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बालों के झड़ने से बचाने की होमियोपैथिक दवाएं: Homeopathic Medicine in Hindi:

बालों के झड़ने से बचाने की होमियोपैथिक दवाएं: Homeopathic Medicine in Hindi:

Homeopathic Medicine in Hindi: बाल सौंदर्य के लिए बहुत जरूरी है, बालों के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहता। आज के समय में लोगों में बालों की मुख्य समस्या है बाल सफ़ेद होना, बाल झड़ना, रूसी (dandruff) होना, गंजापन, बालों का पतला होना, जूं होना आदि। आइयें इनके कारणों के बारे में जानें जिनके लिए आप होमियोपैथिक दवाएं लें सकते है।

1)हार्मोन्स का असंतुलन
2) शैंपू का अत्याधिक प्रयोग
3) हेयर डाई का इस्तेमाल
4) प्रदूषण
5) तनाव या चिंता
6) लंबी बीमारी
7) खून की कमी

थायराइड हॉर्मोन यदि कम मात्रा में स्रावित होते है तो बालों का सफ़ेद होना, झड़ना, गंजापन, आदि समस्या शुरू हो जाती है।

रूसी (Dendruff):

रूसी की समस्या आज 90% लोगों को है। तरह-तरह के शैंपू, तेल का उपयोग करने पर पूरी तरह से छुटकारा नहीं मिल पाता। कई बार रुसी रोधी (anti-dendruff) शैंपू का उपयोग करने पर रुसी नहीं जाती, जबकि बाल झड़ने लग जाते है।

1) सूखी रूसी (dry dandruff)।
2) तर रूसी (wet dandruff)।
3) सफ़ेद रूसी (white dandruff)।
रूसी में सिर में बहुत ज्यादा खुजली भी हो सकती है।

रुसी को दूर करने के लिए होमियोपैथिक दवाएं:

आर्स-ऐल्बम (Ars-Alb), थूजा (Thuja), सीपिया (Sepia), काली-म्यूर (Kali mur), ग्रेफाइटिस(Grapht) आदि यह रुसी दूर करने की कुछ होमियोपैथिक दवाएं है।

रुसी (Dendruff):

बालों का झड़ना (Hair fall):
रूसी के साथ बालों के झड़ने की समस्या बढ़ जाती है। बाल झड़ने के कई कारण होते है और बालों का झड़ना भी कई प्रकार का हो सकता है जैसे:

1) साधारण तौर पर बाल झडना।
2) सिर के साथ-साथ भौहों (eye brows), मूछों के बाल, प्रजनन अंग (genital organs) के बाल झड़ना।
3) रूसी के कारण बाल झड़ना।
4) कंघे में बालों के गुच्छे आ जाना।
5) गर्भावस्था (pregnancy) के बाद बाल झड़ना।
6) बालों की जड़ कमजोर होने के कारण बाल झड़ना।
7) कुपोषण (malnutrition) के कारण बाल झड़ना।
8) सिर के बालों का आगे से झड़ना, बीच से झड़ना, दोनों साइड से झड़ना आदि
9) बाल झड़ने के बाद फिर न आना

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बालों का झड़ना रोकने के लिए होमियोपैथिक दवाएं:

ऐसिड-फ्लोर(Acid –Flor), आर्स-ऐल्बम(Ars-Alb), सेलेनियम(Selenium), नेट्रम-म्यूर(Nat-mur),  थायरोईडीनम(Thyroidinum) आदि।

बाल सफ़ेद होना  

आजकल बाल सफ़ेद होना युवाओं में भी आम बात हो गई है, आजकल यह सिर्फ बुढ़ापे तक सीमित नहीं रह गई है। होम्योपथिक दवा से सफ़ेद बाल काले नहीं होते। लेकिन उम्र पूरी होने के बाद सफ़ेद बाल गिर जाते है और नए बाल काले आते है। आइये जानते है बाल सफ़ेद होने के कारण:

1) बाल झड़ने के साथ-साथ सफ़ेद होना
2) बुढापे में कमजोरी के कारण बाल सफ़ेद होना
3) हॉर्मोन्स का असंतुलन होने के कारण बाल सफ़ेद होना
4) कम उम्र में बाल सफ़ेद होना
5) लंबी बीमारी के बाद बाल सफ़ेद होना
6) हेयर डाई के कारण बाल सफ़ेद होना
7) शैंपू का अत्याधिक प्रयोग करने के कारण बाल सफ़ेद होना
8) तनाव या चिंता के कारण बाल सफ़ेद होना

बाल सफ़ेद होने से बचाने के लिए होमियोपैथिक दवाएं:

थायरोईडीनम (Thyroidinum), लायकोपोडियम(Lycopodium), नेट्रम-म्यूर (Nat-mur), एलुमिना(Alumina), ऐसिड-फॉस(Acid-Phos) आदि।

गंजापन

गंजापन बालों की प्रमुख समस्या बन गई है। यह पहले के समय में अधेड़ व अधिक उम्र के पुरुषों में पाया जाता था, परन्तु आजकल यह युवाओं में सामान्य रूप में देखा जाता है। 30 साल की उम्र के पश्चात गंजेपन की समस्या शुरू हो जाती है।

  1. सम्पूर्ण गंजापन
  2. सिर के पार्श्व (lateral side)के भागों में गंजापन
  3.  सिर के शीर्ष (Top of the head) भाग का गंजापन
  4. सिर व दाढ़ी पर चकत्ते में गंजापन

गंजापन दूर करने के होमियोपैथिक दवाएं:

लायकोपोडियम (Lycopodium), सिलिसिया(Silicea), ग्रेफाइटिस(Grapht), बराईटा-कार्ब (Baryta-carb), फेरम-फोस (Ferr-Phos) आदि।

बालों का रूखापन( dryness of hair):

बालों की एक समस्या में यह भी शामिल है। बहुत से लोगों के बाल बहुत रूखे होते हैं, जिसके कारण बाल हमेशा उलझे रहते हैं और जल्दी-जल्दी टूटते हैं।

बालों का रूखापन दूर करने के लिए होमियोपैथिक दवाएं:

काली-कार्ब (Kali –carb), ग्रेफाइटिस (Grapht) आदि।

तैलीय बाल (oily hair):

कुछ लोगों के बाल इतने तैलीय होते हैं कि उनको रोज बाल धोने पड़ते हैं, जिसके कारण बाल बहुत कमजोर हो जाते हैं और टूटने लगते हैं।

तैलीय बालों के लिए होमियोपैथिक दवाएं:

थूजा (Thuja), नेट्रम-म्यूर (Nat –mur)

बालों में जूं होना(lice);

अक्सर बच्चों के बालों में जूं हो जाती है और जूं नाशक शैंपू का उपयोग करने पर बाल ख़राब होने लगते हैं, लेकिन होम्योपैथिक दवा से जूं की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

बालों में जू होने से बचाने की होमियोपैथिक दवाएं:

स्टेफीसेग्रिया(Staphy), सोरिनम(Psorinum) आदि।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐपडाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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