गैस एसिडिटी और एसिडिटी का इलाज

आजकल हमारा खानपान ऐसा है कि पेट में गैस बनना और एसिडिटी होना आम बात हो गयी है। सर्दियों में हमे तली भुनी चीज़े नहीं खानी चाहिए इससे एसिडिटी के रूप में पेट में या सीने में दर्द हो सकता है।

एसिडिटी के लक्षण:

  • अगर बिना खाए आपका पेट भरा हुआ लग रहा है या भूख नहीं लग रही है तो आपको एसिडिटी हो सकती है।
  • खाने का हजम न होना भी एसिडिटी का लक्षण हो सकता है और इसके साथ ही उल्दी और दस्त भी हो सकते है।
  • आपकी सांस में बदबू आना भी इसका लक्षण हो सकता है।
  • अगर आपको पेट फूला हुआ लग रहा है तो आपको एसिडिटी हो सकती है।

पेट की गैस या एसिडिटी के घरेलू उपाय:

अदरक पाचनक्रिया को बेहतर बनाएं: डाइजेशन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पदार्थों में सबसे अच्छा है अदरक। जिससे पाचन क्रिया में मदद मिलती है और यह सूजन और सीने में जलन रोकता है। खाना खाने के बाद अदरक और नीबू की कुछ बूदों के मिश्रण का एक घूंट आपको कई परेशानियों से दूर रख सकता है।

पाचनतंत्र को बेहतर बनाने वाला सौफ: सौंफ में मौजूद तत्व पेट की गैस कम करने और पाचन क्रिया को सुधारने में मदद करते है। इसे चबाने से या चाय में डालकर लेने से पाचन क्रिया सक्रिय होती है, जिससे सीने में जलन, पेट और आंत की समस्याओं का निदान होता है। एक तरफ यह मुँह को फ्रेश रखने का भी काम करता है और एक तरफ यह पाचनक्रिया को भी अच्छा करता है।

पेट के लिए अच्छा है जीरा: जीरा का सेवन करने से आग्नाशय के विभिन्न तत्वों का स्राव होने लगता है। इसमें कई पोषक तत्व होते है आप इसे तलकर दूध, दही, शिकंजी, सलाद या सूप में पीसकर भी ले सकते है।

दूध से बनी चीज़े खाएं और पाचन तंत्र को अच्छा बनाएं: प्रोबायोटिक ऐसे सूक्ष्म जीव होते है, जो कई बीमारियों को दूर करते है। इनका सेवन करने से पाचन तंत्र और प्रतिरोधी तंत्र मजबूत होते है। इन्हें लेने से मूत्राशय संक्रमण, त्वचा संबंधी रोग और सर्दी में का निदान होता है। हम लोग इन्हें दही, केफिर (दूध उत्पाद) और कोम्बुच (एक तरह की ब्लैक टी) के रूप में ले सकते है।

इलायची है मददगार: इलायची खाने की आदत आपको एसिडिटी से बचाए रखने में मदद करती है। जब भी आपको एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या हो, तो एक से दो इलायची को मुंह में रखकर चूसते रहे।

तुलसी है मददगार: तुलसी न केवल एसिडिटी में लाभदायक है बल्कि मानसिक और अन्य शारीरिक रोगों में भी बेहद प्रभावी औषधी है। खाने के बाद तुलसी के कुछ पत्तों को चबाएं या फिर गर्म पानी में डालकर इसका सेवन करें।

पुदीना है मददगार: पुदीना हमेशा से ही पेट और पाचन की समस्याओं के लिए फायदेमंद रहता है। मसालेदार भोजन से पेट में होने वाली जलन, पुदीने के पत्तों को चबाने से शांत होगी, या फिर पानी में नींबू और पि‍सी हुई पुदीना पत्ती को काले नमक के साथ मिलाकर पिएं।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा आयु ऐप (AAYU App) पर डॉक्टर से संपर्क करें.

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