मां के गर्भ में संक्रमण का खतरा नहीं है। 

न्यूयॉर्क में कोरोनो वायरस संक्रमित माताओं से पैदा हुए 101 शिशुओं में से सिर्फ दो ही प्रसव के बाद कोरोना संक्रमित मिले। हालांकि इस मामले में डॉक्टरों को यह ठीक से पता नहीं है कि शिशुओं में संक्रमण कैसे फैला लेकिन उन्होंने जोर दिया कि इसमें ऊर्ध्वाधर संचरण का कोई सबूत नहीं है। 

विशेषज्ञों का दावा है कि उनके अध्ययन से साबित होता है कि नवजात शिशुओं को संक्रमण से बचाने के लिए केवल बुनियादी संक्रमण नियंत्रण उपायों की आवश्यकता होती है, जैसे कि स्तनपान के दौरान मां का मास्क पहनना और हाथ धोना। शिक्षाविदों ने कहा कि स्तनपान को सामान्य रूप से जारी रखना चाहिए क्योंकि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। 

4. WHO को उम्मीद, इस साल के अंत तक आ जाएगी वैक्सीन

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कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उम्मीद जताई है कि वैक्सीन  2020 के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में पंजीकरण के लिए तैयार हो जाएगी। यह जानकारी डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामिनाथन ने सोमवार को दी।

स्वामी नाथन ने पत्रकारों से कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं, हमारे पास लगभग 40 वैक्सीन उम्मीदवार हैं जो अब नैदानिक परीक्षणों के चरण में हैं। इनमें से 10 तीसरे चरण के परीक्षण में हैं। जो हमें प्रभावकारिता और सुरक्षा दोनों के बारे में बताएगा। इसलिए हम अनुमान लगा सकते हैं, यह देखते हुए कि परीक्षण कब शुरू होगा और कब नियामकों द्वारा प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त डाटा उपलब्ध कराने संभावना है, 2020 के दिसंबर से 2021 के शुरुआत में ऐसा हो सकता है।’

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