FIGHT AGAINST 5 COMMON HEALTH PROBLEMS IN SUMMER | गर्मी की ये 5 आम समस्याएं ना बन जाए परेशानी का सबब

हर दिन पारा गर्मी के नए पायदान छू रहा है और ऐसे में ख़ुद को हीट स्ट्रोक, सनबर्न और निर्जलीकरण जैसे स्वास्थ्य ख़तरों (Health Problems in Summer) से बचाना बेहद ज़रूरी हो जाता है।

तपती दोपहरी में बाहर निकलना भी दूर्भर हो रहा है। वो लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कम होती है उन्हें गर्मी से होने वाली परेशानियां जल्दी घेर लेती है।खासकर ऐसे लोग जो अक्सर बाहर काम करते हैं उन्हें गर्मियों में पर्याप्त तरल पदार्थ पीना और हल्के कपड़े पहनने जैसे निवारक उपाय अपनाना चाहिए।

इसलिए इस गर्मी में कमर कस लें और गर्मियों में ऐसी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए तैयार रहें।

जानें गर्मियों की इन 5 परेशानियों को व उनके उपाय:

1. हीट स्ट्रोक या लू (Heat Stroke):

हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) हाइपरथर्मिया का एक गंभीर रूप है और यह शरीर द्वारा गर्मी के अत्यधिक अवशोषण के कारण होता है। ग्रीष्मकाल के दौरान हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) शरीर के तापमान को 40 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा सकता है। शरीर के तापमान में वृद्धि के साथ कई अन्य लक्षण जैसे मतली, उल्टी और सिरदर्द भी हो सकते हैं। हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) से पीड़ित व्यक्ति को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाना चाहिए, अतिरिक्त कपड़ों को हटा देना चाहिए और ठंडे पानी के छींटे मारकर या ठंडे पानी में पैर रख कर व्यक्ति के शरीर के बढ़े तापमान को कम  करने की कोशिश करनी चाहिए। गर्मियों में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं (Health Problems in Summer) में यह सबसे आम व गंभीर है।

हीट स्ट्रोक से कैसे बचें:

  • वजन में हलके और ढीले फिट वाले कपड़े पहनें ताकि हवा का पर्याप्त संचार हो।
  • शरीर को हाइड्रेट रखने।
  • शरीर का सामान्य तापमान बनाए रखें।
  • पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पिएं।
  • ठंडी जगह आराम करें।
  • आलूबुखारा, धनिया और पुदीने की पत्ती का रस और एलोवेरा जूस हीट स्ट्रोक की रोकथाम में मदद करता है, उसे लें।
  • अपने भोजन में प्याज़ को ज़रूर शामिल करें, ये आपको लू से बचाता है।
  • नींबू पानी, दही, छाछ, कैरी का पन्ना व फलों के जूस जैसे ठन्डे पेय ज़रूर पिएं।

2. निर्जलीकरण (Dehydration)

निर्जलीकरण (Dehydration) तब होता है जब शरीर से तरल पदार्थ का नुकसान, सेवन से अधिक होता है। निर्जलीकरण (Dehydration) गर्मियों की सबसे आम बीमारी है क्योंकि हम अनजाने में शरीर से बहुत सारा पानी खोते रहते हैं, या तो बहुत अधिक पसीने के कारण या पेशाब के कारण। निर्जलीकरण (Dehydration) का मुख्य लक्षण प्यास है, जो कई बार असहनीय स्तर तक जा सकता है। गंभीर निर्जलीकरण (Dehydration), सिरदर्द, उल्टी, लगातार थकावट और अत्यधिक मामलों में, दौरे और दस्त का कारण बन सकता है। गर्मियों की स्वास्थ्य समस्याओं (Health Problems in Summer) में यह अमूमन सबसे ज़्यादा देखी जाती है।

निर्जलीकरण या डिहाइड्रेशन से कैसे बचें:

  • ज़्यादा से ज़्यादा पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • हर दिन कम से कम 2 लीटर पानी पिएं।
  • प्याज का रस, छाछ और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थ भी निर्जलीकरण को रोकने में उपयोगी होते हैं।
  • कैफीन व एरेटेड ड्रिंक्स ( कोल्ड ड्रिंक्स) कम पिएं यह शरीर को जल्दी डीहाइड्रेट करती है।

3. सनबर्न (Sun Burn)

सूरज से पराबैंगनी किरणों के अत्यधिक संपर्क में आने के कारण त्वचा पर लाल चकत्ते व सूजन वाले पैच हो जाते हैं जिन्हें सनबर्न (Sun Burn)कहते हैं। सूर्य के संपर्क में आने की अवधि के आधार पर सनबर्न (Sun Burn) हल्के या गंभीर हो सकते हैं। सनबर्न को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह त्वचा के कैंसर का एक गंभीर कारक है। सनबर्न (Sun Burn) को गंभीर रूप से लाल और सूजन वाली त्वचा और प्रभावित क्षेत्र में दर्द से पहचाना जा सकता है। गंभीर सनबर्न के मामलों में रोगी में बुखार, ठंड लगना, मतली और उल्टी के लक्षण शामिल हैं। गर्मियों की समस्याओं (Health Problems in Summer) में यह भी सूची में ऊपर ही आती है।

FIGHT AGAINST HEAT STROKE | भीषण गर्मी में लू से लड़ने के प्रभावी उपाय, ज़रूर पढ़ें

सनबर्न से कैसे बचें:

  • धूप की हानिकारक यूवी किरणों से बचने के लिए कोशिश करें की ज़्यादा बाहर ना निकलें।
  • व्यावसायिक रूप से उपलब्ध सनस्क्रीन या सनब्लॉक का उपयोग करें।
  • धूप से बचने के लिए सूरज के संपर्क में आने से 15 से 30 मिनट पहले इन्हें लगाएं।
  • दोपहर में यूवी किरणों का प्रभाव अधिक होता है अतः उस समय बाहर निकलने को टालें।
  • बाहर से आने पर अगर त्वचा जल रही हो तो उस पर ठंडा पानी या बर्फ लगाएं।

4. चुभन भरी घमोरियां (Prickly Heat Rash):

अत्यधिक गर्मी में ज़्यादा पसीना आने या पसीने की ग्रंथियोंमें रुकावट से त्वचा पर बनें कांटेदार चकत्तों में तेज़ खुजली व दर्द होता है। इन्हें घमोरियां कहते हैं। यह बहुत चुभन भरी होती है। यह उन लोगों में आम हैं जिन्हें बहुत पसीना आता हैं या वो बच्चें जिनमें पसीने की ग्रंथियाँ अभी तक ठीक से विकसित नहीं हुई हैं। ये कांटेदार घमोरियां शरीर के तापमान को सही रखने वाले तंत्र को प्रभावित करती है जिससे प्रभावित व्यक्ति को खुजली, दर्द के साथ जल्दी थकान का अनुभव होने लगता है।

चुभन भरी घमोरियों से कैसे बचें:

  • अत्यधिक पसीने से बचें।
  • गर्म, नम वातावरण और अधिक शारीरिक गतिविधियों से बचना चाहिए।
  • ठन्डे पानी से दिन में 2 बार स्नान ज़रूर करें।
  • त्वचा को सूखा रखने के लिए टैल्कम पाउडर लगाएं।
  • सूती कपड़े से बने ढीले कपड़े ही पहनें।

5. पैर का संक्रमण या फुट फंगस ( Foot Infection or Foot Fungus)

पैर कवक या फुट फंगस (Foot Fungus) गर्मियों में लोगों को प्रभावित करने वाली एक और आम बीमारी है। ये पसीने या बैक्टीरिया के कारण पैरों में जमा होते हैं, खासकर गर्मियों में, पैरों के नाखूनों के पास। पैर कवक या फुट फंगस (Foot Fungus) न केवल बदसूरत दिखता है, लेकिन अगर अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो संक्रमण बढ़ सकता है। पैर कवक या फुट फंगस एक के बाद एक पैरों के नाखूनों को प्रभावित करने लगता है इसलिए इसका इलाज प्राथमिक लक्षण दिखने पर ही किया जाना चाहिए। यह गर्मियों की उन स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है जिस पर लोग शुरूआती स्तर पर अधिक ध्यान नहीं देते हैं।

पैरों के संक्रमण या फुट फंगस से कैसे बचें:

  • यह सुनिश्चित करें कि पैर में अत्यधिक पसीना न आए।
  • गर्मियों के दौरान साफ ​​जूते और मोज़े पहनना बहुत ज़रूरी हैं।
  • अपने जूते को नियमित रूप से साफ करें।
  • किसी भी कीटाणु या बैक्टीरिया से छुटकारा पाने के लिए शू सेनिटाइज़र का उपयोग करें।
  • नियमित रूप से अपने पैरों को नहाते वक़्त अच्छे से साफ़ करें।

ये 5 गर्मी की स्वास्थ्य समस्याएं (Health Problems in Summer) लगभग हर घर में देखने को मिलती है। मेडकॉर्ड्स (MedCords) विशेषज्ञ के अनुसार गर्मियों में इन समस्याओं से लड़ने के लिए कोशिश करें की आपकी पूरी तैयारी हो। लेख में बताये गए उपायों द्वारा आप लू लगने, निर्जलीकरण, घमोरियों, सनबर्न व फुट फंगस जैसी गर्मियों की समस्याओं से बच सकते हैं।  


इसी तरह के जानकारी भरे लेख पढ़ने के लिए मेडकॉर्ड्स (MedCords) के ब्लॉग पढ़ें व स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हमारे टोल फ्री नंबर +91-781-681-1111 पर कॉल करें और नज़दीकी सेहत साथी के पास जाकर हमारे एक्सपर्ट डॉक्टर से सलाह लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *