इंटरस्टीशियल लंग डिजीज क्या है, कारण और इलाज

interstitial lung disease

इंटरस्टीशियल लंग डिजीज एक तरह की बीमारी का समूह है जो फेफड़ों के वायुकोषों (Air Sacks) के बीच की जगह इंटरस्टीशियम को प्रभावित करता है।

लगातार बढ़ता वायु-प्रदूषण चेतावनी है कि वायु की गुणवत्ता प्रदूषण के स्तर चेतावनी के स्तर को पार कर चूका है।

अगर आप थोड़ी देर में ही थक जाते है, या जरा सा चलने में ही सांस फूल जाती है, सांस लेने में तकलीफ महसूस होती है, लंबी सांस नहीं ले पा रहे है या फिर लंबे समय से सूखी खांसी की समस्या से जूझ रहे है, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। यह समस्या फेफड़े की गंभीर बीमारी आईएलडी यानि इंटरस्टीशियल लंग डिजीज भी हो सकती है।

क्या है इंटरस्टीशियल लंग डिजीज:

आईएलडी फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है। इसमें मरीज के फेफड़े सिकुड़ जाते है। फेफड़े सिकुड़ने के कारण व्यक्ति के शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है। इसके कारण मरीज को सांस संबंधी समस्याएं भी हो सकती है। कई बार आपको सूखी खांसी रहती है। इसमें सिकुड़े हुए फेफड़ों को वापस ठीक तो नहीं किया जा सकता, लेकिन सही समय पर रोग की पहचान करने के बाद नियमित दवा और परहेज की मदद से बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

क्रॉनिक आईएलडी एचपी के कारण:

इसके कई सारे कारण हो सकते है। कबूतरों या किसी अन्य बर्ड के बीच रहने से ये बीमारी हो सकती है। कई बार कबूतर हमारे घर की खिड़कियों या रोशनदान में अपना घर बना लेते है। ऐसे में उनकी बीट या पंखों से आईएलडी की समस्या हो सकती है। इसके अलावा बंद कमरे में सीलन, कूलर की जालियों की गंदगी व फंगस से भी यह समस्या हो सकती है।

कौन से रोग इंटरस्टीशियल लंग डिजीज में आते है?

आईएलडी के प्रकारों में पल्मोनरी फाइब्रोसिस प्रमुख है जो ज्यादातर मामलों में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें सारकाइडोसिस, हाइपरसेंसिटिविटी न्युमोनाइटिस, कनेक्टिव टिश्यू डिजीज और ऑक्यूपेशनल लंग डिजीज शामिल है। 

इंटरस्टीशियल लंग डिजीज के कारण:

ऑटो इम्यून डिजीज

पर्यावरणीय पदार्थों से संपर्क

दवाईयाँ (कीमोथैरेपी, एंटीबायोटिक्स, एमियोडरोन)

विकिरण

फेफड़े के वायरल या सामान्य इंफेक्शन आदि।

इंटरस्टिशियल लंग के रोग से निवारण कैसे पाए?

  • विषाक्त पदार्थों का सेवन कम करें

इंटरस्टिशियल लंग की समस्याएं अगर इलाज ना हो:

इंटरस्टिशियल फेफड़े के रोग जटिलताओं का कारण बनता है यदि इसका इलाज नहीं किया जाता है। नीचे दी गई सूची जटिलताओं और समस्याओं की है जो इंटरस्टिशियल लंग के रोग को अनुपचारित (Untreated) छोड़ने से पैदा हो सकती है।

  • फेफडो मे काट
  • फुफ्फुसीय उच्च रक्तचाप
  • हाइपोजेमिया
  • सांस की विफलता

इंटरस्टिशियल लंग डिजीज के उपचार के लिए प्रक्रियाएँ:

इंटरस्टिशियल फेफड़े के रोग के इलाज के लिए निम्नलिखित प्रक्रियाओं का उपयोग किया जा सकता है।

  • सर्जरी: फेफड़ों की बीमारी का इलाज करना
  • ऑक्सीजन थेरेपी: कम रक्त ऑक्सीजन के स्तर से साँस लेने और आसान व्यायाम करना और जटिलताओं को कम करना।

इंटरस्टिशियल लंग रोग के लिए खुद की देखभाल कैसे करें:

खुद की देखभाल कार्यों या जीवनशैली में परिवर्तन से इंटरस्टिशियल लंग रोग के उपचार या प्रबंधन में मदद मिल सकती है। जैसे:

  • धूम्रपान से बचें: फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए धूम्रपान से बचें
  • अच्छा खाएं: पोषक तत्वों से समृद्ध आहार का सेवन बढ़ाएं
  • नियमित व्यायाम: स्थिति बिगड़ने से बचने के लिए
  • श्वसन संक्रमण के खिलाफ टीका प्राप्त करें

इंटरस्टीशियल लंग डिजीज का इलाज:

इलाज रोग की गंभीरता पर निर्भर करता है। शुरुआत की अवस्था में एंटीबायोटिक, एंटीफिब्रोटिक, स्टेयरॉइड्स,  इम्युनोसप्रेसिव दवाओं से उपचार होता है। बीमारी बढऩे पर मरीज को पूरी जिंदगी ऑक्सीजन लेने की जरूरत पड़ सकती है। गंभीर अवस्था में यदि मरीज को बार-बार संक्रमण की शिकायत हो तो फेफड़ों का प्रत्यारोपण (Liver Transplant) भी किया जाता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐपडाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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