गला खराब है तो अपनाएं ये घरेलू उपाय | Daily Health Tip | AAYU App

throat infection

अगर आपके गले में खराश हो रही है तो यह गले में संक्रमण होने का एक लक्षण हो सकता है। इसके उपचार के लिए आप नमक के पानी के गरारे कर सकते है।

If you are suffering from a sore throat, you might have a throat infection. Gargle with salt water to cure it.

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गले में खराश किसी को भी हो सकती है। यह मौसम के बदलने पर हो सकती है।

गले में खराश होना क्या है?

जब किसी व्यक्ति को निगलने में, पानी पीने के समय आदि कामों को करते समय गले में दर्द होता है, तो उसे गले में खराश कहा जाता है।

गले में खराश को गले का दर्द भी कहा जाता है यह सर्दी-लगने या जुकाम के कारण हो सकता है।

हालांकि, गले में खराश गरारे करने या अन्य तरीके को अपनाने से ठीक हो जाता है, लेकिन जब यह समस्या इन तरीकों से भी ठीक ना हो तो यह गंभीर समस्या बन सकती है, जिसकी वजह से कुछ लोगों को बोलने या कुछ खाने में भी परेशानी हो सकती है।

गले में खराश के प्रकार:

वायरल थ्रोट: जब किसी व्यक्ति को गले में खराश किसी वायरल के कारण होती है, तो उसे वायरल थ्रोट कहा जाता है। इस तरह के गले में खराश की शुरूआत सर्दी लगने के साथ होती है, जो कुछ समय के बाद बुखार के रूप में बदल जाता है।

बैक्टीरिया थ्रोट: कुछ गले में खराश बैक्टीरिया के संपर्क में आने से होता है। ऐसी स्थिति में, एंटिबायोटिक दवाईयां लेना कारगर साबित हो सकता है, जिससे बैक्टीरिया थ्रोट को ठीक किया जा सकता है।

गले में खराश के लक्षण:

  • गले में खिंचाव होना: गले में खराश का प्रमुख लक्षण गले में खिंचाव होना है। आमतौर पर, लोग इस पर ध्यान नहीं देते है, लेकिन यह गले में खराश का रूप ले सकती है, जिसकी वजह से उन्हें काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • गले में जलन होना: यदि किसी शख्स को गले में जलन होती है, तो उसे इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह गले में खराश का लक्षण हो सकता है।
  • मुंह के अंदरूनी हिस्से में लाल दब्बे होना: अक्सर, गले में खराश की शुरूआत मुंह के अंदरूनी हिस्से में लाल दब्बे के साथ होती है। आमतौर पर, लोग इसे मुंह के छाले समझने की गलती करते है, लेकिन उन्हें किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए क्योंकि यह गले में खराश का संकेत हो सकता है।
  • हल्की खांसी होना: गले में खराश के लक्षण हल्की खांसी के रूप में भी सामने आते है। इसी कारण, किसी भी शख्स को हल्की खांसी को गंभीरता से लेनी चाहिए और उसकी जांच करानी चाहिए।

मौसम बदलने के साथ बैक्टीरिया, वायरस का हमला होने का खतरा ज़्यादा बढ़ जाता है तो सबसे शुरुआत गले की खराश से होती है। गले की खराश काफी मुश्किलभरी हो सकती है और दिक्कत बढ़ने पर आप खाना तक नहीं खा पाते। इस समस्या से निदान के लिए आप यह घरेलू उपाय आजमा सकते है।

नमक के पानी के गरारे करना: गला खराब होने पर यह सबसे आसान और इफेक्टिव उपाय है। इससे गले में काफी आराम मिलता है। गले से कफ हटाता है और अगर इन्फेक्शन से सूजन आ गई है तो उसमें राहत मिलती है। गुनगुने पानी में एक चुटकी नमक लेकर दिन में 2 से तीन बार गरारा करें।

शहद: शहद में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते है इससे गले की हीलिंग तेजी से होती है। गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पी लें।

अदरक: अदरक के एंटीबैक्टीरियल गुण गले के इंफेक्शन और दर्द से राहत देते है। एक कप पानी में अदरक डाल कर उबालें। हल्का गुनगुना करके इसमें शहद मिलाएं और दो बार पिएं।

मसाला चाय: लौंग, तुलसी, अदरक और काली मिर्च को पानी में उबालें, इसके बाद इसमें चाय पत्ती डालकर चाय बनाएं। इस चाय को गरम ही पिएं। यह भी गले के लिए बेहद लाभदायक उपाय है।

भाप लेना: कई बार गले के सूखने के कारण गले में इंफेक्शन की शिकायत होती है। किसी बड़े बर्तन में गुनगुना पानी करके तौलिये से मुंह ढंककर भाप लें।

लहसुन: लहसुन इंफेक्शन पैदा करने वाले जीवाणुओं को मार देता है इसलिए गले की खराश में लहसुन बेहद फायदेमंद है। लहसुन में मौजूद एलीसिन जीवाणुओं को मारने के साथ-साथ गले की सूजन और दर्द को भी कम करता है। उपचार के लिए गालों के दोनों तरफ लहसुन की एक-एक कली रखकर धीरे-धीरे चूसें।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा आयु ऐप (AAYU App) पर डॉक्टर से संपर्क करें.

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