फ़ूड पॉइज़निंग के कारण लक्षण और रोकथाम के उपाय

food poisoning

फ़ूड पॉइज़निंग से बहुत सारे लोग परेशान रहते है, जिसकी वजह से उनके लिए अपने सामान्य काम करना भी मुश्किल हो जाता है। हालांकि, लोग इससे छुटकारा पाने के लिए हर तरह की कोशिश करते है, लेकिन इस परेशानी को जड़ से खत्म नहीं कर पाते है।

फ़ूड पॉइज़निंग क्या है?

फूड पॉइजनिंग खराब भोजन खाने की वजह से होती है। कुछ लोगों में यह जल्दी ठीक हो जाता है लेकिन किसी में इससे फिजिकल प्रॉब्लम भी हो सकती है।

फ़ूड पॉइज़निंग के लक्षण:

किसी को भी फ़ूड पोइज़निंग हो सकती है जिसके कई लक्षण हो सकते है। अत: यदि किसी व्यक्ति को यह लक्षण नज़र आए तो उन्हें डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ताकि इस समस्या को रोक सकें।

  • पेट दर्द होना: फ़ूड पॉइजनिंग की शुरूआत पेट दर्द से होती है। कुछ लोगों को पहली नज़र में यह सामान्य पेट दर्द लगता है लेकिन किसी भी नतीजे पर पहुँचने से पहले डॉक्टर से संपर्क करें।
  • बुखार होना: पेट दर्द के अलावा फूड पॉइजनिंग का लक्षण बुखार भी हो सकता है। इसी कारण, किसी भी व्यक्ति को बुखार नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और अपनी सेहत की जाँच करनी चाहिए।
  • उल्टी होना: यदि किसी इंसान को बार-बार उल्टी होती है, तो उसे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि यह फूड पॉइजनिंग का एक लक्षण हो सकता है।
  • सिरदर्द होना: फ़ूड पॉइजनिंग के कई मामलों में सिरदर्द हो सकता है। इसलिए सिरदर्द होने पर फ़ूड पॉइज़निंग हो सकती है।
  • कमज़ोरी महसूस होना: फूड पॉइजनिंग का एक लक्षण कमज़ोरी महसूस होना है। यदि किसी व्यक्ति को अचानक से कमज़ोरी महसूस होने लगी है तो उसे इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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फ़ूड पॉइज़निंग के कारण:

  • बैक्टीरिया के संपर्क में आना: फूड पॉइजनिंग का मुख्य कारण बैक्टीरिया के संपर्क में आना है। हालांकि, इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाइयों के खाने से संभव होता है, लेकिन फिर भी हमें अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए।
  • खराब भोजन करना: हमारे खाने-पीने का हमारी सेहत पर बहुत असर पड़ता है। यह बात फूड पॉइजनिंग पर भी लागू हो सकती है।
  • पेट संबंधी समस्याएं होना: यदि किसी व्यक्ति को पेट संबंधी समस्या हो जैसे कब्ज, गैस आदि, तो फ़ूड पोइज़निंग की समस्या बढ़ जाती है।
  • कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता होना: फूड पॉइजनिंग उन लोगों को ज्यादा होती है जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
  • जेनेटिक कारण होना: ऐसी बहुत सारी बीमारियाँ है, जिनके होने का कारण जेनेटिक होता है। इनमें फूड पॉइजनिंग भी है इसलिए यदि किसी व्यक्ति के परिवार में फूड पॉइजनिंग की बीमारी रहती है, तो उसे अपनी सेहत का बहुत ध्यान रखना चाहिए।

फ़ूड पॉइज़निंग दूर करने के घरेलू नुस्खे:

आमतौर पर, किसी भी बीमारी के लिए घरेलू नुस्खों को बेहतर विकल्प माना जाता है क्योंकि इनका मानव-शरीर पर साइड-इफेक्ट्स नहीं पड़ता। आइये जानते है फ़ूड पोइज़निंग के कुछ घरेलू नुस्खे।

  • सिरके का इस्तेमाल: फूड पॉइजनिंग के इलाज में सिरके का इस्तेमाल करना अच्छा विकल्प है। सिरके से फ़ूड पोइज़निंग में भी आराम मिलता है।    
  • अदरक का रस: अक्सर, फूड पॉइजनिंग का इलाज अदरक का रस पीकर भी किया जा सकता है।
  • दही का इस्तेमाल: यदि कोई व्यक्ति फूड पॉइजनिंग से परेशान है, तो उसे दही का इस्तेमाल करना चाहिए।
    दही पेट में ठंढक पहुँचाकर बीमारी को जल्दी से ठीक किया जाता है।
  • नींबू पानी पीना: दही का इस्तेमाल करने के अलावा फूड पॉइजनिंग में नींबू पानी पीना भी एक अच्छा विकल्प है।

आज के दौर में, शुद्ध भोजन और साफ पानी मिलना काफी मुश्किल है। इसकी वजह से हम सभी को ना चाहते हुए भी मिलावटी भोजन और पानी पीना पड़ता है, जिसकी वजह से बहुत सारी बीमारियाँ बहुत हद तक कम हो जाती है।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐप डाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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