कोलेस्ट्रॉल घटाने वाले फूड्स | Daily Health Tip | Aayu App

cholestrol

फाइबर को कोलेस्ट्रॉल कम करने में लाभदायक माना जाता है जो स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद करता है।

Fibre is known to lower cholestrol which reduces risk of stroke.

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कोलेस्ट्रॉल क्या है?

कोलेस्ट्रॉल एक तरह का फैटयुक्त तत्व है, जिसका उत्पादन लिवर करता है। यह कोशिकाओं की दीवारों, नर्वस सिस्टम के सुरक्षा कवच और हॉर्मोन्स के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। यह प्रोटीन के साथ मिलकर लिपोप्रोटीन बनाता है, जो फैट को खून में घुलने से रोकता है। हमारे शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल होते है:

  1. एचडीएल (हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन, अच्छा कोलेस्ट्रॉल)
  2. एलडीएल (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन, बुरा कोलेस्ट्रॉल)

एचडीएल यानि अच्छा कोलेस्ट्रॉल काफी हल्का होता है और यह ब्लड वेसल्स में जमे फैट को अपने साथ बहाकर ले जाता है। बुरा कोलेस्ट्रॉल यानि एलडीएल ज्यादा चिपचिपा और गाढा होता है। अगर इसकी मात्रा अधिक हो तो यह ब्लड वेसल्स और आर्टरी की दीवारों पर जम जाता है, जिससे खून के बहाव में रुकावट आती है। इसके बढने से हार्ट अटैक, हाई ब्लडप्रेशर और ओबेसिटी जैसी समस्याएँ हो सकती है।

कोलेस्ट्रॉल की जांच के लिए लिपिड नामक ब्लड टेस्ट करवाया जाता है। किसी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में कुल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 200 मिग्रा./डीएल से कम, एचडीएल 60 मिग्रा./डीएल से अधिक और एलडीएल 100 मिग्रा./डीएल से कम होना चाहिए। अगर आप अपने खानपान को सही रखते है तो आप बढ़ते हुए कोलेस्ट्रॉल से नियंत्रण पा सकते है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली चीज़ें:

ड्राई फ्रूट्स: बादाम, अखरोट और पिस्ते में पाया जाने वाला फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन्स बुरे कोलेस्ट्रॉल को घटाने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढाने में सहायता करते है। इनमें मौजूद फाइबर देर तक पेट भरे होने का एहसास दिलाता है। इससे व्यक्ति फैटयुक्त स्नैक्स के सेवन से बचा रहता है।

कितना खाएं: एक दिन में 5-10 दाने

ध्यान रखने वाली बात: घी-तेल में भुने और नमकीन मेवों का सेवन ना करें। इससे हाई ब्लडप्रेशर की समस्या हो सकती है। बादाम-अखरोट को पानी में भिगोकर और पिस्ते को छील कर खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। पानी में भिगोने से बादाम-अखरोट में मौजूद फैट कम हो जाता है और इसमें विटमिन-ई की मात्रा बढ जाती है। अखरोट से एलर्जी होने पर इसके सेवन से बचें। शारीरिक श्रम ना करने वाले लोग अधिक मात्रा में बादाम ना खाएं। इससे मोटापा बढ सकता है।

लहसुन: लहसुन में कई तरह के एंजाइम्स पाए जाते है, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार साबित होते है। लहसुन के नियमित सेवन से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर 9 से 15 प्रतिशत तक घट सकता है। यह हाई ब्लडप्रेशर को भी नियंत्रित करता है।

कितना खाएं: प्रतिदिन लहसुन की दो कलियां छीलकर खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

ध्यान रखें: सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाना ज्यादा अच्छा रहता है। अगर किसी को लहसुन से एलर्जी है तो लहसुन ना खाएं।

ओट्स: ओट्स में मौजूद बीटा ग्लूकॉन नामक गाढा चिपचिपा तत्व हमारी आंतों की सफाई करते हुए कब्ज की समस्या दूर करता है। इसकी वजह से शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल का अवशोषण नहीं हो पाता। नियमित रूप से ओट्स का सेवन किया जाए तो कोलेस्ट्रॉल के स्तर में 5 प्रतिशत तक कमी ला सकते है।

कितना खाएं: एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 3 ग्राम बीटा ग्लूकॉन की जरूरत होती है। अगर रोजाना एक कटोरी ओट्स या 2 स्लाइस ओट्स ब्रेड का सेवन किया जाए तो हमारे शरीर को पर्याप्त मात्रा में बीटा ग्लूकॉन मिल जाता है।

ध्यान रखें: ओट्स में मौजूद फाइबर और बीटा ग्लूकॉन पेट में जाकर फूलता है। कुछ लोगों को गैस की समस्या हो सकती है इसलिए जिन लोगों की पाचन शक्ति कमजोर हो, उन्हें इससे बचना चाहिए। लैक्टोज इंटॉलरेंस (दूध की एलर्जी) वाले लोगों को नमकीन ओट्स का सेवन करना चाहिए।

सोयाबीन और दालें: सोयाबीन, दालें और अंकुरित अनाज खून में मौजूद एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में लिवर की मदद करते है। यह चीजें अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढाने में सहायक होते है।

कितना खाएं: एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन 18 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। एक कटोरी दाल और एक कटोरी रेशेदार सब्जियों (बींस, भिंडी और पालक) के साथ वैकल्पिक रूप से स्प्राउट्स का सेवन पर्याप्त होता है। प्रतिदिन सोयाबीन से बनी दो चीजों का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में 5 प्रतिशत तक कटौती की जा सकती है। इसके लिए एक कटोरी उबला हुआ सोयाबीन, सोया मिल्क, दही या टोफू का सेवन कर सकते है।

ध्यान रखें: यूरिक एसिड की समस्या से ग्रस्त लोगों के लिए दालों और सोयाबीन में मौजूद प्रोटीन नुकसानदेह साबित हो सकता है। अगर आपको ऐसी समस्या है तो इन चीजों का सेवन सीमित मात्रा में करें।

नीबू: नीबू सहित सभी खट्टे फलों में ऐसे घुलनशील फाइबर पाए जाते है, जो पेट में ही बैड कोलेस्ट्रॉल को रक्त प्रवाह में जाने से रोक देते है। फलों में मौजूद विटमिन-सी रक्तवाहिका नलियों की सफाई करता है। इस तरह बैड कोलेस्ट्रॉल पाचन तंत्र के जरिये शरीर से बाहर निकलता है। खट्टे फलों में ऐसे एंजाइम्स पाए जाते है, जो मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया तेज करके कोलेस्ट्रॉल घटाने में मदद करते है।

कितना खाएं: गुनगुने पानी के साथ सुबह खाली पेट एक नींबू के रस का सेवन करें।

ध्यान रखें: बुरे कोलेस्ट्रॉल को घटाने वाली चीज़ों को अपनी डाइट में शामिल करें, लेकिन अगर आप पहले से कुछ दवाओं का सेवन कर रहे है तो बुरे कोलेस्ट्रॉल वाली चीज़ों को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें क्योंकि कुछ दवाओं के साथ इनका बहुत तेजी से केमिकल रिएक्शन होता है, जिसकी वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याएँ हो सकती है।

ऑलिव ऑयल: इसमें मौजूद मोनो अनसैचुरेटेड फैट कोलेस्ट्रॉल के स्तर को स्थिर रखने में सहायक होता है। यह ऑर्टरी की दीवारों को मजबूत करता है। इससे हृदय रोग की आशंका कम हो जाती है। यह हाई ब्लडप्रेशर और शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है।

ध्यान रखें: कुकिंग के लिए वर्जिन ऑलिव ऑयल और सैलेड ड्रेसिंग के लिए एक्सट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करना चाहिए। कुछ लोगों को इससे एलर्जी हो सकती है, ऐसी समस्या हो तो इसके बजाय फ्लैक्स सीड या राइस ब्रैन ऑयल का सेवन कर सकते है। ऑलिव ऑयल हाई ब्लडप्रेशर और शुगर को नियंत्रण में रखता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा लेने से ब्लडप्रेशर और शुगर के लेवल को कम कर देता है।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा आयु ऐप (AAYU App) पर डॉक्टर से संपर्क करें.

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