Health Benefits Of Harad: हरड़ के सेवन से यौन समस्याओं के साथ बवासीर का भी इलाज

Harad Benefits in Hindi

Harad Benefits: हरड़ के कई फायदे होते हैं। आयुर्वेद में हरड़ या हरीतकी (Harad) एक ऐसी औषधि है जो स्वास्थ के लिए बहुत असरकारी मानी गई है। 

हरड़ को यौन जीवन को सुखद बनाने और यौन जीवन (Sex Life) से जुड़ी समस्‍याओं को हल करने के काफी अच्‍छा माना जाता है। हरड़ का इस्तेमाल बुखार, पेट फूलना, उल्टी, पेट गैस और बवासीर जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में किया जाता है। 

हरड़ को हरीतकी भी कहा जाता है। हरीतकी, टर्मिनलिया चेबुला पेड़ के सूखे फल को कहा जाता है।  हरीतकी (Haritaki) का वानस्पतिक या वैज्ञानिक नाम टर्मिनालिया केबुला (Terminalia Chebula) है। इसे हरद, कदुक्‍कई, कराकाकाया, कदुक्‍का पोडी, हर्रा के नामों से भी जाना जाता है। 

क्या होते हैं Harad या हरीतकी के फायदे (Haritaki Benefits)

  • हरड़- (Harad)
  • हरड़ के नुकसान 
  • हरड़ बहेड़ा आँवला (त्रिफला चूर्ण) How to make triphala churn
  • काली हरड़ के फायदे Benefits of Black harad 
  • हरड़ का चूर्ण (Harad ka churn)
  • हरड़ का चूर्ण बनाने की विधि (How to make harad churn in Hindi)
  • हरड़ का मुरब्बा

1. उलटी आने पर फायदेमंद है हरड़ या हरीतकी – Harad For Nausea And Vomiting 

Remedies For Nausea And Vomiting: हरड़ का इस्तेमाल करने से उलटी की समस्या में राहत मिलती है। 

Harad Benefits in Hindi: हरड़ का इस्तेमाल करने से उलटी की समस्या में राहत मिलती है। अगर आपका जी मिचला रहा है और उलटी जैसा मन हो रहा है तो हरड़ आपके काम आ सकती है। कहीं बाहर घूमने जाने से पहले अगर आप बेचैनी या उबकाई महसूस कर रहे हैं तो हरड़ पाउडर को शहद के साथ मिलाकर खाने से उलटी रुकने में मदद मिलती है। (और पढ़ें- एसिडिटी, जी मिचलाना और अल्सर |)

2. बवासीर में हरड़ का इस्तेमाल फ़ायदेमंद – 

बवासीर के रोगियों के लिए हरड़ इस्तेमाल फ़ायदेमंद साबित हो सकता है। बवासीर को पाइल्स भी कहा जाता है।यह मलद्वार या गुदा के चारों तरफ की नसों के फूलने या उन पर सूजन आ जाने से होता है। इसमें गुदा पर मस्से जैसे उभार हो जाते हैं, जो मलत्याग करते समय दर्द का अहसास कराते हैं। कैसे करें हरड़ का इस्तेमाल- हरड़ को गर्म पानी में उबाल लें फिर इसे थोड़ा ठंड़ा होने के बाद इसका सेवन करें। (और पढ़ें- बवासीर से घर बैठे पाएं निजात | PILES TREATMENT) गिलोय के फायदे, औषधीय गुण और सेवन का तरीका |

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3. पाचन शक्ति में हरड़ का इस्तेमाल फायदेमंद- Harad For Digestion

Harad Benefits in Hindi: पाचन क्रिया को मजबूत बनाने का काम करता है। हरड़ के सेवन से गैस, अपचन की समस्यां से भी निजात मिलती है। कैसे करें हरड़ का सेवन- हरड़ को आधा कप पानी में मिलाकर पीने से पाचन संबंधि समस्याएं खत्म हो जाती है। (और पढ़ें- पाचन क्रिया को सही रखने वाले सप्लीमेंट्स )

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4. दस्त में हरड़ का इस्तेमाल फायदेमंद – Remedies For Loose Motion

Harad Benefits in Hindi: अगर किसी को दस्त की समस्यां है तो उसे हरड़ की चटनी बना के खिलानी चाहिए। कच्चे हरड़ की चटनी बना के दिन में 3-4 बार खाने से दस्त की समस्या खत्म हो जाती है। (और पढ़ें- LOOSE MOTION | लूज़ मोशन या दस्त कैसे बन सकते है ख़तरा, जानें! )

5. सूजन में हरड़ का इस्तेमाल फ़ायदेमंद – 

सूजन संबंधित समस्याओं में हरड़ का सेवन करने से आराम मिलता है। शरीर की सूजन जैसी समस्याओं में हरड़ को गोमूत्र में मिलाकर इस्तेमाल फ़ायदेमंद हो सकता है। (और पढ़ें- योनी में सूजन? जानें कारण और घरेलू उपाय )

6. यौन समस्याओं – Sexual Health

यौन समस्याओं के लिए भी हरड़ का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अधिक समय तक हरड़ का सेवन करने से नुकसान भी हो सकता है। हरड़ यौन ऊर्जा को बढ़ा देता है. इसके लिए आपको रोजाना 1 से 2 ग्राम हरड़ एक महीने तक खाना होता है। (और पढ़ें- जानिए इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या होता है और इरेक्टाइल डिसफंक्शन समाधान )

त्रिफला चूर्ण बनाने की विधि-हरड़ बहेड़ा आँवला (How to make triphala churn)

हरड़, बहेड़ा, आंवला के सूखे फूलों के पिसे हुए मिक्स चूर्ण को त्रिफला कहते हैं। त्रिफला चूर्ण बनाने के लिए हरड़, बहेड़ा और आंवले का अनुपात लेना होता है। अगर हरड़ 100 ग्राम है तो बहेड़ा 200 ग्राम और आंवला 400 ग्राम लेना चाहिए। तीनों फलों को पीसकर बारीक चूर्ण बना लें और चलनी से छान कर किसी शीशे में रख दें। (पढ़ें- आंवला है आपके लिए अमृत के समान | )

चूर्ण का इस्तेमाल (How to use triphala churn)

चूर्ण का इस्तेमाल सुबह के समय करना चाहिए। 

अगर कोई 25 वर्ष का है तो वह 25 रत्ती की मात्रा में चूर्ण का सेवन करें।

इस चूर्ण का इस्तेमाल आमतौर पर कब्ज दूर करने के लिए होता है।

मगर इसका इस्तेमाल आपकी त्वचा के लिए अमृत है।

सर्दियों में त्रिफला को सौंठ के साथ खाने से लाभ मिलता है।

त्रिफला चूर्ण के यह भी फायदे हैं

  • -स्वास रोगियों को अस्थमा में आराम देता है
  • -इसके सेवन से फैट गलता है
  • मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी है
  • प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए
  • -एंटी ऑक्सीडेंट गुण होने के कारण इसके इस्तेमाल से उम्र का असर त्वचा पर नहीं दिखता
  • -रक्त को साफ़ करने का आसान तरीका
  • -सिरदर्द से परेशान रहते हैं तो इसका इस्तेमाल शुरू कर दें
  • आँखों की रोशनी बढ़ाती है
  • मुंह की दुर्गन्ध को दूर करता है यह चूर्ण
  • शरीर में खून बढ़ाता है

ध्यान रखें, (triphala churn Ke Nuksan)

त्रिफला चूर्ण अधिक खाने से अनिद्रा की बीमारी भी हो सकती है

गर्भवती महिला त्रिफला चूर्ण का इस्तेमाल न करें

त्रिफला चूर्ण की मात्रा आवश्यकता से अधिक लेने पर डायरिया होने का डर

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