डायबिटीज में थोड़ी सी सावधानी से कर सकते है खूद का बचाव

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डायबिटीज का रोग वर्तमान समय में एक बड़ी चुनौती बन गई है. दुनियाभर में तेजी से बढ़ती इस चुनौती से जूझने और जागरुकता फैलाने के लिए हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है. वर्ल्‍ड डायबिटीज डे को अंतरराष्‍ट्रीय मधुमेह संघ और विश्‍व स्वास्‍थ्‍य संगठन ने 1991 में शुरू किया गया था. यह दिन पहली बार 1991 में मनाना शुरू किया गया था. 

25 साल में 64 फीसदी बढ़े मधुमेह के मामले

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड एवेल्यूएशन और पब्लिक हैल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया की नवंबर 2017 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 25 साल में भारत में डायबिटीज के मामलों में 64 प्रतिशत का इजाफा हुआ. 

डायबिटीज  क्यों होता है

मधुमेह मेटाबोलिक बीमारियों का एक समूह है, जिसमें खून में ग्लूकोज या ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है. ऐसा तब होता है, जब शरीर में इंसुलिन ठीक से न बने या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के लिए ठीक से प्रतिक्रिया न दें. जिन मरीजों का ब्लड शुगर सामान्य से अधिक होता है.

बड़ा खतरा

डायबिटीज के मरीजों में सबसे ज्यादा मौत हार्ट अटैक या स्ट्रोक से होती है. जो व्यक्ति डायबिटीज से ग्रस्त होते हैं उनमें हार्ट अटैक का खतरा आम व्यक्ति से काफी  ज्यादा बढ़ जाता है. शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने से हार्मोनल बदलाव होता है और कोशिशएं क्षतिग्रस्त होती हैं जिससे खून की नलिकाएं और नसें दोनों प्रभावित होती हैं. इससे धमनी में रुकावट आ सकती है या हार्ट अटैक हो सकता है. स्ट्रोक का खतरा भी मधुमेह रोगी को बढ़ जाता है. डायबिटीज का लंबे समय तक इलाज न करने पर यह आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे व्यक्ति हमेशा के लिए अंधा भी हो सकता है.

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डायबिटीज के कारण

 पानी की कमी

कम पानी पीने से शरीर में शुगर का लेवल बढ़ सकता है. जो डायबिटीज को न्योता देता है. 

 मोटापा हो सकता है कारण

मोटापा भी डायबिटीज का एक कारण है, वजन बढ़ने से कई तरह के बीमारियों से शरीर घिर जाता है. इनमें से एक डायबिटीज भी है.

 व्यायाम न करना

व्यायाम न करने से शरीर में इंसुलिन का लेवल बढ़ जाता है. डॉक्टर भी रोजाना एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं. 

कम नींद लेना

आजकल की जीवन शैली में हम लोग देर तक जागते हैं और सुबह जल्दी उठ जाते हैं जिससे हमारी नींद पूर नहीं हो पाती और डायबिटीज जैसी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं.

अनहेल्दी डाइट लेना

जंग फूड खाना, तला भुना खाना भी डायबिटीज का कारण बनता है. साथ ही देर से खाने से भी इसका खतरा बढ़ जाता है.

अनुवांशिक कारण

डायबिटीज के होने के और भी कारण है. यह अनुवांशिक भी होती है. यदि आपके परिवार के किसी सदस्य मां-बाप, भाई-बहन में से किसी को है तो भविष्य में आपको भी डायबिटीज होने की आशंका बढ़ जाती है.

डायबिटीज के लक्षण

ज्यादा थकान होना

डायबिटीज में आप खुद को थका हुआ महसूस करेंगे. तरोताजा होने पर भी आपको थकान लगेगी तो समझ लीजिए की आप मधुमेह के शिकार हैं. 

प्यास ज्यादा लगना 

अगर आपको ज्यादा प्यास लग रही है तो आपके शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ रही है. 

वजन कम होना

अगर आपका वजन तेजी से कम हो रहा है और आपको खुद को थका हुआ महसूस करें तो समझ लीजिए मधुमेह के लक्षण हैं. 

ज्यादा भूख लगना

एक नॉर्मल व्यक्ति के मुकाबले डायबिटीज के रोगी को ज्यादा भूख लगती है. साथ अगर आपको अक्सर सर्दी-खांसी जुकाम रहता है तो आप मधुमेह के लक्षण हो सकते हैं.

डायबिटीज का निदान

  • फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज :- यह टेस्ट कराने से पहले व्यक्ति को कुछ खाने के लिए मना किया जाता है या फिर खाली पेट रहने के करीब 8 घंटे बाद फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज टेस्ट किया जाता है. यह टेस्ट डायबिटीज या प्रीडायबिटीज का पता लगाने के लिए किया जाता है.
  • ओरल ग्लूकोज टॉलिरेंस टेस्ट :- यह टेस्ट भी खाली पेट किया जाता है. यह टेस्ट करने से दो घंटे पहले मरीज को ग्लूकोज युक्त पेय पदार्थ पिलाया जाता है.
  • रैंडम ग्लूकोज टॉलिरेंस टेस्ट:- इस टेस्ट में डॉक्टर मरीज के रक्त शर्करा की 4 बार जांच करते हैं. यदि आपका ब्लड शुगर लेवल दो बार सामान्य से अधिक पाया जाता है तो आपको जेस्टेशनल डायबिटीज है.

डायबिटीज से बचाव के लिए करें ये काम 

व्यायाम करें

नियमित व्यायाम करने से यह रोग दूर रहता है. वर्कआउट, एरोबिक और कार्डियो ट्रेंनिग करने से शरीर में कोशिकाओं की संवेदनशीलता बढ़ती है, जिससे मधुमेह का खतरा कम होता है.

 खूब पानी पीएं

सही मात्रा में पानी पीने के कई फायदे है लेकिन शूगर पेयों में पोषक तत्वों की कमी होती है. सोडा, जूस या स्क्वैश जैसी ट्रिंक भी डायबिटीज का खतरा बढ़ाती है. एक अध्ययन के अनुसार,  रोजाना 2 बार ज्यादा मीठी ड्रिंक का सेवन टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा 20 प्रतिशत तक बढ़ा देता है.

वजन कम करें

मोटापे से हर व्यक्ति को प्री-डायबिटीज और डायबिटीज नहीं होती लेकिन मोटापे से इसका खतरा बढ़ जाता है. अक्सर प्री-डायबिटीज के कारण लोगों के पेट की चर्बी अधिक होती है. इस तरह की फीलतू चर्बी से सरूजन और इंसुलिन प्रतिरोधकता बढ़ती है, जिससे मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है.

 धूम्रपान छोड़ें

एक अध्ययन के अनुसार, धूम्रपान करने वाले लोगों में डायबिटीज का खतरा ऐसा न करने वालों की तुलना में 20 प्रतिशत ज्यादा होता है. वहीं, घूम्रपान छोड़ने वाले लोगों में मधुमेह की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है.

प्रोसेस्ड फूड को बोलें बाय

प्रोसेस्ड फूड का सेवन सेहत के लिए हानिकारक होता है. रिफाइंड तेल, चीनी, नमक, रिफाइंड अनाज और सैचुरेटिड फैट से युकित भोजन का कम से कम सेवन करना चाहिए. मधुमेह खान-पान की गलत आदतों के कारण भी हो सकता है. एक अध्ययन के अनुसार, प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन डायबिटीज का खतरा 30 प्रतिशत तक बढ़ा देते हैं.

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