हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर जानें | Daily Health Tip | Aayu App

cardiac arrest

हार्ट अटैक के दौरान कुछ हिस्सों में खून जम जाता है इसमें ह्रदय उचित तरीके से काम करना बंद कर देता है। अगर आपको हार्ट अटैक आ चुका है तो इसके बाद आप फल, दालें, बीन्स और बीज आदि खाएं।

Blood accumulates in some parts during a heart attack, due to which the heart stops functioning properly. If you have suffered a heart attack previously, then you should eat fruits, pulses, beans and seeds etc.

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बहुत सारे लोग हृदय की बीमारियों का शिकार होकर अपनी जान से हाथ धो बैठते है। कार्डियक अरेस्ट या हार्टअटैक के बारे में आपने सुना ही होगा। का‌र्डियक अरेस्ट में हृदय खून का संचार करना बंद कर देता है। अधिकतर लोग इसे हार्टअटैक समझ लेते हैं, लेकिन इन दोनों में अंतर होता है।

जब हार्टअटैक होता है तो अचानक हृदय की किसी मांसपेशी में खून का संचार रुक जाता है। लेकिन कार्डियक अरेस्ट में हृदय खून का संचार बंद कर देता है। जब हार्टअटैक होता है तो हृदय बाकी शरीर के हिस्सों में खून का संचार करता है लेकिन कार्डियक अरेस्ट में ऐसा नहीं होता और इसमें सांस भी नहीं आती। हार्टअटैक में व्यक्ति होश में रहता है लेकिन कार्डियक अरेस्ट में व्यक्ति के कोमा में जाने की संभावना ज्यादा हो जाती है।

कार्डियक अरेस्ट क्या होता है?

कार्डियक अरेस्ट में दिल के अंदर विभिन्न हिस्सों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान गड़बड़ा जाता है, जिसकी वजह से दिल की धड़कन पर बुरा असर पड़ता है। जकार्डियोपल्मोनरी रेसस्टिसेशन (CPR) के जरिए हार्ट रेट को नियमित किया जाता है। जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक आ चुका है, उन्हें कार्डियक अरेस्ट आने की आंशका ज्यादा होती है।

कार्डियक अरेस्ट के लक्षण:

  • थकान
  • हृदय का धकधकाना
  • हृदय में दर्द महसूस होना
  • चक्कर आना
  • सांसों का छोटा होना

हार्ट अटैक क्या होता है?

हार्ट अटैक के दौरान हृदय के कुछ हिस्सों में खून का बहाव जम जाता है जिस वजह से हार्ट अटैक होता है। दूसरी ओर कार्डियक अटैक में कुछ कारणों से हृदय उचित तरीके से काम करना बंद कर देता है और अचानक से रुक जाता है। इसमें दिल शरीर के बाकी हिस्सों में खून पहुँचाना जारी रखता है और मरीज होश में रहता है। लेकिन जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक आता है, उसे कार्डियक अरेस्ट आने का खतरा बढ़ जाता है।

हार्ट अटैक से कैसे बचें:

हार्ट अटैक आने पर मरीज को इलाज मिलने में जितनी देरी होती है, दिल और शरीर को उतना ज्यादा नुकसान पहुँचता है। इसमें लक्षण तुरंत दिखते है और कई बार कुछ देर बाद भी। हार्ट अटैक आने के कुछ घंटों या कुछ दिनों बाद तक इसका असर देखने को मिल सकता है। कार्डियक अरेस्ट से अलग हार्ट अटैक में दिल की धड़कन बंद नहीं होती. इसलिए कार्डिएक अरेस्ट की तुलना हार्ट अटैक में मरीज को बचाए जाने की संभावना अधिक होती हैं।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा आयु ऐप (AAYU App) पर डॉक्टर से संपर्क करें.

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