फाइब्रोमाइल्जिया क्या है? | Fibromyalgia in Hindi

Fibromyalgia in Hindi

Fibromyalgia in Hindi: फाइब्रोमाइल्जिया में शरीर की सभी छोटी-बड़ी व नाजुक हड्डियों और मांसपेशियों में तेज दर्द हो सकता है। इस बीमारी में हल्के दबाव की वजह से मरीज को दर्द महसूस होता है।

फाइब्रोमाइल्जिया क्या है?: Fibromyalgia in Hindi:

फाइब्रोमायल्जिया एक तरह का विकार है, जो मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द उत्पन्न करता है। इसमें आपको थकान होती है। इसके अलावा मस्तिष्क और नींद से संबंधित कई मुश्किलें आनी शुरू हो जाती है। शोधकर्त्ताओं का मानना है कि फाइब्रोमायल्जिया में मस्तिष्क के दर्द के संकेतों के प्रभावित होने से, इस रोग में दर्द महसूस होता है।

कई बार इसके लक्षण शारीरिक चोट, सर्जरी, संक्रमण या महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक तनाव के बाद शुरू होते है। दूसरे मामलों में, बिना किसी समस्या के भी इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते है।

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में फाइब्रोमायल्जिया विकसित होने की संभावनाएं ज्यादा होती है। फाइब्रोमायल्जिया से पीड़ित लोगों में तनाव, सिरदर्द होना , टेम्पोरोमैंडिब्यूलर ज्वांइट विकार (Temporomandibular joint disorders), आंतों से जुड़े रोग, चिंता और अवसाद भी देखा जाता है।

हालांकि फाइब्रोमायल्जिया के लिए कोई इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन अलग-अलग तरह की दवाओं से इसके लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसमें व्यायाम, विश्राम और तनाव कम करने के उपाय भी मदद कर सकते है।

फाइब्रोमायल्जिया के लक्षण: Fibromyalgia Symptoms in Hindi:

व्यापक दर्द: फाइब्रोमायल्जिया के दर्द को अक्सर एक निरंतर होने वाले हल्के दर्द के रूप में वर्णित किया जाता है जो कम से कम तीन महीने तक रहता है। व्यापक दर्द उसे माना जाता है जो आपके शरीर के दोनों तरफ और कमर के ऊपर नीचे भी हो।

थकान होना: फाइब्रोमायल्जिया से ग्रस्त लोग अक्सर सोने के बाद जब जगते है तब थका हुआ महसूस करते है, चाहे वो बहुत समय से क्यों ना सो रहे हो। इसमें नींद अक्सर दर्द से बाधित होती है और फाइब्रोमायल्जिया से ग्रस्त कई रोगियों को अन्य नींद के विकार जैसे रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम और स्लीप एपनिया होते है।

फाइब्रोमायल्जिया के कारण: Causes of Fibromyalgia in Hindi:

संक्रमण: पहले की बीमारियों से फाइब्रोमायल्जिया हो सकता है या इसके लक्षणों को बिगाड़ सकता है।

आनुवांशिक कारण: फाइब्रोमायल्जिया अक्सर अनुवांशिक होता है। यदि आपके परिवार में किसी व्यक्ति को फाइब्रोमायल्जिया है, तो इसे विकसित करने के लिए आपका जोखिम ज्यादा है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस समस्या में कुछ आनुवांशिक बदलाव भूमिका निभा सकते है , हालांकि, उन जीनों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।

आघात: शारीरिक या भावनात्मक आघात का अनुभव करने वाले लोगों को फाइब्रोमायल्जिया हो सकता है। इस स्थिति को पोस्ट ट्रोमैटिक तनाव विकार से जोड़ा जाता है।

तनाव: आघात की तरह, तनाव आपके शरीर में महीनों और वर्षों तक प्रभाव कर सकता है। तनाव को हार्मोनल गड़बड़ी से जोड़ा गया है जो फाइब्रोमायल्जिया का कारण हो सकता है।

फाइब्रोमायल्जिया से बचाव: Prevention from Fibromyalgia in Hindi:

फाइब्रोमायल्जिया को रोका नहीं जा सकता। उचित उपचार और जीवनशैली में परिवर्तन आपके लक्षणों की आवृत्ति और गंभीरता को कम करने में मदद करते है। फाइब्रोमायल्जिया से ग्रस्त लोग सिंड्रोम को रोकने के प्रयास की जगह आवृत्ति लक्षणों को रोकने का प्रयास करते है।

  • पर्याप्त नींद लें
  • भावनात्मक और मानसिक तनाव कम करें
  • नियमित व्यायाम करें
  • संतुलित आहार खाएं
  • अपने लक्षणों की निगरानी करें

फाइब्रोमायल्जिया की समस्या से परेशान है तो घर बैठे डॉक्टर से परामर्श लें

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फाइब्रोमायल्जिया का इलाज: Treatment of Fibromyalgia:

फाइब्रोमायल्जिया के उपचार का लक्ष्य होता है दर्द को प्रबंधित करना और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना। यह अक्सर आत्म-देखभाल और दवाओं के मिश्रण से किया जाता है।

दर्द निवारक:

केमिस्ट के पास मिलने वाली दर्द निवारक दवाएं, जैसे कि इबुप्रोफेन (एडविल) या एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) लिख सकते है। प्रिस्क्रिप्शन पर मिलने वाली दवाएं, जैसे कि ट्रामाडोल का प्रयोग कुछ दुर्लभ मामलों में किया जा सकता है। इन दवाओं का उपयोग साइड इफेक्ट्स और निर्भरता के जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है।

एंटीडिप्रेसेंट्स:

एंटीडिप्रेसेंट्स, जैसे ड्युलोकसेटाईन और मिल्नेसिप्रान को कभी-कभी फाइब्रोमायल्जिया से जुड़ें चिंता या अवसाद का इलाज करने में उपयोग किया जाता है। यह दवाएं नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते है।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐपडाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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