HEART ATTACK | अपने दिल को बचाएं हार्ट अटैक के आने वाले ख़तरे से

हार्ट अटैक (Heart Attack) तब होता है जब हृदय तक रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है। यह रुकावट वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के बनने से होती है, जो हृदय (कोरोनरी धमनियों) को स्वस्थ रखने वाली धमनियों में एक पट्टिका या प्लाक का निर्माण करती हैं।

पट्टिका या प्लाक के टूटने से एक थक्का बनता है। बाधित रक्त प्रवाह हृदय की मांसपेशियों के हिस्से को नुकसान पहुंचा सकता है या नष्ट कर सकता है।

हार्ट अटैक (Heart Attack) , जिसे मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन भी कहा जाता है, घातक हो सकता है, लेकिन समय के साथ नई इलाज पद्धतियों व दवाइयों से इसका इलाज संभव हो पाया है।

जानें हार्ट अटैक (Heart Attack) के लक्षण

  • दबाव, जकड़न, दर्द, या आपके सीने या बाहों में एक दर्द जो आपकी गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है।
  • मतली, अपच या पेट दर्द
  • साँसों की कमी
  • ठंडा पसीना
  • थकान
  • अचानक चक्कर आना

हार्ट अटैक के लक्षण विभिन्न हो सकते हैं:-

सभी लोगों में हार्ट अटैक (Heart Attack) के लक्षण समान नहीं होते हैं या उनमें लक्षणों की गंभीरता समान नहीं होती। कुछ लोगों को हल्का दर्द होता है, जबकि दूसरों को तेज़ दर्द होता है। कुछ लोगों में कोई लक्षण नहीं होते, जबकि दूसरों को अचानक कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। आप में जितने अधिक लक्षण दिखाई देंगे, आपको हार्ट अटैक (Heart Attack)  पड़ने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

कुछ हार्ट अटैक (Heart Attack) अचानक होते हैं, लेकिन कई लोगों के लक्षण कई घंटों, दिनों या हफ्तों पहले से चेतावनी देने लगते हैं।

हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ने वाले कारक हैं:

उम्र –  पुरुषों में 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र व महिलाओं में 55 वर्ष या उससे अधिक में हार्ट अटैक होने की संभावना ज़्यादा होती है।

धूम्रपान व तंबाकू – धूम्रपान व तम्बाकू जैसी आदतें भी हार्ट अटैक को बढ़ावा देती है।

हाई ब्लड प्रेशर – समय के साथ, उच्च रक्तचाप आपके दिल को पोषण देने वाली धमनियों को नुकसान पहुंचा सकता है। उच्च रक्तचाप के साथ मोटापा, उच्च कोलेस्ट्रॉल या मधुमेह, हार्ट अटैक के जोखिम को और बढ़ा देता है।

उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड का स्तर – खराब” कोलेस्ट्रॉल का एक उच्च स्तर धमनियों के संकीर्ण होने की संभावना बढ़ा देता है जिससे हार्ट अटैक की संभावना बढ़ती है।

मोटापा –  मोटापा उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर, उच्च ट्राइग्लिसराइड के स्तर, उच्च रक्तचाप और मधुमेह के साथ जुड़ा होता है। हालांकि, आपके शरीर के वजन को सिर्फ 10 प्रतिशत कम करने पर इस जोखिम को कम किया जा  सकता है।

मधुमेह – हाई शुगर होने पर हार्ट अटैक  पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

पारिवारिक इतिहास –  यदि आपके परिवार में हार्ट अटैक का इतिहास रहा है तो आपको इसके होने की संभावना अधिक होती है।

शारीरिक गतिविधि का अभाव – निष्क्रिय होना उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर और मोटापे में योगदान देता है। जो लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, उनमें हृदय की फिटनेस बेहतर होती है।

तनाव – अधिक तनाव दिल के दौरे के खतरे को बढ़ा सकता हैं।

अवैध/गलत दवा का उपयोग – उत्तेजक दवाओं का उपयोग करना, जैसे कोकीन या एम्फ़ैटेमिन, आपकी कोरोनरी धमनियों के ऐंठन को ट्रिगर कर सकता है जो हार्ट अटैक  पड़ने का कारण बन सकता है।

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हार्ट अटैक (Heart Attack) का इलाज:

हार्ट अटैक  पड़ने से बचने के लिए कदम उठाने में कभी देर नहीं की जानी चाहिए।

मेडकॉर्ड्स (MedCords) डॉक्टर के अनुसार जानें हार्ट अटैक को कैसे रोका जा सकता है:

दवाएं – दवाएं लेने से हार्ट अटैक के जोखिम को कम किया जा सकता है और आपके क्षतिग्रस्त दिल की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। अपने चिकित्सक द्वारा बताई गई दवाओं को लेना जारी रखें, और अपने चिकित्सक से पूछें कि आपको कितनी बार निगरानी करने की आवश्यकता है।

जीवनशैली –  एक स्वस्थ जीवनशैली व सही वजन बनाए रखें, धूम्रपान न करें, नियमित रूप से व्यायाम करें, योग करें, तनाव पर नियंत्रण करें, साथ ही गंभीर बीमारीयों जैसे उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह होने की स्थिति में अधिक सतर्क रहे।

अपने दिल को स्वस्थ रखें व सक्रीय रहें और एक बेहतर जीवनयापन करें।

यदि आप में या आपके परिवार के किसी सदस्य में हार्ट अटैक (Heart Attack) के लक्षण दिख रहे हैं, तो आज ही हमारे टोल फ्री नंबर +91-781-681-1111 पर कॉल करें और नज़दीकी सेहत साथी के पास जा कर एक्सपर्ट डॉक्टर से सलाह लें। याद रहे की लक्षण गंभीर होने पर घरेलु इलाजों पर निर्भर न रहें और जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लें।

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