Corona update: वायरस के संक्रमण को रोकने में कितनी कारगर है Steam therapy !

Steam therapy for coronavirus

कोरोना वायरस का संक्रमण दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है। भारत सहित विश्व के कई शहरों में लॉकडाउन की स्थिति है। दुनिया घरों में कैदियों की भांति जीवन-बसर करने को मजबूर है तो वहीं परिंदें इस आज़ादी (लॉकडाउन) का जश्न मना रहे हैं। इस लिहाज से कहा जा सकता है कोरोना वायरस पूरी तरह खराब नहीं है यह किसी की जश्न-ए-आज़ादी का प्रतीक है। इस समय लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए स्टीम थेरेपी (Steam therapy) का क्रेज बढ रहा है। आइए, जानते हैं स्टीम थेरेपी कितनी कारगर है कोरोना के इलाज में-

डर की वजह से अपना रहे स्टीम थेरेपी

कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है। इसके बाद लोग किसी भी कही सुनी बात पर यक़ीन करके उसे तुरंत अमल में लाने लगते हैं। इसी में से एक है स्टीम थेरेपी (Steam therapy), जिसका क्रेज लोगों में सर चढ़कर बोल रहा है। हालांकि, आयुर्वेद के अनुसार स्टीम थेरेपी कई तरह की बीमारियों के लिए रामबाण इलाज़ भी है।

किन समस्याओं के दौरान लेनी चाहिए भाप (Steam )

  • सांस की समस्या
  • ठंड में कफ की समस्या
  • ब्रोंकाइटिस की समस्या
  • खांसी की समस्या
  • साइनस की समस्या
  • साइनस की समस्या

इन समस्याओं के लिए भाप लेने का तरीक

सांस लेने की समस्‍या होने पर पानी में नीलगिरी या पाइन यानि चीड़ को गर्म पानी के साथ भाप लें। इसके अलावा ब्रोंकाइटिस यानि श्वसन शोथ की प्रॉब्लम होने पर तुलसी, लौंग, नीलगिरी, मेंहदी डालकर भाप (स्टीम थेरेपी)  ले सकते हैं। अगर आपको ठंड की समस्या है तो गर्म पानी में अदरक, खाड़ी, लौंग, मेंहदी को गर्म पानी में डालकर तौलिए से ढांककर भाप (स्टीम थेरेपी) लें। खांसी के वक्त पानी में इलायची, पुदीना, मेंहदी को डालकर भाप ले सकते हैं। इसके अलावा इनफ्लेम्‍ड साइनस की समस्या में तुलसी, चाय के पेड़, नीलगिरी, पुदीना के साथ भाप (स्टीम थेरेपी)  लेना चाहिए।

CDC और WHO की मान्यता

कुछ लोग यह सलाह भी दे रहे हैं कि आप 15 से 20 मिनट तक या जितनी देर ले सकते हैं, उतनी देर स्टीम लें। लेकिन ना तो Centers for Disease Control and Prevention(CDC) और ना ही World Health Organization(WHO) ने इस बात की पुष्टि की है कि स्टीम थेरपी कोरोना वायरस का इलाज है।

भाप (Steam) लेने का सुरक्षित तरीका

  1. आप बीमारी के अनुसार एक बड़े कटोरे में पर्याप्‍त मात्रा में पानी लें और उसमें हर्बल और ज़रूरत के हिसाब से तेल मिला लें।
  2. सिर को किसी हल्‍के तौलिये से ढक लें और कटोरे से लगभग 30 सेंटीमीटर की दूरी पर बैठें।
  3. ध्‍यान रहे कि पानी का कटोरा और सिर उस तौलिये से अच्‍छी तरह ढका रहे।
  4. एक या दो मिनट तक नाक से सांस लें।
  5. उसके बाद एक ब्रेक लें और दोबारा इस क्रिया को करें।

डॉक्टर इसलिए देते हैं सलाह

हालांकि हमें सामान्य तौर पर सर्दी-जुकाम होने पर भाप लेने की सलाह कई बार हमारे डॉक्टर के द्वारा ही दी जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि स्टीम हमारी नाक और गले में जाकर वहां जमा म्यूकस (जिससे कफ बनता है) को पतला करती है। इससे हमें सांस लेने में आसान होती है और हम काफी राहत महसूस करते हैं।

लोकप्रिय खबरें-

आयु है आपका सहायक

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लोगों को संकल्प लेने को कहा है कि वे केंद्र और राज्य सरकारों के परामर्श का अनुपालन करेंगे। मोदी ने लोगों से अनुरोध किया कि वे नियमित जांच के लिए अस्पताल जाने से बचें ताकि स्वास्थ्यकर्मियों पर दबाव कम हो। ऐसे में आयु ऐप आपको कोरोना या किसी भी अन्य बीमारी से लड़ने और उसकी संपूर्ण जानकारी विशेषज्ञ डॉक्टरों के द्वारा आपको घर बैठे निशुल्क उपलब्ध करवा रहा है। आप इस ऐप के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श और इलाज की सुविधा ले सकते हैं इसके लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।


Leave a Reply

Your email address will not be published.