सांस फूलने की समस्या है तो ये घरेलू उपाय अपनाए | Daily Health Tip | 24 July 2020 | AAYU App

prevent from breathe problem

फेफड़ों में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं आने से सांस फूलने की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए अपने होठों को सिकोड़ें व धीरे धीरे हवा खींचें और छोड़ें।

Breathing problems may occur if sufficient Oxygen does not reach your lungs. Shrink your lips and take deep breaths to prevent this.

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कई लोगों को सांस फूलने की दिक्‍कत होती है। सांस से संबंधित बीमारियों से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति के लिए यह आम बात है।

सांस फूलने को डिस्‍पेनिया कहते है। इस स्थिति में फेफड़ों में पर्याप्‍त मात्रा में हवा नहीं आ पाती। ह्रदय और फेफड़ों में किसी तरह की समस्‍या के कारण सांस लेने में दिक्‍कत हो सकती है। जबकि कुछ लोगों को अचानक से सांस फूलने की समस्या हो सकती है।

सांस फूलने का इलाज आप घरेलू उपायों की मदद से भी कर सकते हैं। सांस फूलने के घरेलू उपाय असरकारी भी होते हैं और इनके कोई दुष्‍प्रभाव भी नहीं है।

सांस फूलने के कारण:

मोटापे, धूम्रपान, अत्‍य‍धिक ठंड, कठिन व्‍यायाम और एंग्‍जायटी के कारण सांस फूल सकती है। इसके अलावा अस्‍थमा, एनीमिया, क्रोनिक ऑब्‍स्‍ट्रक्टिव पल्‍मोनरी डिजीज, हृदय का ठीक तरह से काम ना करना, फेफड़ों के कैंसर और टीबी की वजह से सांस फूल सकती है।

सांस फूलने के घरेलू उपाय:

होंठों का सिकुड़ना: गर्दन और कंधे की मांसपेशियों को आराम दें। अब दो बार नाक से धीमी सांस लें और मुंह को बंद रखें। सिटी बजाते समय जैसे होठ रखे जाते है वैसे रखें। अब धीरे से होंठों से सांस छोड़ें और चार तक गिनती करें। अगर फेफड़ों में हवा फंस जाती है तो यह उपाय अपनाएं।

गहरी सांस लेना: पेट से गहरी सांस लेने से सांस लेने में दिक्‍कत दूर होती है। लेट जाएं और दोनों हाथों को पेट पर रखें। अब नाक से गहरी सांस लें और पेट को फुलाते हुए फेफड़ों में हवा भरें। कुछ सेकंड के लिए सांस को रोक कर रखें। धीरे-धीरे मुंह से सांस लेते रहें और फेफड़ों में भरी हवा को बाहर निकालें। पांच से दस मिनट के लिए इसे दोहराते रहें।

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कॉफी पिएँ: कैफीन श्‍वसन मार्ग की मांसपेशियों को आराम देता है। इससे फेफड़ों के कार्यों में सुधार आता है। सांस फुूलने के घरेलू उपचार के रूप में आप ब्‍लैक कॉफी ले सकते है लेकिन सीमित मात्रा में लें।

भाप लें: भाप लेने से नासिका मार्ग खुल जाता है जिससे सांस लेने में आसानी होती है। भाप की गर्मी और नमी फेफड़ों में जमा म्‍यूकस को तोड़ सकती है जिससे सांस लेने में दिक्‍कत कम हो सकती है। एक बर्तन में गर्म पानी भरें और उसमें पुदीने या यूकेलिप्‍टस ऑयल की कुछ बूंदें डालें। एक कपड़े से सिर को ढक कर बर्तन से थोड़ा ऊपर रख लें और पानी की भाप लें।

अदरक का उपयोग करें: ताजी अदरक खाने या गर्म पानी में अदरक डालकर पीने से श्‍वसन मार्ग में संक्रमण के कारण हो रही सांस फूलने की दिक्‍कत को कम करने में मदद मिलती है। अदरक श्‍वसन मार्ग में संक्रमण पैदा करने वाले आरएसवी वायरस से लड़ने में असरकारी है।

जीवनशैली में बदलाव करें: धूम्रपान न करें और तंबाकू के सेवन से बचें। प्रदूषण और वातावरण में मौजूद विषाक्‍त पदार्थों से दूर रहें। मोटापा घटाएं और उच्‍च तापमान में कठिन व्‍यायाम से बचें। संतुलित आहार और आठ घंटे की नींद लें।

डॉक्टर को दिखाएँ: अगर पर्याप्‍त ऑक्‍सीजन नहीं मिल पा रहा है या सीने में दर्द हो रहा है, लगातार या बार-बार सांस फूल रही है या सांस लेने में दिक्‍कत की वजह से रात को नींद खुल रही है या गले में टाइट महसूस हो रहा है या सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आ रही है तो डॉक्‍टर से परामर्श लें।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा आयु ऐप (AAYU App) पर डॉक्टर से संपर्क करें.

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